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प्यासों पर भारी पड़ रहा पूर्व डीएम का आदेश!
अमर उजाला ब्यूरो-लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 25 Apr 2016 10:12 PM IST
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ईई जलनिगम ने कहा-अब रिबोर नहीं हो सकते हैंडपंप
नए हैंडपंप लगाने के लिए नगर पालिकाएं उपलब्ध कराए फंड
शहर में 75 हैंडपंप रिबोर होने लायक और 157 नए लगने हैं
एक तरफ भीषण गर्मी में शहर में पानी की समस्या गहरा रही है तो वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका और जल निगम के जिम्मेदार अधिकारी निर्देशों का हवाला देकर चुप्पी साधकर बैठे हुए हैं। जल निगम के ईई विनय पाल ने पूर्व डीएम किंजल सिंह के एक निर्देश का हवाला देते हुए खराब पड़े हैंडपंपों को रिबोर कराने से मना कर दिया है। उनके मुताबिक नए हैंडपंप लगाने के लिए विभागों से फंड उपलब्ध होने पर ही कुछ किया जा सकता है। गर्मी में खराब पड़े हैंडपंपों को दुरुस्त कराने के लिए नगर पालिका ने शहर में सर्वे कर जल निगम को पत्र भेजा था, जिसमें शहर के खराब पड़े 75 हैंडपंपों को रिबोर होने लायक बताया गया है, साथ ही शहर के 27 वार्डों में अलग-अलग जगहों पर 157 नए हैंडपंप लगावाने को कहा गया है। नगर पालिका के ईओ अवनींद्र कुमार के मुताबिक गर्मी शुरू होने से पहले ही इन हैंडपंपों को दुरुस्त कराने संबंधी पत्र भेज दिया गया था, लेकिन अब तक जल निगम ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। जिसके कारण जगह-जगह हैंडपंप खराब पड़े हैं और लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। नगर पालिका ने हैंडपंपों की खराबी के लिए जल निगम को जिम्मेदार बताते हुए अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया है। वहीं जल निगम ने भी शहरवासियों की इस समस्या पर चुप्पी साध रखी है। जल निगम के अधिशासी अभियंता विनय पाल का कहना है कि हैंडपंपों को अब रिबोर नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में पूर्व डीएम किंजल सिंह ने निर्देश जारी किया था और कहा था कि खराब पड़े हैंडपंपों को रिबोर कराने के बजाए नए हैंडपंप लगाए जाएं। अधिशासी अभियंता का कहना है कि नगर पालिका की ओर से पत्र भेजा गया है, लेकिन जल निगम हैंडपंपों को रिबोर नहीं कराएगी। समस्या होने पर नगर पालिका हैंडपंपों को अपने संसाधनों से दुरुस्त करा सकती है। नए हैंडपंप लगवाने के लिए नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को फंड उपलब्ध कराना पड़ेगा। तभी नए हैंडपंप लगाए जा सकते हैं। इन दो विभागों के बीच हैंडपंपों को दुरुस्त कराने के लिए चल रही रस्साकसी से यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि दोनों विभागों के अधिकारी लोगों की पानी की मूल समस्या से भी आंखें मूंदे हुए हैं, जिसके कारण शहर के खराब पड़े हैंडपंप नहीं दुरुस्त हो पा रहे हैं और लोगों को पानी की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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नए हैंडपंप लगाने के लिए नगर पालिकाएं उपलब्ध कराए फंड
शहर में 75 हैंडपंप रिबोर होने लायक और 157 नए लगने हैं
एक तरफ भीषण गर्मी में शहर में पानी की समस्या गहरा रही है तो वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका और जल निगम के जिम्मेदार अधिकारी निर्देशों का हवाला देकर चुप्पी साधकर बैठे हुए हैं। जल निगम के ईई विनय पाल ने पूर्व डीएम किंजल सिंह के एक निर्देश का हवाला देते हुए खराब पड़े हैंडपंपों को रिबोर कराने से मना कर दिया है। उनके मुताबिक नए हैंडपंप लगाने के लिए विभागों से फंड उपलब्ध होने पर ही कुछ किया जा सकता है। गर्मी में खराब पड़े हैंडपंपों को दुरुस्त कराने के लिए नगर पालिका ने शहर में सर्वे कर जल निगम को पत्र भेजा था, जिसमें शहर के खराब पड़े 75 हैंडपंपों को रिबोर होने लायक बताया गया है, साथ ही शहर के 27 वार्डों में अलग-अलग जगहों पर 157 नए हैंडपंप लगावाने को कहा गया है। नगर पालिका के ईओ अवनींद्र कुमार के मुताबिक गर्मी शुरू होने से पहले ही इन हैंडपंपों को दुरुस्त कराने संबंधी पत्र भेज दिया गया था, लेकिन अब तक जल निगम ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। जिसके कारण जगह-जगह हैंडपंप खराब पड़े हैं और लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। नगर पालिका ने हैंडपंपों की खराबी के लिए जल निगम को जिम्मेदार बताते हुए अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया है। वहीं जल निगम ने भी शहरवासियों की इस समस्या पर चुप्पी साध रखी है। जल निगम के अधिशासी अभियंता विनय पाल का कहना है कि हैंडपंपों को अब रिबोर नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में पूर्व डीएम किंजल सिंह ने निर्देश जारी किया था और कहा था कि खराब पड़े हैंडपंपों को रिबोर कराने के बजाए नए हैंडपंप लगाए जाएं। अधिशासी अभियंता का कहना है कि नगर पालिका की ओर से पत्र भेजा गया है, लेकिन जल निगम हैंडपंपों को रिबोर नहीं कराएगी। समस्या होने पर नगर पालिका हैंडपंपों को अपने संसाधनों से दुरुस्त करा सकती है। नए हैंडपंप लगवाने के लिए नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को फंड उपलब्ध कराना पड़ेगा। तभी नए हैंडपंप लगाए जा सकते हैं। इन दो विभागों के बीच हैंडपंपों को दुरुस्त कराने के लिए चल रही रस्साकसी से यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि दोनों विभागों के अधिकारी लोगों की पानी की मूल समस्या से भी आंखें मूंदे हुए हैं, जिसके कारण शहर के खराब पड़े हैंडपंप नहीं दुरुस्त हो पा रहे हैं और लोगों को पानी की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।