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Lakhimpur Kheri News: बिना पूर्व सूचना के रेलवे फाटक बंद, आवागमन बाधित
Tue, 24 Feb 2026 11:30 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 24 Feb 2026 11:30 PM IST
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बंद फाटक पर खड़े बाइक सवार। संवाद
मैगलगंज। जहानीखेड़ा और मैगलगंज के बीच स्थित रेलवे फाटक संख्या 26सी को मरम्मत कार्य के नाम पर अचानक बंद कर दिए जाने से क्षेत्र में आवागमन ठप हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि फाटक बंद किए जाने की कोई स्पष्ट और समयपूर्व सूचना सार्वजनिक रूप से नहीं दी गई, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रेलवे की ओर से जारी सूचना-पत्र में फाटक 23 फरवरी सुबह आठ बजे से 27 फरवरी तक बंद रहने की बात कही गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सूचना आमजन तक समय पर नहीं पहुंच सकी। न तो प्रमुख स्थानों पर सूचना चस्पा की गई और न ही व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार हुआ।
फाटक बंद होने से विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों को कई किमी. लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। अचानक मार्ग बंद होने से स्कूल जाने वाले बच्चों और दैनिक मजदूरी करने वालों को विशेष परेशानी उठानी पड़ी। अतिरिक्त दूरी के कारण समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
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सूचना-पत्र में बड़े वाहनों के लिए जमुनिया-गुड़ियाखेड़ा मार्ग तथा छोटे वाहनों के लिए फाटक संख्या 28 सी मैगलगंज और 34 नंबर पुलिया से आवागमन का विकल्प बताया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि इन मार्गों की जानकारी अधिकांश राहगीरों को मौके पर पहुंचने के बाद ही हुई।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर अजय कुमार ने बताया कि मैगलगंज पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और अन्य संबंधित विभागों को सूचना दी गई थी। उनका कहना है कि सूचना रेलवे कर्मचारियों के माध्यम से प्रेषित की जाती है। अचानक बंदी से उपजे हालात ने सूचना व्यवस्था और समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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रेलवे की ओर से जारी सूचना-पत्र में फाटक 23 फरवरी सुबह आठ बजे से 27 फरवरी तक बंद रहने की बात कही गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सूचना आमजन तक समय पर नहीं पहुंच सकी। न तो प्रमुख स्थानों पर सूचना चस्पा की गई और न ही व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार हुआ।
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फाटक बंद होने से विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों को कई किमी. लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। अचानक मार्ग बंद होने से स्कूल जाने वाले बच्चों और दैनिक मजदूरी करने वालों को विशेष परेशानी उठानी पड़ी। अतिरिक्त दूरी के कारण समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
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सूचना-पत्र में बड़े वाहनों के लिए जमुनिया-गुड़ियाखेड़ा मार्ग तथा छोटे वाहनों के लिए फाटक संख्या 28 सी मैगलगंज और 34 नंबर पुलिया से आवागमन का विकल्प बताया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि इन मार्गों की जानकारी अधिकांश राहगीरों को मौके पर पहुंचने के बाद ही हुई।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर अजय कुमार ने बताया कि मैगलगंज पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और अन्य संबंधित विभागों को सूचना दी गई थी। उनका कहना है कि सूचना रेलवे कर्मचारियों के माध्यम से प्रेषित की जाती है। अचानक बंदी से उपजे हालात ने सूचना व्यवस्था और समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं।