{"_id":"64c947da31910483f90d2758","slug":"power-poles-occupied-by-private-firms-subordinates-unknown-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1002-2999-2023-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: बिजली खंभों पर निजी फर्मों \nका कब्जा, मातहत अनजान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: बिजली खंभों पर निजी फर्मों का कब्जा, मातहत अनजान
Tue, 01 Aug 2023 11:28 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 01 Aug 2023 11:28 PM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। शहर की गलियों से लेकर मुख्य मार्गों में लगे बिजली के खंभों पर फाइबर केबल और प्राइवेट कंपनियों ने कब्जा कर रखा है। हाल यह है कि कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ न आए इसको लेकर पालिका की जगह पर लगे बिजली खंभों के सहारे ही अपनी लाइनें बिछाकर लोगों को सुविधा दी जा रही है। इस बात से नगर पालिका के साथ ही बिजली विभाग के अधिकारी अंजान बने हुए हैं।
मोहल्लों से लेकर सड़कों पर लगे बिजली के खंभों पर प्राइवेट फर्माें ने कब्जा जमा रखा है। कुछ ही वर्षों में लोगों के अंदर नेट और डिश टीवी के क्रेज ने बिजली विभाग के कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर का शायद ही कोई ऐसा बिजली का खंभा होगा, जिस पर फाइबर केबल के साथ ही डिश टीवी के बाक्स टंगे हुए न दिखाई दें।
लोगों की मानें तो फाइबर केबल से जुड़े रोजगार करने वाली कंपनियों के कर्मचारी बिना किसी डर से आसानी के साथ इन्हीं खंभों का उपयोग करते रहते हैं। धीरे-धीरे खंभों पर इतने तार और बाक्स टांग दिए जाते हैं कि बिजली से जुड़ी तकनीकि खराबी को सही करने के लिए कर्मचारियों को काफी जद्दोजेहद करनी पड़ती है।
विज्ञापन
माना जाता है कि फाइबर केबल और डिश टीवी से जुड़ी प्राइवेट कंपनियां खुद का खर्च बचाने के चक्कर में सरकारी राजस्व को चूना लगा रही हैं। नियमत: जो फर्म बिजली के खंभों का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें बिजली के साथ ही नगर पालिका के अधिकारियों से अनुमति लेकर तय रकम राजस्व में जमा करनी होती है, लेकिन यहां पर ऐसा होता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है।
हादसे का कारण भी बनते हैं लटकते केबल
अमूमन देखा गया है कि मोहल्लों में लगे बिजली के खंभों पर फाइबर केबल और डिश टीवी के बाॅक्सों को कम ऊंचाई पर लगाया जाता है। कम ऊंचाई पर लगे होने के चलते कर्मचारी कमियाें को दुरुस्त कर लेता है, लेकिन जब जब मोहल्ले के अंदर ट्रैक्टर-ट्राॅली के अलावा बड़े वाहन गुजरते हैं तो इन्हीं तारों में उलझ जाते हैं। कभी-कभी तार टूटकर जमीन पर भी गिर जाते हैं।
नगर पालिका की भूमि पर लगे खंभों का यदि कोई प्राइवेट कंपनी उपयोग करते हुए राजस्व को चूना लगा रही है तो यह गलत है। बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता कर जल्द ही एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इतना ही नहीं जांच के बाद इस कंपनी के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए जुर्माना भी वसूला जाएगा। -संजय कुमार, ईओ, नगर पालिका, लखीमपुर
विज्ञापन
मोहल्लों से लेकर सड़कों पर लगे बिजली के खंभों पर प्राइवेट फर्माें ने कब्जा जमा रखा है। कुछ ही वर्षों में लोगों के अंदर नेट और डिश टीवी के क्रेज ने बिजली विभाग के कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर का शायद ही कोई ऐसा बिजली का खंभा होगा, जिस पर फाइबर केबल के साथ ही डिश टीवी के बाक्स टंगे हुए न दिखाई दें।
विज्ञापन
लोगों की मानें तो फाइबर केबल से जुड़े रोजगार करने वाली कंपनियों के कर्मचारी बिना किसी डर से आसानी के साथ इन्हीं खंभों का उपयोग करते रहते हैं। धीरे-धीरे खंभों पर इतने तार और बाक्स टांग दिए जाते हैं कि बिजली से जुड़ी तकनीकि खराबी को सही करने के लिए कर्मचारियों को काफी जद्दोजेहद करनी पड़ती है।
विज्ञापन
माना जाता है कि फाइबर केबल और डिश टीवी से जुड़ी प्राइवेट कंपनियां खुद का खर्च बचाने के चक्कर में सरकारी राजस्व को चूना लगा रही हैं। नियमत: जो फर्म बिजली के खंभों का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें बिजली के साथ ही नगर पालिका के अधिकारियों से अनुमति लेकर तय रकम राजस्व में जमा करनी होती है, लेकिन यहां पर ऐसा होता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है।
हादसे का कारण भी बनते हैं लटकते केबल
अमूमन देखा गया है कि मोहल्लों में लगे बिजली के खंभों पर फाइबर केबल और डिश टीवी के बाॅक्सों को कम ऊंचाई पर लगाया जाता है। कम ऊंचाई पर लगे होने के चलते कर्मचारी कमियाें को दुरुस्त कर लेता है, लेकिन जब जब मोहल्ले के अंदर ट्रैक्टर-ट्राॅली के अलावा बड़े वाहन गुजरते हैं तो इन्हीं तारों में उलझ जाते हैं। कभी-कभी तार टूटकर जमीन पर भी गिर जाते हैं।
नगर पालिका की भूमि पर लगे खंभों का यदि कोई प्राइवेट कंपनी उपयोग करते हुए राजस्व को चूना लगा रही है तो यह गलत है। बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता कर जल्द ही एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इतना ही नहीं जांच के बाद इस कंपनी के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए जुर्माना भी वसूला जाएगा। -संजय कुमार, ईओ, नगर पालिका, लखीमपुर