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चिह्नित होंगी गर्भवती महिलाएं
लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 24 Jan 2016 04:16 PM IST
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तमाम अभियानों के बावजूद कुपोषण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में अब शासन ने बाल विकास एवं पुष्टाहार और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नई मुहिम शुरू करने का निर्देश दिया है। कहा गया है कि दोनों महकमों के अधिकारी गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर उनका पंजीकरण करें और उनके खानपान पर विशेष ध्यान दें। जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य पर असर न पड़े। इन महिलाओं का नियमित मेडिकल चेकअप भी कराया जाएगा। जिले में गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करने के लिए 27 जनवरी से लेकर तीन फरवरी तक अभियान चलेगा।
मौजूदा समय में जिले में 41192 बच्चे अति कुपोषित हैं। हर महीने कुपोषण के तीन से चार सौ मामले सामने आ रहे हैं। कुपोषण से निपटने के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पोषाहार दिया जा रहा है और 0 से पांच वर्ष के बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है लेकिन फिर भी कुपोषण के आंकड़ों में कोई खास अंतर नहीं आ रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे ने बताया कि करीब एक हफ्ते तक चलने वाले अभियान में एक-एक गर्भवती महिला को चिह्नित किया जाएगा और अगर वे महिला शुगर या ब्लड प्रेशर की मरीज है, उसका इलाज भी कराया जाएगा। महिलाओं को चिह्नित करने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनका पंजीकरण किया जाएगा और फिर उनका खानपान सुधारने के लिए पोषाहार आदि बांटा कराया जाएगा। डीपीओ ने बताया कि इस संबंध में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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कुपोषण के दिसंबर माह के आंकड़े
पलिया-2317
ईसानगर-3163
फूलबेहड़-2889
लखीमपुर देहात-3213
कुंभी/गोला-1492
नकहा-2067
लखीमपुर शहर-1132
बेहजम-2472
पसगवां-2478
धौरहरा-2662
निघासन-3545
बांकेगंज-3072
मोहम्मदी-2386
मितौली-3017
रमियाबेहड़-2736
बिजुआ-2551
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मौजूदा समय में जिले में 41192 बच्चे अति कुपोषित हैं। हर महीने कुपोषण के तीन से चार सौ मामले सामने आ रहे हैं। कुपोषण से निपटने के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पोषाहार दिया जा रहा है और 0 से पांच वर्ष के बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है लेकिन फिर भी कुपोषण के आंकड़ों में कोई खास अंतर नहीं आ रहा है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे ने बताया कि करीब एक हफ्ते तक चलने वाले अभियान में एक-एक गर्भवती महिला को चिह्नित किया जाएगा और अगर वे महिला शुगर या ब्लड प्रेशर की मरीज है, उसका इलाज भी कराया जाएगा। महिलाओं को चिह्नित करने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनका पंजीकरण किया जाएगा और फिर उनका खानपान सुधारने के लिए पोषाहार आदि बांटा कराया जाएगा। डीपीओ ने बताया कि इस संबंध में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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कुपोषण के दिसंबर माह के आंकड़े
पलिया-2317
ईसानगर-3163
फूलबेहड़-2889
लखीमपुर देहात-3213
कुंभी/गोला-1492
नकहा-2067
लखीमपुर शहर-1132
बेहजम-2472
पसगवां-2478
धौरहरा-2662
निघासन-3545
बांकेगंज-3072
मोहम्मदी-2386
मितौली-3017
रमियाबेहड़-2736
बिजुआ-2551