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खैरहनी के प्रधान के अधिकार प्रतिबंधित
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 03 Mar 2015 05:37 PM IST
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डीएम किंजल सिंह ने निघासन ब्लाक की ग्राम पंचायत खैरहनी के प्रधान के खिलाफ लाभार्थियों की धन हड़पने के आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की गई है, जिसमें प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। तीन सदस्यीय समिति के गठन की कार्रवाई प्रारंभ करने के लिए बीडीओ को आदेश दिए गए हैं। साथ ही डीएम ने प्रधान को हटाने के लिए अंतिम जांच के आदेश देते हुए 15 दिन के अंदर रिपोर्ट तलब की है।
इंदिरा आवास लाभार्थियों ग्राम खैैरहनी निवासी भारत, परसादी, सुशील, श्रीधर, नंदराम, मैकू, रामचंद्र, बालकुमार, नरायन और बनवारी लाल ने शपथ पत्र पर डीएम को शिकायती पत्र दिया था, जिसमें सभी ने प्रधान जगदीश के खिलाफ इंदिरा आवास की रकम हड़पने का आरोप लगाया था। आरोप यह है कि प्रधान ने आवास की रकम बैंक से निकलवा ली थी, जिसके एवज में निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था। काफी समय बीत जाने के बावजूद प्रधान ने लाभार्थियों को निर्माण सामग्री उपलब्ध नहीं कराई और न ही धनराशि वापस की। डीएम ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पीडी डीआरडीए को जांच सौंपी थी, जिसमें आरोपों की पुष्टि करते हुए पीडी ने रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। इसके बाद डीएम ने पंचायत राज अधिनियम की धारा 95(1)(छ) के तहत 30 जनवरी 2015 को नोटिस देकर प्रधान जगदीश से एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन नियत समय से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बाद भी प्रधान ने स्पष्टीकरण नहीं दिया। लिहाजा डीएम ने आरोपों को प्रथम दृष्टया सिद्ध मानते हुए प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिए हैं।
अंतिम जांच के लिए अधिकारी नामित
उत्तर प्रदेश पंचायत राज (प्रधानों और सदस्यों को हटाया जाना) जांच नियमावली 1997 के प्रस्तर छह में दी गई व्यवस्था के अनुसार प्रकरण की विस्तृत/अंतिम जांच कराई जाएगी। डीएम किंजल सिंह ने इसके लिए उपायुक्त एनआरएलएम अजय पांडे को जांच अधिकारी नामित किया है, जिन्हें जांच आख्या 15 दिन के अंदर डीपीआरओ को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
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तीन सदस्यीय समिति संभालेगी कामकाज
ग्राम प्रधान के पदीय दायित्वों के निर्वाहन के लिए ग्राम पंचायत सदस्यों की समिति गठित करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। बीडीओ निघासन से प्रस्ताव मांगा गया है, जिसके प्राप्त होते ही समिति गठित कर दी जाएगी।
- योगेंद्र कटियार, जिला पंचायत राज अधिकारी
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इंदिरा आवास लाभार्थियों ग्राम खैैरहनी निवासी भारत, परसादी, सुशील, श्रीधर, नंदराम, मैकू, रामचंद्र, बालकुमार, नरायन और बनवारी लाल ने शपथ पत्र पर डीएम को शिकायती पत्र दिया था, जिसमें सभी ने प्रधान जगदीश के खिलाफ इंदिरा आवास की रकम हड़पने का आरोप लगाया था। आरोप यह है कि प्रधान ने आवास की रकम बैंक से निकलवा ली थी, जिसके एवज में निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था। काफी समय बीत जाने के बावजूद प्रधान ने लाभार्थियों को निर्माण सामग्री उपलब्ध नहीं कराई और न ही धनराशि वापस की। डीएम ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पीडी डीआरडीए को जांच सौंपी थी, जिसमें आरोपों की पुष्टि करते हुए पीडी ने रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। इसके बाद डीएम ने पंचायत राज अधिनियम की धारा 95(1)(छ) के तहत 30 जनवरी 2015 को नोटिस देकर प्रधान जगदीश से एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन नियत समय से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बाद भी प्रधान ने स्पष्टीकरण नहीं दिया। लिहाजा डीएम ने आरोपों को प्रथम दृष्टया सिद्ध मानते हुए प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिए हैं।
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अंतिम जांच के लिए अधिकारी नामित
उत्तर प्रदेश पंचायत राज (प्रधानों और सदस्यों को हटाया जाना) जांच नियमावली 1997 के प्रस्तर छह में दी गई व्यवस्था के अनुसार प्रकरण की विस्तृत/अंतिम जांच कराई जाएगी। डीएम किंजल सिंह ने इसके लिए उपायुक्त एनआरएलएम अजय पांडे को जांच अधिकारी नामित किया है, जिन्हें जांच आख्या 15 दिन के अंदर डीपीआरओ को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
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तीन सदस्यीय समिति संभालेगी कामकाज
ग्राम प्रधान के पदीय दायित्वों के निर्वाहन के लिए ग्राम पंचायत सदस्यों की समिति गठित करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। बीडीओ निघासन से प्रस्ताव मांगा गया है, जिसके प्राप्त होते ही समिति गठित कर दी जाएगी।
- योगेंद्र कटियार, जिला पंचायत राज अधिकारी