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Lakhimpur Kheri News: ढाई महीने से पोर्टल बंद, जच्चा-बच्चा की सेहत को खतरा
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कंचन
लखीमपुर खीरी। गर्भवती महिलाओं से लेकर गर्भस्थ शिशु को कुपोषण से बचाने के लिए शुरू हुई प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना पर पोर्टल का ग्रहण लग गया है। पोर्टल एक अप्रैल से बंद है। इसलिए न नए आवेदन हो पा रहे हैं और न ही पंजीकृत लोगों को भुगतान मिल सका है। महिलाओं को कुपोषण से बचाने की मंशा पर पानी फिर रहा है। उधर, नोडल एसीएमओ अश्वनी कुमार सिस्टम अपडेट का हवाला दे रहे हैं, जबकि ढाई महीने से पोर्टल बंद है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर महिला को पांच हजार रुपये की मदद मिलती है। इसके लिए महिला को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। पहली किस्त में दो हजार, दूसरी में दो हजार और प्रसव के बाद बच्चे का निर्धारित टीकाकरण होने पर एक हजार रुपये मिलते हैं। इसका उद्देश्य जच्चा-बच्चा को कुपोषण से बचाना है, क्योंकि पैसों के अभाव में गर्भावस्था में महिलाएं पौष्टिक आहार का सेवन नहीं कर पाती, जिससे महिलाएं एवं गर्भस्थ शिशु के कुपोषित होने की आशंका बढ़ जाती है।
ऐसे में प्रसव के समय जच्चा-बच्चा की जान तक पर बन आती है। जच्चा-बच्चा की मृत्यु दर कम करने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री मात्र वंदन योजना पर पोर्टल का ग्रहण लग गया है। पिछले ढाई माह से पोर्टल बंद होने की वजह से आवेदन नहीं हो पा रहे। इससे महिलाओं योजना का लाभ मिलना भी मुश्किल हो गया है।
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करीब चार सौ फार्म पेंडिंग
मितौली। पोर्टल का बंद होना गर्भवती महिलाओं के लिए मुसीबत बन गया है। सीएचसी पर आवेदन के लिए करीब 400 फार्म पेंडिंग है। आवेदन के लिए महिलाएं और उनके परिजन सीएचसी के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं जिम्मेदार भी इसके बारे में सटीक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। पोर्टल बंद होने की वजह से कई गर्भवती महिलाएं ऐसी हैं, जिनको अभी तक तीसरी किस्त नहीं मिल सकी है। विभागीय लोग बताते हैं कि पुराने पोर्टल से पहली व दूसरी किस्त भेजी गई थी। वह अब खुल नहीं रहा है। इसलिए तीसरी किस्त अटकी है।
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प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर महिला को पांच हजार रुपये की मदद मिलती है। इसके लिए महिला को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। पहली किस्त में दो हजार, दूसरी में दो हजार और प्रसव के बाद बच्चे का निर्धारित टीकाकरण होने पर एक हजार रुपये मिलते हैं। इसका उद्देश्य जच्चा-बच्चा को कुपोषण से बचाना है, क्योंकि पैसों के अभाव में गर्भावस्था में महिलाएं पौष्टिक आहार का सेवन नहीं कर पाती, जिससे महिलाएं एवं गर्भस्थ शिशु के कुपोषित होने की आशंका बढ़ जाती है।
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ऐसे में प्रसव के समय जच्चा-बच्चा की जान तक पर बन आती है। जच्चा-बच्चा की मृत्यु दर कम करने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री मात्र वंदन योजना पर पोर्टल का ग्रहण लग गया है। पिछले ढाई माह से पोर्टल बंद होने की वजह से आवेदन नहीं हो पा रहे। इससे महिलाओं योजना का लाभ मिलना भी मुश्किल हो गया है।
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करीब चार सौ फार्म पेंडिंग
मितौली। पोर्टल का बंद होना गर्भवती महिलाओं के लिए मुसीबत बन गया है। सीएचसी पर आवेदन के लिए करीब 400 फार्म पेंडिंग है। आवेदन के लिए महिलाएं और उनके परिजन सीएचसी के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं जिम्मेदार भी इसके बारे में सटीक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। पोर्टल बंद होने की वजह से कई गर्भवती महिलाएं ऐसी हैं, जिनको अभी तक तीसरी किस्त नहीं मिल सकी है। विभागीय लोग बताते हैं कि पुराने पोर्टल से पहली व दूसरी किस्त भेजी गई थी। वह अब खुल नहीं रहा है। इसलिए तीसरी किस्त अटकी है।

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