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रक्षाबंधन पर्व : सराफा बाजार में छाईं सोने-चांदी की राखियां

Wed, 10 Aug 2022 12:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 10 Aug 2022 12:01 AM IST
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Rakshabandhan festival: Gold and silver rakhis scattered in the bullion market
सोने-चांदी की राखियां खरीदतीं बहनें।
9 एलकेएच 4,5
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रक्षाबंधन पर्व : सराफा बाजार में छाई
सोने-चांदी की राखियों की भरमार
- रंग बिरंगी राखियों से सजा बाजार, उमड़ रहे खरीदार
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। भाई-बहन के प्यार का पर्व रक्षाबंधन कल है, जिसको लेकर बहनों ने भाइयों के लिए राखी खरीदनी शुरू कर दी है। इससे बाजार काफी गुलजार है।
त्योहार को लेकर सराफा बाजार में भी रौनक बढ़ गई है। दुकानें पर सोने-चांदी की राखियां खरीदने के लिए बहनें पहुंच रही हैं। सराफा बाजार में चांदी की राखियां 400 से 1500 तक और सोने की राखियां 20 हजार से लेकर 30 हजार तक रुपये तक उपलब्ध हैं।
मेन रोड से लेकर खीरी रोड, कचहरी रोड, संकटा देवी रोड पर दर्जनों राखियों की दुकानें सज गई हैं। बहनों को रेशमी, डोरी वाली, स्टोन, फैशनेबल राखियां खूब पसंद की जा रही हैं। वहीं बच्चों के लिए कार्टून वाली राखियों की मांग अधिक है।
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बहनों को भा रहीं सोने-चांदी की राखियां
लाला काशीनाथ ज्वैलर्स के कमलेश अवस्थी बताते हैं कि त्योहार को देखते हुए सोने और चांदी की राखियों की भी मांग बढ़ी है। बहनें भाइयों के लिए इनकी खरीदरी भी कर रही हैं। बताया कि चांदी की राखियां 400 से 1500 रुपये तक है, जबकि सोने की राखी की कीमत 20 से लेकर 30 हजार रुपये तक है। वहीं बहनों को उपहार में देने के लिए भाइयों द्वारा गिफ्ट आइटम भी खूब खरीदे जा रहे हैं। इनकी कीमत दो हजार रुपये तक है।
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बच्चों की राखी- 10 से 60 रुपये तक
लेडीज लूबा- 20 से 150 रुपये तक
कपल सेट- 70 से 200 रुपये तक
स्टोन वाली राखी- 100 से 250 रुपये तक
बच्चों के लिए लाइट वाली राखी- 30 से 70 रुपये तक
लेडीज कड़े-40 से 100 रुपये तक
फैंसी डोरी- 40 से 80 रुपये तक
समय के साथ बदली पसंद
बदलते दौर के साथ पसंद और परंपरा भी बदल रही है। एक जमाना था जब सादे रेशमी धागे व सितारों से जड़ी राखी को बहन अपने भाई की कलाई पर बांधती थीं। मगर, बदलते दौर में रेशमी व सूती धागों की जगह विभिन्न प्रकार की फैंसी राखियों ने ले ली है। उधर, राखी बनाने का अंदाज भी पूरी तरह से बदल गया है। बच्चों की पसंद को देखते राखियां भी कार्टून के शक्ल में बनाई जाने लगी है।

बहनों को लुभा रहीं स्वदेशी राखियां
बाजार से इस बार चाइनीज राखियां गायब हैं। दुकानें स्वदेशी राखियों से गुलजार है। बहनों को भी स्वदेशी राखियां खूब भा रही हैं। इनमें सूती राखियों के अलावा बच्चों के लिए कार्टून वाली, लेडीज लूबा, भाई भाभी के लिए कपल सेट, स्टोन सहित अन्य तमाम तरह की राखियां दुकानों की शोभा बढ़ा रही हैं। इनकी जमकर खरीदारी हो रही है।
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