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राष्ट्रपति, राज्यपाल का नाम बताने में छूटे पसीने
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:42 PM IST
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शिक्षा का हाल
- फोटो : अमर उजाला
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कहीं पढ़ाते तो कहीं बतियाते मिले मास्साब
शिक्षा का स्तर जानने पहुंची अमर उजाला टीम
करोड़ों खर्च फिर भी जमीनी हकीकत से दूर बेसिक शिक्षा
सामान्य ज्ञान के सवालों पर अटक गए कुछ शिक्षक
जिले में बेसिक शिक्षा का हाल बेहाल है। हर साल करोड़ों खर्च होने के बावजूद भी बेसिक स्कूलों के बच्चों की शिक्षा न के बराबर है। इन स्कूलों में न तो बच्चों का पढ़ने का मूड है न मास्साब का पढ़ाने का। शिक्षकों की ओर से अध्यापन में रुचि न लेने से बच्चें भी सही से शिक्षित नहीं हो पा रहे हैं। सामान्य ज्ञान के बारे में तो बच्चों का ही नहीं शिक्षकों का ज्ञान भी शून्य हैं। बेसिक स्कूलों में बच्चों को दी जा रही शिक्षा का स्तर जानने पहुंची अमर उजाला टीम को शिक्षिकाएं राष्ट्रपति, राज्यपाल के नाम की बात छोड़िए, बीएसए का नाम तक नहीं बता सकीं। हालांकि कुछ टीचर ही सामान्य ज्ञान के जनरल सवालों का सटीक जवाब दे सके, जबकि अधिकांश टीचर अटक गए।
प्रधानाध्यापिका बोली- बुद्धि करके है बीएसए का नाम
टीम शुक्रवार करीब 11.30 बजे प्राथमिक विद्यालय सदर पहुंची। जहां पर इंचार्ज प्रधानाध्यापिका रजिस्टर ठीक कर रहीं थी। वहीं मध्यावकाश के चलते बच्चे खेल रहे थे। प्रधानाध्यापिका राज्यपाल और लोकसभा अध्यक्ष का नाम नहीं बता सकीं। राष्ट्रपति के नाम पर कुछ राम करके है बताकर अटक गई और बीएसए के नाम पर कहा कि बुद्धि करके है।
रेडियो सुनती मिलीं शिक्षिकाएं
उच्च प्राथमिक विद्यालय महराजनगर की शिक्षिका साथी शिक्षिका के साथ प्रधानाचार्य रूम में रेडियो सुनती मिली। राज्यपाल का नाम पूछने पर नाइक और राष्ट्रपति का नाम कोविद करके हैै बताया। लोकसभा अध्यक्ष का नाम सही बता सकीं। बीएसए का नाम पूछने पर वह बुद्धि कहके अटक गई और कहा कि अभी नए आए हैं। इसलिए कंफर्म नहीं है।
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सदर स्कूल की शिक्षिका ने कहा बुद्धि सिंह है बीएसए
करीब 12 बजे प्राथमिक विद्यालय सदर में समायोजित शिक्षिका छात्रों को पढ़ाती मिलीं। उन्होंने राज्यपाल व मुख्यमंत्री का नाम सही बताया, लेकिन राष्ट्रपति के नाम पूछने पर कोविंद पर पर ही अटक गई और बीएसए का नाम बुद्धि सिंह बताया।
नए आए हैं इसलिए कंफर्म नहीं है
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में टीम को इंचार्ज प्रधानाध्यापिका कक्षा में नहीं मिली। मालूम हुआ कि वह छात्रों के प्रवेश के लिए कार्यालय गई हैं। वापस आने पर वह मुख्यमंत्री का ही नाम बता सकीं। जबकि अन्य के नाम बताने पर अटक गई। वहीं बीएसए के नाम पर कहा कि अभी नए हैं
तो नरेंद्र मोदी है यूपी के मुख्यमंत्री
बाकेगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय असौवा में पंजीकृत 66 के सापेक्ष 43 बच्चे ही मौजूद मिलेे। शिक्षक सभी उपस्थित मिले। शिक्षिका ने राष्ट्रपति का नाम रामनाथ कोविंद एवं राज्यपाल का नाम राम नाईक और नरेंद्र मोदी को सूबे का मुख्यमंत्री बताया।
पेड़ की छाया में पढ़ाते मिलीं शिक्षिकाएं
गोला गोकर्णनाथ में टीम जब तीर्थ मोहल्ले के लोने सिंह प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंचीं तो मध्यावकाश के बाद भीषण गर्मी के कारण उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका और प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका विद्यार्थियों को पेड़ की छाया में पढ़ाती मिलीं। दोनों विद्यालय एक ही परिसर में हैं और दोनों विद्यालयों में एकल शिक्षक हैं जिससे गुणवत्ता परक शिक्षा की पोल खुलती नजर आती है। अन्य सुविधाएं तो दूर विद्यालय में लगा इंडिया मार्का नल भी वर्षों से खराब पड़ा है। शिक्षकों ने अपने पास से दूसरा नल लगवाया है, जहां दोनों विद्यालयों के विद्यार्थी जल पीते हैं।
प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं। काफी सुधार हुआ है। शिक्षकों को सामान्य ज्ञान की जानकारी रहे। इसके लिए समय-समय पर प्रशिक्षण भी होते हैं।
बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए
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शिक्षा का स्तर जानने पहुंची अमर उजाला टीम
करोड़ों खर्च फिर भी जमीनी हकीकत से दूर बेसिक शिक्षा
सामान्य ज्ञान के सवालों पर अटक गए कुछ शिक्षक
जिले में बेसिक शिक्षा का हाल बेहाल है। हर साल करोड़ों खर्च होने के बावजूद भी बेसिक स्कूलों के बच्चों की शिक्षा न के बराबर है। इन स्कूलों में न तो बच्चों का पढ़ने का मूड है न मास्साब का पढ़ाने का। शिक्षकों की ओर से अध्यापन में रुचि न लेने से बच्चें भी सही से शिक्षित नहीं हो पा रहे हैं। सामान्य ज्ञान के बारे में तो बच्चों का ही नहीं शिक्षकों का ज्ञान भी शून्य हैं। बेसिक स्कूलों में बच्चों को दी जा रही शिक्षा का स्तर जानने पहुंची अमर उजाला टीम को शिक्षिकाएं राष्ट्रपति, राज्यपाल के नाम की बात छोड़िए, बीएसए का नाम तक नहीं बता सकीं। हालांकि कुछ टीचर ही सामान्य ज्ञान के जनरल सवालों का सटीक जवाब दे सके, जबकि अधिकांश टीचर अटक गए।
प्रधानाध्यापिका बोली- बुद्धि करके है बीएसए का नाम
टीम शुक्रवार करीब 11.30 बजे प्राथमिक विद्यालय सदर पहुंची। जहां पर इंचार्ज प्रधानाध्यापिका रजिस्टर ठीक कर रहीं थी। वहीं मध्यावकाश के चलते बच्चे खेल रहे थे। प्रधानाध्यापिका राज्यपाल और लोकसभा अध्यक्ष का नाम नहीं बता सकीं। राष्ट्रपति के नाम पर कुछ राम करके है बताकर अटक गई और बीएसए के नाम पर कहा कि बुद्धि करके है।
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रेडियो सुनती मिलीं शिक्षिकाएं
उच्च प्राथमिक विद्यालय महराजनगर की शिक्षिका साथी शिक्षिका के साथ प्रधानाचार्य रूम में रेडियो सुनती मिली। राज्यपाल का नाम पूछने पर नाइक और राष्ट्रपति का नाम कोविद करके हैै बताया। लोकसभा अध्यक्ष का नाम सही बता सकीं। बीएसए का नाम पूछने पर वह बुद्धि कहके अटक गई और कहा कि अभी नए आए हैं। इसलिए कंफर्म नहीं है।
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सदर स्कूल की शिक्षिका ने कहा बुद्धि सिंह है बीएसए
करीब 12 बजे प्राथमिक विद्यालय सदर में समायोजित शिक्षिका छात्रों को पढ़ाती मिलीं। उन्होंने राज्यपाल व मुख्यमंत्री का नाम सही बताया, लेकिन राष्ट्रपति के नाम पूछने पर कोविंद पर पर ही अटक गई और बीएसए का नाम बुद्धि सिंह बताया।
नए आए हैं इसलिए कंफर्म नहीं है
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में टीम को इंचार्ज प्रधानाध्यापिका कक्षा में नहीं मिली। मालूम हुआ कि वह छात्रों के प्रवेश के लिए कार्यालय गई हैं। वापस आने पर वह मुख्यमंत्री का ही नाम बता सकीं। जबकि अन्य के नाम बताने पर अटक गई। वहीं बीएसए के नाम पर कहा कि अभी नए हैं
तो नरेंद्र मोदी है यूपी के मुख्यमंत्री
बाकेगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय असौवा में पंजीकृत 66 के सापेक्ष 43 बच्चे ही मौजूद मिलेे। शिक्षक सभी उपस्थित मिले। शिक्षिका ने राष्ट्रपति का नाम रामनाथ कोविंद एवं राज्यपाल का नाम राम नाईक और नरेंद्र मोदी को सूबे का मुख्यमंत्री बताया।
पेड़ की छाया में पढ़ाते मिलीं शिक्षिकाएं
गोला गोकर्णनाथ में टीम जब तीर्थ मोहल्ले के लोने सिंह प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंचीं तो मध्यावकाश के बाद भीषण गर्मी के कारण उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका और प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका विद्यार्थियों को पेड़ की छाया में पढ़ाती मिलीं। दोनों विद्यालय एक ही परिसर में हैं और दोनों विद्यालयों में एकल शिक्षक हैं जिससे गुणवत्ता परक शिक्षा की पोल खुलती नजर आती है। अन्य सुविधाएं तो दूर विद्यालय में लगा इंडिया मार्का नल भी वर्षों से खराब पड़ा है। शिक्षकों ने अपने पास से दूसरा नल लगवाया है, जहां दोनों विद्यालयों के विद्यार्थी जल पीते हैं।
प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं। काफी सुधार हुआ है। शिक्षकों को सामान्य ज्ञान की जानकारी रहे। इसके लिए समय-समय पर प्रशिक्षण भी होते हैं।
बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए