Lakhimpur Kheri: तीन दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा बंदी करन, कोर्ट लॉकअप की दीवार फांदकर भागा था
लखीमपुर खीरी में पेशी के बाद कोर्ट लॉकअप से भागे बंदी करन उर्फ बबलू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी तलाश में कई टीमें जुटी थीं। हरदोई जिले के सहिजना नहर पुल के पास से उसे दबोच लिया गया।
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लखीमपुर खीरी में पेशी के बाद कोर्ट लॉकअप से भागा बंदी करन उर्फ बबलू तीन दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सदर कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने रविवार को उसे हरदोई जिले के बेहटा गोकुल थाने के सहिजना के पास नहर पुल से गिरफ्तार किया। बंदी की तलाश में सदर कोतवाली के अलावा कई अन्य पुलिस टीमें भी लगी थीं। मोहम्मदी निवासी एक महिला से भी पूछताछ की गई।
हरदोई जिले के पिहानी निवासी करन उर्फ बबलू को गोला पुलिस ने करीब पांच माह पूर्व हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी व अन्य मामलों में पकड़कर जेल भेजा था। बृहस्पतिवार को बंदी करन उर्फ बबलू को एडीजे प्रथम के न्यायालय में पेशी पर लाया गया था। पेशी के बाद दोपहर करीब 3.35 बजे बंदी ने पानी पीने का बहाना बनाया और कोर्ट लॉकअप की दीवार फांदकर भाग गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बंदी को भागते देखा और पीछा भी किया, लेकिन उसे पकड़ नहीं सके।
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कोर्ट लॉकअप से बंदी के भागने पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई थी। आननफानन टीमों का गठन कर बंदी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जाने लगी। सभी थानों को भी अलर्ट किया गया। बंदी के जान-पहचान के लोगों को भी उठाया गया। रविवार को सदर कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने बंदी को हरदोई जिले के सहिजना गांव नहर पुल मानपुर रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया।
भागने के बाद कुछ देर कचहरी में रुका था करन
कोर्ट लॉकअप से भागने के बाद बंदी करन उर्फ बबलू कुछ देर तक कचहरी परिसर में ही रुका था। बाद में ई-रिक्शा से छाउछ चौराहा पहुंचा। छाउछ चौराहे से ट्रक में बैठकर जहानीखेड़ा तक गया। ट्रक चालक को बहन के अंतिम संस्कार में जाने की बात बताई। इस वजह से चालक ने उससे किराया भी नहीं लिया। जहानीखेड़ा उतरकर वह गांव पहुंचा और वहां से थाना बेहटा गोकुल इलाके में गया था। बताया जा रहा है कि बंदी की बहन की मौत हुई थी। वह, बहन के घर जाना चाहता था।
बंदी करन का है आपराधिक इतिहास
बंदी करन उर्फ बबलू का आपराधिक इतिहास है। उस पर लूट, हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी व गैंगस्टर का केस है। करन पर गोला कोतवाली में चार व मैलानी थाने में एक मुकदमा दर्ज है। कोर्ट लॉकअप से भागने के बाद बंदी करन पर सदर कोतवाली में भी केस दर्ज किया गया है।
इस मुकदमे में कोर्ट लॉकअप में ड्यूटी पर मौजूद मुख्य आरक्षी को भी आरोपी बनाया गया। लापरवाही बरतने के चलते आरक्षी को निलंबित भी किया गया है। बंदी को दबोचने वाली टीम में स्वाट-सर्विलांस प्रभारी हरिकेश राय, एसएसआई सुनीत कुमार एसआई जेपी यादव, संदीप यादव आदि शामिल रहे।