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पूर्णिमा पर हजारों ने लगाई डुबकी
पलियाकलां।
Updated Tue, 06 Jan 2015 12:04 AM IST
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पौष माह की पूर्णिमा पर हजारों लोगों ने कड़ाके की सर्दी के बावजूद पवित्र शारदा नदी में स्नानकर वस्त्र-अन्न, धन आदि दान किया। अनेक ने भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी तो अनेक ने नौका विहार का भी आनंद लिया।
सुबह होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पलिया-भीरा के बीच शारदा नदी पुल के निकट सहित अन्य घाटों पर पहुंच गए और उन्होंने शारदा में डुबकी लगाकर सूर्य को अर्घ्य दिया।
गरीबों, लड़कियों एवं ब्राह्मणों को वस्त्र, आटा, दाल, खिचड़ी, धन, गुड़, मेवा, मिष्ठान आदि दान किया। उधर जो लोग नदी में स्नान करने नहीं जा पाए, उन्होंने घरों में ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान किया और विविध वस्तुएं दान कीं। अनेक ने भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी तो बहुतों ने रामचरित मानस का पाठ किया। इसके अतिरिक्त सोमवार को बड़ी संख्या में लोगों ने मंदिरों और गुरुद्वाराें में पहुंचकर मत्था टेका और प्रसाद ग्रहण किया।
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गोला गोकर्णनाथ। पूर्णिमा पर भक्तों ने गोकर्णतीर्थ पर स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक कर पुण्य कमाया।
भक्तों ने भगवान सत्यनारायण की कथा सुनकर ब्राह्मणों को दक्षिणा देकर प्रसाद वितरित किया। घंटा, घड़ियालों, शंख की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया।
ममरी। पौष पूर्णिम के मौके पर हजारों लोगों ने पवित्र नदियों, सरोवरों, तीर्थ जलाशयों में स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य दिया और भिखारियों को खिचड़ी दान की। इस मौके पर कठिना नदी के कटरा घाट, घमहाघाट, गोमती नदी के पन्नघाट, टेंढ़वा घाट, सिरसा घाट पर पूर्णिमा के मेले लगे रहे। तमाम लोगों ने विभिन्न स्थानों के शिवालयों में जलाभिषेक किया।
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सुबह होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पलिया-भीरा के बीच शारदा नदी पुल के निकट सहित अन्य घाटों पर पहुंच गए और उन्होंने शारदा में डुबकी लगाकर सूर्य को अर्घ्य दिया।
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गरीबों, लड़कियों एवं ब्राह्मणों को वस्त्र, आटा, दाल, खिचड़ी, धन, गुड़, मेवा, मिष्ठान आदि दान किया। उधर जो लोग नदी में स्नान करने नहीं जा पाए, उन्होंने घरों में ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान किया और विविध वस्तुएं दान कीं। अनेक ने भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी तो बहुतों ने रामचरित मानस का पाठ किया। इसके अतिरिक्त सोमवार को बड़ी संख्या में लोगों ने मंदिरों और गुरुद्वाराें में पहुंचकर मत्था टेका और प्रसाद ग्रहण किया।
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गोला गोकर्णनाथ। पूर्णिमा पर भक्तों ने गोकर्णतीर्थ पर स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक कर पुण्य कमाया।
भक्तों ने भगवान सत्यनारायण की कथा सुनकर ब्राह्मणों को दक्षिणा देकर प्रसाद वितरित किया। घंटा, घड़ियालों, शंख की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया।
ममरी। पौष पूर्णिम के मौके पर हजारों लोगों ने पवित्र नदियों, सरोवरों, तीर्थ जलाशयों में स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य दिया और भिखारियों को खिचड़ी दान की। इस मौके पर कठिना नदी के कटरा घाट, घमहाघाट, गोमती नदी के पन्नघाट, टेंढ़वा घाट, सिरसा घाट पर पूर्णिमा के मेले लगे रहे। तमाम लोगों ने विभिन्न स्थानों के शिवालयों में जलाभिषेक किया।