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प्रसूता को भर्ती करने से मना करने पर भड़के लाेग

Tue, 20 Sep 2016 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैलानी।
अमर उजाला ब्यूरो मैलानी। Updated Tue, 20 Sep 2016 11:49 PM IST
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Procreative refused to hire raging people
प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
- पीएचसी का किया घेराव, स्टॉफ नर्स के तबादले की मांग
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प्रसूता को पीएचसी में भर्ती करने से मना करने पर लाेग भड़क गए। उन्होंने पीएचसी का घेराव करके भर्ती से मना करने वाली स्टाफ नर्स के तबादले की मांग की।
मोहल्ला मस्जिद में रहने वाली विधवा सायरा बेगम की बहू नसीमा पत्नी सोनू को प्रसव पीड़ा होने पर उसके पड़ोस में रहने वाली सपा महिला नगर अध्यक्ष कैसर जहां सुबह पांच बजे उसे लेकर पीएचसी पहुंचीं। वहां ताला पड़ा देखकर उन्होंने नाइट ड्यूटी स्टाफ नर्स अमित कुमारी को बुलाया। कैसर जहां और नसीमा के घरवालों का आरोप है कि स्टाफ नर्स अमित कुमारी ने प्रसूता को भर्ती करने से इंकार कर कहा कि इसे गोला ले जाकर दिखाओ। काफी कहने पर भी अमित कुमारी ने नसीमा को भर्ती नहीं किया। परेशान हाल घरवाले उसे घर ले गए और घर पर सुबह करीब नौ बजे नसीमा ने पुत्री को जन्म दिया। जबकि स्टाफ नर्स अमित कुमारी ने केस सीरियस बताकर गोला एक निजी चिकित्सक के यहां भेजने की बात कही थी।
इससे आक्रोशित लाेग ने नगर अध्यक्ष हरि प्रकाश मिश्र के नेतृत्व में सपा महिला नगर अध्यक्ष कैसर जहां, शहाना, सायरा बेगम, रूबी, नगर महामंत्री डॉ. राजाराम, रमाकांत गुप्ता, वीरपाल यादव, सरोज यादव, शान मोहम्मद आदि सहित कई लोगों ने दोपहर में पीएचसी का घेराव किया। पीएचसी में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शारिक नहीं थे। डॉक्टर का कार्यभार देख रहे फार्मासिस्ट तुषार वर्मा ने बताया कि डॉक्टर सरकारी काम से बाहर गए हैं। इस पर सपाध्यक्ष हरि प्रकाश मिश्रा ने संबंधित उच्च अधिकारियों तथा विधायक विनय तिवारी को मोबाइल से जानकारी देकर लापरवाही बरतने वाली स्टाफ नर्स के तबादले की मांग की।
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स्टाफ नर्स के हाथ-पैर जोड़ती रही ननद
मैलानी। प्रसूता नसीमा बेगम के साथ पीएचसी गई उसकी ननद रूबी ने बताया कि वह स्टाफ नर्स अमित कुमारी के हाथ-पैर जोड़कर भाभी को भर्ती कराने के लिए खुशामद करती रही, लेकिन अमित कुमारी का दिल नहीं पसीजा। उसने बताया कि उसका भाई सोनू मजदूर और गरीब है। उसने गरीबी का हवाला भी दिया। उसने बताया कि घर में डिलीवरी होने के बाद जच्चा-बच्चा को मजबूरन निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया है।
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मैं अभी सरकारी काम से बाहर हूं। मामला संज्ञान में आया है। शाम को वापस आने के बाद मामले की हकीकत मालूम कर आगे कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. शारिक, प्रभारी चिकित्साधिकारी, मैलानी
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