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प्रायोगिक परीक्षा : सॉफ्टवेयर के सहारे होगी परीक्षकों की नियुक्ति
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लखीमपुर खीरी। प्रायोगिक परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो इसको लेकर इस बार कई बदलाव किए गए हैं। परीक्षकों की ड्यूटी एक खास साफ्टवेयर के जरिये लगाई जाएगी। स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने शिक्षकों का डाटा पोर्टल पर अपलोड कर दिया है।
डीआईओएस डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षकों की सूची को अपडेट करते हुए पोर्टल पर अपलोड किया गया है। छात्र-छात्राओं की प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान कई बार तमाम तरह की शिकायतें मिलती थीं, इन्हीं शिकायतों को देखते हुए बोर्ड ने यह कदम उठाया है। साफ्टवेयर के जरिये चुने गए प्रशिक्षकों से ही ड्यूटी कराई जाएगी।
इस बार कई और बदलाव किए गए हैं। जिसमें छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी लेना, सेंटर से 200 मीटर की दूरी में ही परीक्षा संपन्न कराना शामिल है। साफ्टवेयर पर अपडेट किए गए डाटा में अगर कोई अयोग्य शिक्षक की नियुक्ति हो जाती है तो स्कूल का प्रधानाचार्य इसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा। उन्होंने बताया कि प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना और प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।
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डीआईओएस डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षकों की सूची को अपडेट करते हुए पोर्टल पर अपलोड किया गया है। छात्र-छात्राओं की प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान कई बार तमाम तरह की शिकायतें मिलती थीं, इन्हीं शिकायतों को देखते हुए बोर्ड ने यह कदम उठाया है। साफ्टवेयर के जरिये चुने गए प्रशिक्षकों से ही ड्यूटी कराई जाएगी।
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इस बार कई और बदलाव किए गए हैं। जिसमें छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी लेना, सेंटर से 200 मीटर की दूरी में ही परीक्षा संपन्न कराना शामिल है। साफ्टवेयर पर अपडेट किए गए डाटा में अगर कोई अयोग्य शिक्षक की नियुक्ति हो जाती है तो स्कूल का प्रधानाचार्य इसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा। उन्होंने बताया कि प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना और प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।
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