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तेज हवा के साथ हुई बारिश, ओले गिरे, फसलें चौपट

Fri, 04 Feb 2022 01:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 04 Feb 2022 01:52 AM IST
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Rain accompanied by strong wind, hail fell, crops destroyed
लखीमपुर खीरी में दोपहर में अंधेरा छाने के कारण हेडलाइट जलाकर चलते वाहन।
आज भी होगी बारिश, दस साल में पहली बार फरवरी में ऐसा बना है मौसम
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कृषि वैज्ञानिकों ने गेहूं और गन्ने की फसल के लिए बारिश फायदेमंद बताई
लखीमपुर खीरी। एक दिन बाद वसंत पंचमी है, लेकिन जनपद में मौसम के तेवर नर्म नहीं पड़े हैं। बृहस्पतिवार को सुबह धूप निकलने के बाद बादल छाने के साथ तेज हवाएं चलीं। सुबह में हल्की और शाम को तेज बारिश हुई तो वहीं बेहजम, मितौली समेत कई जगहों पर ओले गिरने से फसलों को नुकसान हुआ है। तेज हवा चलने के कारण सरसों की फसल खेतों में गिर गई। हालांकि इससे गन्ने और गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी बिजली कड़कने के साथ तेज हवा चलने व बारिश होने की संभावना जताई है।
बृहस्पतिवार को सुबह से बादल छाए और बारिश हुई। तेज हवा के कारण पतझड़ हुआ। बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। सरसों और तोरिया की फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन कम होने की आशंका बढ़ गई है। वहीं गेहूं और गन्ने की फसल के लिए बारिश फायदेमंद साबित हुई है। किसानों को सिंचाई के लिए डीजल खरीदने से मुक्ति मिल गई है।
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बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से बृृहस्पतिवार को बादल छाने के साथ बारिश हुई। कुछ जगहों पर ओले गिरे हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी बादल छाएंगे और बारिश होगी। शनिवार को बादल छाने के साथ ही धूप निकलने की संभावना रहेगी।
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गोला गोकर्णनाथ। बृहस्पतिवार की सुबह आसमान में छाए बादलों के बीच एकाएक वर्षा के साथ फूलों की बौछार पड़नी शुरू हो गई। इससे मौसम में गलन बढ़ गई। वही क्षेत्र के कुकरा, रोशननगर, बाबरपुर, लखैया, सेखवापुर, रामपुर, अलीगंज, बग्घुन, बसतौली, भीखमपुर आदि गांवों के किसान सरसों, मसूर की तैयार फसलों को फूलों से नुकसान को लेकर चिंतित दिखे।
मोहम्मदी। ओलावृष्टि होने से ठंड बढ़ गई है। तेज हवा के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई। किसान अमित, राघवेन्द्र, सचिंद्र, राजेंद्र सिंह कहते हैं कि ओलावृष्टि से सरसों व आलू की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
बेहजम। पहले तेज पुरवाई हवा चलने लगी, कुछ ही देर बाद हवा के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे बेहजम क्षेत्र के किसानों को भारी नुक़सान हुआ। किसान कौशल ने बताया कि इस भयावह बारिश और ओला गिरने से नुकसान हुआ है।
बिजुआ। सुबह दस बजे पहले घने बादल छाए फिर तेज गरज के साथ सूखे ओले गिरने लगे। क्षेत्र में कहीं ज्यादा तो कहीं कम ओले गिरे। ओलावृष्टि का क्रम लगभग बीस मिनट तक जारी रहा, जिससे भदेड, मूडासवारान, लखरांवा, रसूलपनाह, पिपराखुर्द, बैबहा मुन्नूसिह, रायपुर, अमृतापुर, कौआखेडा, लखहा आदि गांव प्रभावित हुए हैं।
भीखमपुर। क्षेत्र में ओले गिरने से किसानों की तिलहनी फसलों को नुकसान हुआ है। किसान सत्यदेव, रामपाल, रामलखन, शोभित मिश्रा समेत कई लोगों का कहना है कि लाही, सरसों की फसलों को नुकसान होगा। वहीं दिनभर रुक रुककर बारिश होती रही।
पलियाकलां। ठंड व काले बादलों के कारण पूरे दिन वाहन चालक वाहनों की लाइट जलाकर निकलते दिखे। बारिश से मझगईं और संपूर्णानगर क्षेत्र की बाजार में भी सन्नाटा पसरा रहा और दुकानदार अलाव तापते नजर आए।

बांकेगंज और मितौली में भी बारिश के साथ गिरे ओले
बांकेगंज। बृहस्पतिवार सुबह तेज गड़गड़ाहट के साथ झमाझम बारिश और ओलों की बौछार शुरू हो गई। दिन में रुक रुककर हुई तीन बार बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से किसानों के खेतों में पककर तैयार खड़ी मटर, मसूर, लाही फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही चली तेज हवाओं और ओलावृष्टि से सर्दी बढ़ गई।
मितौली। सुबह करीब 10 बजे हवाओं के साथ हुई हल्की बारिश के साथ ओला गिरने से किसानों की लाही एवं गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं। करीब 15 मिनट तक हल्की बरसात बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि होने के कारण किसानों के चेहरे मायूस हो गए। खासकर पशुओं के रखरखाव में पशुपालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संवाद

जिन क्षेत्रों में ओले गिरे हैं, वहां पर तिलहनी फसलों को नुकसान हो सकता है। बारिश होने से गेहूं व गन्ना की सिंचाई हो गई है। इससे किसानों को फायदा होगा। तेज हवा के कारण जिन खेतों में सरसों, तोरिया व गेहूं की फसल गिरी है, उनमें उत्पादन प्रभावित होगा। फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा।
- अरविंद कुमार चौधरी, जिला कृषि अधिकारी
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