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Lakhimpur Kheri News: दुधवा के पास अफ्रीका से आए रेडियो काॅलर
Sat, 28 Mar 2026 11:21 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 28 Mar 2026 11:21 PM IST
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दुधवा में एकं गैंडा (फाइल फोटो)
पलियाकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व में गैंडों को खुले में छोड़ने का अभियान जल्द शुरू हो सकता है, क्योंकि रेडियो काॅलर अब अफ्रीका से दुधवा प्रशासन के पास पहुंच चुके हैं। इसी के चलते यहां से लौट गए विशेषज्ञ से समय मांगा गया है। समय मिलते ही दो और गैंडों को खुले जंगल में आजाद कर दिया जाएगा।
22 मार्च को शुरू हुए इस अभियान के तहत कुल छह गैंडों को बाड़े से मुक्त कर खुले जंगल में छोड़ना था। शुरुआती अड़चनों के बाद वन विभाग की टीम ने एक नर और तीन मादा समेत कुल चार गैंडों को सफलतापूर्वक ट्रैंकुलाइज कर रेडियो कॉलर पहनाया और उन्हें जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ दिया। हालांकि शेष दो गैंडों के लिए विभाग के पास कॉलर आईडी मौजूद नहीं थी। जिन्हें अफ्रीका से मंगाया गया था।
इसी बीच अभियान की देखरेख कर रहे असम के गैंडा विशेषज्ञ डॉ. केके शर्मा को अपने रिटायरमेंट की व्यस्तताओं के चलते उन्हें वापस जाना पड़ा। इससे अभियान बीच में ही थम गया था, लेकिन अब रेडियो कालर अफ्रीका से आ गए हैं, जिससे इस चरण में शेष बचे दो गैंडों स्वछंद विचरण के लिए छोड़ने के अभियान केंद्र शुरू होने की तैयारियां तेज हो गईं हैं।
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विभाग ने विशेषज्ञ डॉ. केके शर्मा से संवाद शुरू कर उनसे समय मांगा है अधिकारियों को उम्मीद है कि डॉ. शर्मा से समय मिलते ही इस अंतिम चरण को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा और सभी चिह्नित गैंडे दुधवा के खुले जंगलों की शान बढ़ाएंगे।
वर्जन
कॉलर आईडी आ गई है। अब डॉ. केके शर्मा से दोबारा समय मांगा गया है और जैसे ही समय मिलेगा बाकी दोनों गैंडों को भी पकड़ कर खुले जंगल में छोड़ दिया जाएगा। वर्तमान में विभाग उन चार गैंडों की सुरक्षा और लोकेशन पर पूरी नजर बनाए हुए है जिन्हें पहले ही आजाद किया जा चुका है।
डॉ. एच राजा मोहन, फील्ड निदेशक दुधवा
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22 मार्च को शुरू हुए इस अभियान के तहत कुल छह गैंडों को बाड़े से मुक्त कर खुले जंगल में छोड़ना था। शुरुआती अड़चनों के बाद वन विभाग की टीम ने एक नर और तीन मादा समेत कुल चार गैंडों को सफलतापूर्वक ट्रैंकुलाइज कर रेडियो कॉलर पहनाया और उन्हें जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ दिया। हालांकि शेष दो गैंडों के लिए विभाग के पास कॉलर आईडी मौजूद नहीं थी। जिन्हें अफ्रीका से मंगाया गया था।
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इसी बीच अभियान की देखरेख कर रहे असम के गैंडा विशेषज्ञ डॉ. केके शर्मा को अपने रिटायरमेंट की व्यस्तताओं के चलते उन्हें वापस जाना पड़ा। इससे अभियान बीच में ही थम गया था, लेकिन अब रेडियो कालर अफ्रीका से आ गए हैं, जिससे इस चरण में शेष बचे दो गैंडों स्वछंद विचरण के लिए छोड़ने के अभियान केंद्र शुरू होने की तैयारियां तेज हो गईं हैं।
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विभाग ने विशेषज्ञ डॉ. केके शर्मा से संवाद शुरू कर उनसे समय मांगा है अधिकारियों को उम्मीद है कि डॉ. शर्मा से समय मिलते ही इस अंतिम चरण को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा और सभी चिह्नित गैंडे दुधवा के खुले जंगलों की शान बढ़ाएंगे।
वर्जन
कॉलर आईडी आ गई है। अब डॉ. केके शर्मा से दोबारा समय मांगा गया है और जैसे ही समय मिलेगा बाकी दोनों गैंडों को भी पकड़ कर खुले जंगल में छोड़ दिया जाएगा। वर्तमान में विभाग उन चार गैंडों की सुरक्षा और लोकेशन पर पूरी नजर बनाए हुए है जिन्हें पहले ही आजाद किया जा चुका है।
डॉ. एच राजा मोहन, फील्ड निदेशक दुधवा