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बारिश ने तोड़े रिकार्ड, नदियां उफान पर
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 03 Mar 2015 07:51 PM IST
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सुबह हुई झमाझम बारिश के बाद मंगलवार को आसमान साफ हो गया और तेज चमकीली धूप निकल आई। सुबह घर से गर्म कपड़े पहन कर निकले लोगों को 11 बजे से ही वे भार लगने लगे।
शनिवार की रात से शुरू हुई बारिश रविवार और सोमवार को भी जारी रही। सोमवार को रात भर रिमझिम बारिश होने के बाद मंगलवार को सुबह 6.30 बजे से तेज बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। इस बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। सड़कों पर कीचड़ के कारण निकलना मुश्किल हो गया। उधर दिन में धूप निकलने के बावजूद आसमान में बादलों के टुकड़े तैरते दिखाई दिए।
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मार्च में बारिश ने बनाया रिकार्ड
शारदानगर। तेज हवाओं के साथ हुई बेमौसम बारिश से नदियां भी लबालब हो गईं हैं। शारदा बैराज के कंट्रोल रूम के मुताबिक मंगलवार को बनबसा में 60 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। जबकि खीरी के पलिया क्षेत्र में 51.2, गिरजापुरी में 49 और शारदानगर में 20.44 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। यह पहली बार है जब मार्च में इतनी बारिश हुई है।
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नदियां उफनाईं, बनबसा से छोड़ा जा रहा पानी
उत्तराख्ंाड में भारी बारिश की वजह से नदियां उफना गई हैं। बनबसा बैराज से 103 हजार क्यूसेक पानी रिलीज किया जा चुका है। सोमवार को 75 हजार और मंगलवार को 28 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से खीरी की नदियां उफान पर हैं।
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आंधी ने फसलों को बर्बाद किया
दो दिनों से हो रही बारिश के बाद सोमवार रात को यहां आंधी के साथ हुई तेज बारिश ने बची-खुची फसलों को और बर्बाद कर दिया। गोला, मैलानी, पलिया, निघासन, धौरहरा, मोहम्मदी, बांकेगंज, मझगईं, ममरी में फसलों का नुकसान होने के साथ आम की फसल को भारी क्षति हुई है।
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भट्ठा व्यवसाइयों को हुआ नुकसान
मितौली। बेमौसम बरसात के चलते भठ्ठा व्यवसाइयों को भी काफी क्षति हुई है। भट्ठे पर ईंटों की कीमत बढ़ा दी गई है। भट्ठा स्वामी उपेंद्र ने बताया कि बेमौसम हुई बरसात ने कमर तोड़ दी है।
ओलावृष्टि से पीड़ित किसानोें को मुआवजा
लखीमपुर खीरी। बारिश और ओलावृष्टि प्रभावित किसानों के लिए राहत भरी खबर है उन्हें नुकसान के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। सीएम के निर्देश के बाद जिले में भी पीड़ित किसानों का सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। एडीएम हरिकेश चौरसिया ने सभी तहसीलों से दो दिन में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है।
बता दें कि शनिवार की रात से रूक-रूक कर हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें तबाह हो गई हैं। खासकर गेहूं, सरसों, चना और मसूर की फसलों को काफी नुकसान होने का अनुमान है। कृषि विभाग ने 15 से 20 फीसदी तक फसलों को नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट शासन को भेजी है। वहीं सीएम अखिलेश यादव के फरमान के बाद राजस्व विभाग के अधिकारी तबाही के आंकड़ों का आकलन करने में जुट गए हैं। एडीएम हरिकेश चौरसिया ने सभी तहसीलों के एसडीएम को निर्देश जारी कर प्रभावित किसानों की रिपोर्ट दो दिन में मांगी है। फसलों के नुकसान का जायजा लेने के लिए लेखपाल, राजस्व निरीक्षकों को लगाया गया है। एडीएम हरिकेश चौरसिया ने बताया कि फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। सभी तहसीलों से रिपोर्ट आने के बाद वास्तविक नुकसान का आंकलन किया जाएगा। इसके बाद राहत आयुक्त के निर्देशानुसार वितरण कराया जाएगा।
