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Lakhimpur Kheri News: खेती से ज्यादा मुर्गी पालन में मुनाफा उठाते हैं प्रगतिशील किसान अशोक
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प्रतिगशील किसान की फसलों को देखने पहुंचे उपकेंद्र निदेशक गिरीश चंद्र। स्रोत विभाग
लखीमपुर खीरी। सदर ब्लाॅक के किसुनुवापुर गांव के प्रगतिशील किसान अशोक कुमार सात सालों से उन्नत कृषि के साथ-साथ मुर्गीपालन करते आ रहे हैं। चार एकड़ कृषि भूमि पर खेती से प्रतिवर्ष 2.50 लाख कमाते हैं, जबकि मुर्गी पालन से प्रतिवर्ष में पांच लाख का मुनाफा उठाते हैं, जो खेती से दोगुना है। डीडी कृषि गिरीश चंद्र बृहस्पतिवार को प्रगतिशील किसान अशोक से मिले और उनके खेती व पशु पालन करने से संबंधित जानकारी ली।
किसान अशोक ने वर्ष 2018 में 8000 वर्ग फीट में मुर्गी पालन शुरू था। मुर्गी पालन के लिए अधारभूत संरचना निर्माण में 12 लाख खर्च हुए थे। 35 से 40 दिन पर 95 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से इसकी बिक्री की जाती है। इससे एक वर्ष में पांच लाख की आय करते हैं, जो खेती से दोगुना है। किसान एक वर्ष में मक्का की तीन फसलें उगाते हैं। डीडी कृषि ने जिले के किसानों से अपील की गन्ने की खेती में ट्रेंच विधि को अपनाएं।
गन्ने के साथ दलहनी, तिलहनी फसलों का समावेश सहफसली के रूप में करें, जिससे मृदा की उर्वरता बनी रहेगी। कृषि के साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, सब्जी उत्पादन जैसे व्यावसायिक कार्यों को कर सकते हैं, जिससे आय दोगुनी होगी। पॉलीहाउस के लिए उद्यान विभाग से 50 प्रतिशत तक अनुदान भी है।
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किसान अशोक ने वर्ष 2018 में 8000 वर्ग फीट में मुर्गी पालन शुरू था। मुर्गी पालन के लिए अधारभूत संरचना निर्माण में 12 लाख खर्च हुए थे। 35 से 40 दिन पर 95 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से इसकी बिक्री की जाती है। इससे एक वर्ष में पांच लाख की आय करते हैं, जो खेती से दोगुना है। किसान एक वर्ष में मक्का की तीन फसलें उगाते हैं। डीडी कृषि ने जिले के किसानों से अपील की गन्ने की खेती में ट्रेंच विधि को अपनाएं।
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गन्ने के साथ दलहनी, तिलहनी फसलों का समावेश सहफसली के रूप में करें, जिससे मृदा की उर्वरता बनी रहेगी। कृषि के साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, सब्जी उत्पादन जैसे व्यावसायिक कार्यों को कर सकते हैं, जिससे आय दोगुनी होगी। पॉलीहाउस के लिए उद्यान विभाग से 50 प्रतिशत तक अनुदान भी है।
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