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Lakhimpur Kheri News: दुधवा के गैंडों को तीसरा नया आशियाना देने की तैयारी
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सुजौली रेंज में जायजा लेते एफडी। स्त्रोत- वन विभाग।
- फोटो : धूप से बचने के लिए दुपट्टे से चेहरा ढककर जातीं महिलाएं।
बांकेगज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना में एक और नया आयाम जुड़ने वाला है। अब दुधवा में वास करने वाले गैंडों के लिए कतर्निया घाट वन्य जीव विहार के सुजौली रेंज में तीसरा घर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए उपयुक्त स्थान का चयन कर लिया गया है।
गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-3 के लिए कतर्निया घाट वन्यजीव विहार के सुजौली रेंज की कुलिया गौढ़ी बीट के लट्ठौवा-कट्ठौवा (भगहर) क्षेत्र के तालाब का चयन किया गया है। करीब 300 एकड़ क्षेत्रफल में इस तालाब के क्षेत्र में गैंडों के अनुकूल प्राकृतवास भोजन, पानी की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता है। गैंडा विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद इसे गैंडो के लिए पूरी तरह उपयुक्त पाया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-3 के शुरू होने से पहले असम के काजीरंगा नेशनल पार्क के पूर्व डायरेक्टर एवं गैंडा विशेषज्ञ और गैंडा सुरक्षा ऑडिट टीम के अध्यक्ष डॉ. डीएस बोनाल ने कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में सुजौली रेंज का भ्रमण कर गैंडों के लिए अनुकूल प्राकृतवास, घास के मैदान, भोजन, पानी की व्यवस्था का जायजा लिया। इसमें उन्हें गैंडों के लिए सुरक्षित और अनुकूल प्राकृतवास के अलावा उनका पसंदीदा भोजन प्रचुर मात्रा में मिला।
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इसी कड़ी में सोमवार को दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ने सुजौली रेंज का भ्रमण कर गोंडों के अनुकूल प्राकृत वास का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सुजौली रेंज में गैंडो के लिए प्राकृतवास बेहद अनुकूल है। बारिश के दिनों में संबंधित क्षेत्र में बाढ़ आदि के साथ ही अन्य मुश्किलों का भी अध्ययन किया जाएगा। गैंडों को यहां बसाने से पहले 300 एकड़ क्षेत्रफल में सौर ऊर्जा चालित बाड़ लगाई जाएगी। गैंडों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने के बाद ही योजना की शुरुआत की जाएगी।
दुधवा में पहले से चल रहे गैंडा पुनर्वासन योजना के दो फेज
दुधवा नेशनल पार्क के दक्षिण सोनारीपुर रेंज में वर्ष 1984 में शुरू हुई गैंडा पुनर्वासन योजना के दो फेज दुधवा में पहले से चल रहे हैं। दूसरा फेज दुधवा के बेलरायां रेंज के छंगानाला में शुरू किया गया था। मौजूदा समय में दुधवा में गैंडों की संख्या बढ़कर 51 तक पहुंच चुकी है।
भारत सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-3 का शुभारंभ किया जाएगा। कतर्निया घाट वन्यजीव विहार के सुजौली रेंज में गैंडा पुनर्वासन योजना के तीसरे चरण में कितने गैंडे छोड़े जाएंगे, इसकी रूपरेखा भारत सरकार से ही तय की जाएगी। - डॉ. एच राजामोहन, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
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गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-3 के लिए कतर्निया घाट वन्यजीव विहार के सुजौली रेंज की कुलिया गौढ़ी बीट के लट्ठौवा-कट्ठौवा (भगहर) क्षेत्र के तालाब का चयन किया गया है। करीब 300 एकड़ क्षेत्रफल में इस तालाब के क्षेत्र में गैंडों के अनुकूल प्राकृतवास भोजन, पानी की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता है। गैंडा विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद इसे गैंडो के लिए पूरी तरह उपयुक्त पाया है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-3 के शुरू होने से पहले असम के काजीरंगा नेशनल पार्क के पूर्व डायरेक्टर एवं गैंडा विशेषज्ञ और गैंडा सुरक्षा ऑडिट टीम के अध्यक्ष डॉ. डीएस बोनाल ने कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में सुजौली रेंज का भ्रमण कर गैंडों के लिए अनुकूल प्राकृतवास, घास के मैदान, भोजन, पानी की व्यवस्था का जायजा लिया। इसमें उन्हें गैंडों के लिए सुरक्षित और अनुकूल प्राकृतवास के अलावा उनका पसंदीदा भोजन प्रचुर मात्रा में मिला।
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इसी कड़ी में सोमवार को दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ने सुजौली रेंज का भ्रमण कर गोंडों के अनुकूल प्राकृत वास का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सुजौली रेंज में गैंडो के लिए प्राकृतवास बेहद अनुकूल है। बारिश के दिनों में संबंधित क्षेत्र में बाढ़ आदि के साथ ही अन्य मुश्किलों का भी अध्ययन किया जाएगा। गैंडों को यहां बसाने से पहले 300 एकड़ क्षेत्रफल में सौर ऊर्जा चालित बाड़ लगाई जाएगी। गैंडों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने के बाद ही योजना की शुरुआत की जाएगी।
दुधवा में पहले से चल रहे गैंडा पुनर्वासन योजना के दो फेज
दुधवा नेशनल पार्क के दक्षिण सोनारीपुर रेंज में वर्ष 1984 में शुरू हुई गैंडा पुनर्वासन योजना के दो फेज दुधवा में पहले से चल रहे हैं। दूसरा फेज दुधवा के बेलरायां रेंज के छंगानाला में शुरू किया गया था। मौजूदा समय में दुधवा में गैंडों की संख्या बढ़कर 51 तक पहुंच चुकी है।
भारत सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-3 का शुभारंभ किया जाएगा। कतर्निया घाट वन्यजीव विहार के सुजौली रेंज में गैंडा पुनर्वासन योजना के तीसरे चरण में कितने गैंडे छोड़े जाएंगे, इसकी रूपरेखा भारत सरकार से ही तय की जाएगी। - डॉ. एच राजामोहन, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व