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बिजली कटौती : टॉर्च की रोशनी में कराना पड़ता है प्रसव
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बिजुआ। उप स्वास्थ्य केंद्र गुलरिया नौसरजोगी में बिजली कटौती से मरीजों को दिक्कत हो रही है। बिजली न होने से ऑपरेशन में देरी होती है। भीषण गर्मी में प्रसूताएं प्रसव पीड़ा से कराहती दिखती हैं। एएनएम कई बार टार्च की रोशनी में प्रसव कराती हैं।
क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति न के बराबर होती है। उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन चार से पांच प्रसव होते हैं। उन्हें इस गर्मी में प्रसव कक्ष के अंदर गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
गुलरिया चीनी मिल की तरफ से तीमारदारों तथा मरीजों के लिए एक रैनबसेरा तथा वाटर कूलर लगवा दिया गया है, लेकिन प्रसूताओं के लिए गर्मी से राहत पाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
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केंद्र प्रभारी एएनएम ज्योति गुप्ता ने बताया कि बिजली कभी-कभार ही आती है, जेनरेटर और इनवर्टर नहीं है। अक्सर टार्च की रोशनी में प्रसव कराना पड़ता है।
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क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति न के बराबर होती है। उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन चार से पांच प्रसव होते हैं। उन्हें इस गर्मी में प्रसव कक्ष के अंदर गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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गुलरिया चीनी मिल की तरफ से तीमारदारों तथा मरीजों के लिए एक रैनबसेरा तथा वाटर कूलर लगवा दिया गया है, लेकिन प्रसूताओं के लिए गर्मी से राहत पाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
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केंद्र प्रभारी एएनएम ज्योति गुप्ता ने बताया कि बिजली कभी-कभार ही आती है, जेनरेटर और इनवर्टर नहीं है। अक्सर टार्च की रोशनी में प्रसव कराना पड़ता है।