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Lakhimpur Kheri News: बरात से पहले चश्मे को विदाई देने की तैयारी

Thu, 27 Aug 2026 11:08 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Thu, 27 Aug 2026 11:08 PM IST
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Preparations to bid farewell to the glasses before the wedding procession
लखीमपुर खीरी। शादी तय होते ही युवक-युवतियां कपड़े और साज-सज्जा के साथ चश्मे से छुटकारे की तैयारी में भी जुट रहे हैं। बरात से पहले चश्मा हटाने के लिए युवा लेजर सर्जरी की जानकारी ले रहे हैं। कुछ युवा कांटेक्ट लेंस के बजाय इसे स्थायी विकल्प के तौर पर भी देख रहे हैं।
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नेत्र विशेषज्ञों के मुताबिक, पहले लेजर सर्जरी को लेकर लोगों में झिझक रहती थी। तकनीक में बदलाव और जागरूकता बढ़ने से अब युवा इसके बारे में खुलकर जानकारी लेने लगे हैं।
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हालांकि, सिर्फ चश्मे से छुटकारा पाने की इच्छा पर सर्जरी नहीं करानी चाहिए। आंखों की स्थिति, उम्र, चश्मे के नंबर और जरूरी जांच के बाद ही डॉक्टर सर्जरी की उपयुक्तता तय करते हैं।
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शादी के दौरान फोटो खिंचवाने और समारोह में बिना चश्मे के रहने की इच्छा युवाओं में लेजर सर्जरी के प्रति आकर्षण की एक वजह बन रही है। वहीं, कांटेक्ट लेंस इस्तेमाल करने वाले युवाओं को लेंस की सफाई, रखरखाव और संक्रमण के जोखिम के कारण दूसरे विकल्प की तलाश रहती है। संवाद
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10 से 15 मिनट में हो सकती है प्रक्रिया
आधुनिक लेजर तकनीक से चश्मे का नंबर हटाने की प्रक्रिया सामान्य तौर पर 10 से 15 मिनट में पूरी हो सकती है। हालांकि, समय और प्रक्रिया मरीज की आंखों की स्थिति तथा इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक पर निर्भर करती है। सर्जरी से पहले कॉर्निया की मोटाई, चश्मे का नंबर और आंखों की सेहत समेत कई जरूरी जांच की जाती हैं।
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हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं लेजर सर्जरी
जिला अस्पताल की नेत्र विशेषज्ञ डॉ. पूनम वर्मा ने बताया कि हर व्यक्ति लेजर सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं होता। सर्जरी से पहले आंखों की पूरी जांच जरूरी है। कॉर्निया की मोटाई, चश्मे का नंबर और आंखों की स्थिति समेत अन्य जांचों के आधार पर ही सर्जरी की सलाह दी जाती है। सर्जरी के बाद भी कुछ समय तक आंखों को धूल, तेज धूप और संक्रमण से बचाना जरूरी होता है।
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शादी तय होते ही तलाशा चश्मे से छुटकारे का रास्ता
शहर की 24 वर्षीय मीरा (परिवर्तित नाम) लंबे समय से चश्मा लगा रही हैं। शादी तय होने के बाद उन्होंने चश्मे से छुटकारा पाने के लिए लेजर सर्जरी के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। उनका कहना है कि शादी के दौरान वह चश्मे के बिना रहना चाहती हैं। अब वह विशेषज्ञ से आंखों की जांच और सलाह लेने के बाद ही सर्जरी कराने का निर्णय लेंगी।

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कांटेक्ट लेंस के बजाय स्थायी विकल्प की तलाश
शहर के एक युवक को चश्मा पसंद नहीं है। इसलिए वह लंबे समय से कांटेक्ट लेंस का इस्तेमाल कर रहा है। उनका कहना है कि वह लेंस की देखभाल और बार-बार इस्तेमाल के झंझट से बचना चाहता है। इसलिए शादी से पहले लेजर सर्जरी कराने के लिए लखनऊ में विशेषज्ञ से सलाह ली है।
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