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कोरोना काल में डाकिये बने बड़े मददगार
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डाल विभाग की यह व्यवस्था बीमारों और बुजुर्गों के लिए काफी उपयोगी साबित हुई
लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर के दौरान लगे लॉकडाउन में जब लोग घर से निकलने में डर रहे थे, उस समय डाकिया कोरोना वारियर्स के रूप में घर-घर जाकर उन्हें उनके बैंक या एटीएम पर जाए बिना ही धन मुहैया करा रहे थे। यह व्यवस्था बीमारों और बुजुर्गों के लिए काफी उपयोगी साबित हुई।
भारतीय डाक विभाग ने 2018 में सभी जिला मुख्यालय पर इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक खोली हैं। इसके तहत बैंक के एईपीएस (आधार इनविल्ड पेमेंट सिस्टम) के तहत लोगों को घर बैठे उनके किसी भी बैंक खाते से धन निकालकर जरूरतमंद तक पहुंचाने की व्यवस्था है। बशर्ते बैंक खाते में ग्राहक का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लिंक हो।
कोरोना काल में जब बैंक शाखाएं अल्प समय के लिए ही खुल रहीं थीं उस वक्त यह एप काफी मददगार साबित हुआ। इस दौरान करीब एक लाख लोगों ने डाक विभाग की इस सुविधा का लाभ उठाया। तत्कालीन डीएम शैलेंद्र सिंह ने इस सिस्टम की सराहना की और योजना के लिए महा लॉगिंग डे का आयोजन किया। इससे केवल एक दिन के अंदर पोस्ट पैमेंट बैंक में 6600 एकाउंट खोले गए।
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खीरी मंडल के डाक अधीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि एक अप्रैल से 31 अक्टूबर 2020 तक एईपीएस योजना के तहत 153404 ट्रांजेक्शन हुए और 243071833 रुपये विभिन्न बैंकों से निकालकर जरूरतमंदों तक पहुंचाए गए। इस सिस्टम से करीब एक लाख लोग लाभान्वित हुए।
31 अक्टूबर तक हुए साढ़े तीन लाख से आधिक ट्रांजक्शन
डायरेक्ट बेनीफिट योजना के तहत एक अप्रैल से 31 अक्टूबर तक 350043 ट्रांजक्शन हुए और एक करोड़, 50 लाख, 64 हजार, 471 रुपये निकालकर पात्रों तक पहुंचाए गए। योजना में करीब 30 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं। इसके अलावा माइक्रो एटीएम कैंप लगाए गए हैं। लखीमपुर में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में शाखा प्रबंधक के रूप में मनोज कुमार शर्मा कार्यरत हैं। उनका कहना है कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैक के माध्यम से छोटे व्यापारियों के डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर की योजना भी चलाई जा रही है।
कैसे काम करता है एईपीएस सिस्टम
एईपीएस एक एप के जारिए संचालित होता है। इस एप के जरिए कोई भी व्यक्ति घर बैठे पैसों की जरूरत संबंधी संदेश भेज सकता है। इस संदेश के मिलते ही कुछ ही देर में पोस्टमैन उनके दरवाजे पर पहुंच जाएगा। डिवाइस पर अंगूठा लगाकर उसे 10 हजार रुपये तक का भुगतान कर देगा। यह पैसे उसके एकाउंट पोस्ट पेमेंट बैंक निकाल लेगा। इससे ग्राहक को घर बैठे धन मुहैया हो सकेगा।
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर के दौरान लगे लॉकडाउन में जब लोग घर से निकलने में डर रहे थे, उस समय डाकिया कोरोना वारियर्स के रूप में घर-घर जाकर उन्हें उनके बैंक या एटीएम पर जाए बिना ही धन मुहैया करा रहे थे। यह व्यवस्था बीमारों और बुजुर्गों के लिए काफी उपयोगी साबित हुई।
भारतीय डाक विभाग ने 2018 में सभी जिला मुख्यालय पर इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक खोली हैं। इसके तहत बैंक के एईपीएस (आधार इनविल्ड पेमेंट सिस्टम) के तहत लोगों को घर बैठे उनके किसी भी बैंक खाते से धन निकालकर जरूरतमंद तक पहुंचाने की व्यवस्था है। बशर्ते बैंक खाते में ग्राहक का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लिंक हो।
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कोरोना काल में जब बैंक शाखाएं अल्प समय के लिए ही खुल रहीं थीं उस वक्त यह एप काफी मददगार साबित हुआ। इस दौरान करीब एक लाख लोगों ने डाक विभाग की इस सुविधा का लाभ उठाया। तत्कालीन डीएम शैलेंद्र सिंह ने इस सिस्टम की सराहना की और योजना के लिए महा लॉगिंग डे का आयोजन किया। इससे केवल एक दिन के अंदर पोस्ट पैमेंट बैंक में 6600 एकाउंट खोले गए।
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खीरी मंडल के डाक अधीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि एक अप्रैल से 31 अक्टूबर 2020 तक एईपीएस योजना के तहत 153404 ट्रांजेक्शन हुए और 243071833 रुपये विभिन्न बैंकों से निकालकर जरूरतमंदों तक पहुंचाए गए। इस सिस्टम से करीब एक लाख लोग लाभान्वित हुए।
31 अक्टूबर तक हुए साढ़े तीन लाख से आधिक ट्रांजक्शन
डायरेक्ट बेनीफिट योजना के तहत एक अप्रैल से 31 अक्टूबर तक 350043 ट्रांजक्शन हुए और एक करोड़, 50 लाख, 64 हजार, 471 रुपये निकालकर पात्रों तक पहुंचाए गए। योजना में करीब 30 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं। इसके अलावा माइक्रो एटीएम कैंप लगाए गए हैं। लखीमपुर में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में शाखा प्रबंधक के रूप में मनोज कुमार शर्मा कार्यरत हैं। उनका कहना है कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैक के माध्यम से छोटे व्यापारियों के डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर की योजना भी चलाई जा रही है।
कैसे काम करता है एईपीएस सिस्टम
एईपीएस एक एप के जारिए संचालित होता है। इस एप के जरिए कोई भी व्यक्ति घर बैठे पैसों की जरूरत संबंधी संदेश भेज सकता है। इस संदेश के मिलते ही कुछ ही देर में पोस्टमैन उनके दरवाजे पर पहुंच जाएगा। डिवाइस पर अंगूठा लगाकर उसे 10 हजार रुपये तक का भुगतान कर देगा। यह पैसे उसके एकाउंट पोस्ट पेमेंट बैंक निकाल लेगा। इससे ग्राहक को घर बैठे धन मुहैया हो सकेगा।