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शनिवार की रात से शुरू हुई बारिश रविवार और सोमवार को भी जारी रही। सोमवार को रात भर रिमझिम बारिश होने के बाद मंगलवार को सुबह 6.30 बजे से तेज बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। इस बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। सड़कों पर कीचड़ के कारण निकलना मुश्किल हो गया। उधर दिन में धूप निकलने के बावजूद आसमान में बादलों के टुकड़े तैरते दिखाई दिए।
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मार्च में बारिश ने बनाया रिकार्ड
शारदानगर। तेज हवाओं के साथ हुई बेमौसम बारिश से नदियां भी लबालब हो गईं हैं। शारदा बैराज के कंट्रोल रूम के मुताबिक मंगलवार को बनबसा में 60 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। जबकि खीरी के पलिया क्षेत्र में 51.2, गिरजापुरी में 49 और शारदानगर में 20.44 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। यह पहली बार है जब मार्च में इतनी बारिश हुई है।
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नदियां उफनाईं, बनबसा से छोड़ा जा रहा पानी
उत्तराख्ंाड में भारी बारिश की वजह से नदियां उफना गई हैं। बनबसा बैराज से 103 हजार क्यूसेक पानी रिलीज किया जा चुका है। सोमवार को 75 हजार और मंगलवार को 28 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से खीरी की नदियां उफान पर हैं।
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आंधी ने फसलों को बर्बाद किया
दो दिनों से हो रही बारिश के बाद सोमवार रात को यहां आंधी के साथ हुई तेज बारिश ने बची-खुची फसलों को और बर्बाद कर दिया। गोला, मैलानी, पलिया, निघासन, धौरहरा, मोहम्मदी, बांकेगंज, मझगईं, ममरी में फसलों का नुकसान होने के साथ आम की फसल को भारी क्षति हुई है।
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भट्ठा व्यवसाइयों को हुआ नुकसान
मितौली। बेमौसम बरसात के चलते भठ्ठा व्यवसाइयों को भी काफी क्षति हुई है। भट्ठे पर ईंटों की कीमत बढ़ा दी गई है। भट्ठा स्वामी उपेंद्र ने बताया कि बेमौसम हुई बरसात ने कमर तोड़ दी है।
ओलावृष्टि से पीड़ित किसानोें को मुआवजा
लखीमपुर खीरी। बारिश और ओलावृष्टि प्रभावित किसानों के लिए राहत भरी खबर है उन्हें नुकसान के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। सीएम के निर्देश के बाद जिले में भी पीड़ित किसानों का सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। एडीएम हरिकेश चौरसिया ने सभी तहसीलों से दो दिन में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है।
बता दें कि शनिवार की रात से रूक-रूक कर हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें तबाह हो गई हैं। खासकर गेहूं, सरसों, चना और मसूर की फसलों को काफी नुकसान होने का अनुमान है। कृषि विभाग ने 15 से 20 फीसदी तक फसलों को नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट शासन को भेजी है। वहीं सीएम अखिलेश यादव के फरमान के बाद राजस्व विभाग के अधिकारी तबाही के आंकड़ों का आकलन करने में जुट गए हैं। एडीएम हरिकेश चौरसिया ने सभी तहसीलों के एसडीएम को निर्देश जारी कर प्रभावित किसानों की रिपोर्ट दो दिन में मांगी है। फसलों के नुकसान का जायजा लेने के लिए लेखपाल, राजस्व निरीक्षकों को लगाया गया है। एडीएम हरिकेश चौरसिया ने बताया कि फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। सभी तहसीलों से रिपोर्ट आने के बाद वास्तविक नुकसान का आंकलन किया जाएगा। इसके बाद राहत आयुक्त के निर्देशानुसार वितरण कराया जाएगा।