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रक्षाबंधन आज, बाजारों में रही रौनक
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 06 Aug 2017 11:38 PM IST
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राखी
- फोटो : अमर उजाला
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बहनों ने की जमकर राखी की खरीदारी, खूब बिकी मिठाई
देर रात तक गुलजार रहे बाजार, बच्चों की पसंद बनी है छोटा भीम और कार्टूनों पर बनी राखियां
भाई बहन के स्नेह के त्योहार रक्षाबंधन पर बहनों ने अपने भाइयों के लिए राखी की खरीदारी की। शहर में जगह-जगह रंग-बिरंगी राखियों से सजी दुकानें बहनों की भीड़ से भरी रहीं। खासकर तीर्थ के निकट मिल डायवर्जन रोड पर सजी राखी की दुकानों पर बहनों की खासी भीड़ रही। इसी तरह जिले के कस्बों और देहात में भी रक्षाबंधन को लेकर बाजार गुलजार रहे। राखी और मिठाई की जमकर खरीदारी हुई।
गोला गोकर्णनाथ। नगर में सजी राखी की दुकानों पर भांति भांति की रंग बिरंगी राखियां बिक रही हैं। जिसमें डबल लड़ी, जर्कन, स्टोन और रेशम से बनी राखियां बहनों की पसंद बनी हैं। वहीं छोटा भीम, हनुमान, गणेश जी के चित्र और कार्टूनों पर बनी राखियां बच्चों को लुभा रही हैं। दुकान पर इन राखियों की कीमत पांच रुपये से 100 रुपये प्रति तक है।
घोड़ों पर लादकर लाते थे राखियां
गोला गोकर्णनाथ। मिल डायवर्जन रोड पर दर्जनों राखी की दुकानें सजी हैं। जिनमें दिल्ली के सोनम फैंसी राखी, देवल राखी भंडार, दिल्ली राखी भंडार सहित कई जिलों से लोग यहां राखी की दुकानें लेकर आए हैं, जिसमें सुनील पटवा ने बताया कि पहले यहां उनके स्वर्गीय दादा श्याम बिहारी, उसके बाद पिता स्वर्गीय हेमराज के बाद अब वह राखी की दुकान लेकर यहां आ रहे हैं। वहीं पुवायां के चूड़ामणिदास(75) ने बताया कि उनसे पहले उनके पिता स्वर्गीय चेतराम यहां दुकान लेकर आते थे। वह अपने पिता के साथ घोड़े पर सामान लादकर राखी की दुकान यहां सजाते थे। उनका राखी का कारोबार पुस्तैनी है। पहले से और आज के समय में काफी परिवर्तन आ गया है।
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देर रात तक गुलजार रहे बाजार, बच्चों की पसंद बनी है छोटा भीम और कार्टूनों पर बनी राखियां
भाई बहन के स्नेह के त्योहार रक्षाबंधन पर बहनों ने अपने भाइयों के लिए राखी की खरीदारी की। शहर में जगह-जगह रंग-बिरंगी राखियों से सजी दुकानें बहनों की भीड़ से भरी रहीं। खासकर तीर्थ के निकट मिल डायवर्जन रोड पर सजी राखी की दुकानों पर बहनों की खासी भीड़ रही। इसी तरह जिले के कस्बों और देहात में भी रक्षाबंधन को लेकर बाजार गुलजार रहे। राखी और मिठाई की जमकर खरीदारी हुई।
गोला गोकर्णनाथ। नगर में सजी राखी की दुकानों पर भांति भांति की रंग बिरंगी राखियां बिक रही हैं। जिसमें डबल लड़ी, जर्कन, स्टोन और रेशम से बनी राखियां बहनों की पसंद बनी हैं। वहीं छोटा भीम, हनुमान, गणेश जी के चित्र और कार्टूनों पर बनी राखियां बच्चों को लुभा रही हैं। दुकान पर इन राखियों की कीमत पांच रुपये से 100 रुपये प्रति तक है।
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घोड़ों पर लादकर लाते थे राखियां
गोला गोकर्णनाथ। मिल डायवर्जन रोड पर दर्जनों राखी की दुकानें सजी हैं। जिनमें दिल्ली के सोनम फैंसी राखी, देवल राखी भंडार, दिल्ली राखी भंडार सहित कई जिलों से लोग यहां राखी की दुकानें लेकर आए हैं, जिसमें सुनील पटवा ने बताया कि पहले यहां उनके स्वर्गीय दादा श्याम बिहारी, उसके बाद पिता स्वर्गीय हेमराज के बाद अब वह राखी की दुकान लेकर यहां आ रहे हैं। वहीं पुवायां के चूड़ामणिदास(75) ने बताया कि उनसे पहले उनके पिता स्वर्गीय चेतराम यहां दुकान लेकर आते थे। वह अपने पिता के साथ घोड़े पर सामान लादकर राखी की दुकान यहां सजाते थे। उनका राखी का कारोबार पुस्तैनी है। पहले से और आज के समय में काफी परिवर्तन आ गया है।
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