फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Portal closed for two and a half months, threat to health of mother and child

Lakhimpur Kheri News: ढाई महीने से पोर्टल बंद, जच्चा-बच्चा की सेहत को खतरा

Fri, 16 Jun 2023 12:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jun 2023 12:07 AM IST
विज्ञापन
Portal closed for two and a half months, threat to health of mother and child
कंचन
लखीमपुर खीरी। गर्भवती महिलाओं से लेकर गर्भस्थ शिशु को कुपोषण से बचाने के लिए शुरू हुई प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना पर पोर्टल का ग्रहण लग गया है। पोर्टल एक अप्रैल से बंद है। इसलिए न नए आवेदन हो पा रहे हैं और न ही पंजीकृत लोगों को भुगतान मिल सका है। महिलाओं को कुपोषण से बचाने की मंशा पर पानी फिर रहा है। उधर, नोडल एसीएमओ अश्वनी कुमार सिस्टम अपडेट का हवाला दे रहे हैं, जबकि ढाई महीने से पोर्टल बंद है।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर महिला को पांच हजार रुपये की मदद मिलती है। इसके लिए महिला को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। पहली किस्त में दो हजार, दूसरी में दो हजार और प्रसव के बाद बच्चे का निर्धारित टीकाकरण होने पर एक हजार रुपये मिलते हैं। इसका उद्देश्य जच्चा-बच्चा को कुपोषण से बचाना है, क्योंकि पैसों के अभाव में गर्भावस्था में महिलाएं पौष्टिक आहार का सेवन नहीं कर पाती, जिससे महिलाएं एवं गर्भस्थ शिशु के कुपोषित होने की आशंका बढ़ जाती है।
विज्ञापन

ऐसे में प्रसव के समय जच्चा-बच्चा की जान तक पर बन आती है। जच्चा-बच्चा की मृत्यु दर कम करने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री मात्र वंदन योजना पर पोर्टल का ग्रहण लग गया है। पिछले ढाई माह से पोर्टल बंद होने की वजह से आवेदन नहीं हो पा रहे। इससे महिलाओं योजना का लाभ मिलना भी मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


करीब चार सौ फार्म पेंडिंग
मितौली। पोर्टल का बंद होना गर्भवती महिलाओं के लिए मुसीबत बन गया है। सीएचसी पर आवेदन के लिए करीब 400 फार्म पेंडिंग है। आवेदन के लिए महिलाएं और उनके परिजन सीएचसी के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं जिम्मेदार भी इसके बारे में सटीक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। पोर्टल बंद होने की वजह से कई गर्भवती महिलाएं ऐसी हैं, जिनको अभी तक तीसरी किस्त नहीं मिल सकी है। विभागीय लोग बताते हैं कि पुराने पोर्टल से पहली व दूसरी किस्त भेजी गई थी। वह अब खुल नहीं रहा है। इसलिए तीसरी किस्त अटकी है।

कंचन

कंचन

कंचन

कंचन

कंचन

कंचन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed