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काव्य संध्या में बही रसधार
गोला गोकर्णनाथ
Updated Sun, 10 May 2015 11:04 PM IST
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अनुराधा सामाजिक साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में संस्कार विद्या मंदिर के प्रांगण में काव्य संध्या का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कवि और साहित्यकार अमर फतेहपुरी शास्त्री ने की। संचालन पंडित मुरलीधर त्रिपाठी अनजान ने किया।
काव्य संध्या का शुभारंभ संतोष त्रिपाठी एडवोकेट की वाणी वंदना से किया गया। नगर के कवि राजीव शर्मा ने नेताओं पर कुछ इस प्रकार व्यंग्य किया- इतनी दौलत हमें देना दाता, सात पुस्ते भी खाए चुकेना।
राष्ट्रीय एकता के लिए शशांक ने कुछ इस प्रकार पढ़ा-हिंदू, न मुसलमान, न सरदार चाहिए, आपस में प्रेम भाव का व्यवहार चाहिए। कन्हैया सिंह राश ने समाज को फटकारते हुए कहा- मायावी संसार में, मायावी सब लोग, भोजन भूखे को नहीं अघाने को भोग।
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सभाध्यक्ष अमर फतेहपुरी ने कुछ यूं वाहवाही लूटी-देश में जयचंद जाफर कुछ बढ़ने लगे हैं, देश को फिर बेचने का स्वप्न कुछ गढ़ने लगे हैं।
इसके पश्चात देश के नेताओं एवं व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी प्रहार किया। कहा-धू धू धक धक देश जल रहा, होली के अंगाराें में।
संचालक मुरलीधर त्रिपाठी अनजान ने चुनाव में नेताओं के आचरण पर कटाक्ष किया। अंत में विद्यालय प्रबंधक संतोष त्रिपाठी ने साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए कवि अमर फतेहपुरी को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय की प्रधानाचार्य विनीता त्रिपाठी, शिक्षिका किरन शर्मा, मानसी गुप्ता, कोमल गुप्ता, रुची कश्यप, दुर्गावती त्रिपाठी एवं शिवकुमार सोनी दुर्गेश सोनी जयप्रकाश त्रिवेदी आदि लोग उपस्थित रहे।
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काव्य संध्या का शुभारंभ संतोष त्रिपाठी एडवोकेट की वाणी वंदना से किया गया। नगर के कवि राजीव शर्मा ने नेताओं पर कुछ इस प्रकार व्यंग्य किया- इतनी दौलत हमें देना दाता, सात पुस्ते भी खाए चुकेना।
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राष्ट्रीय एकता के लिए शशांक ने कुछ इस प्रकार पढ़ा-हिंदू, न मुसलमान, न सरदार चाहिए, आपस में प्रेम भाव का व्यवहार चाहिए। कन्हैया सिंह राश ने समाज को फटकारते हुए कहा- मायावी संसार में, मायावी सब लोग, भोजन भूखे को नहीं अघाने को भोग।
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सभाध्यक्ष अमर फतेहपुरी ने कुछ यूं वाहवाही लूटी-देश में जयचंद जाफर कुछ बढ़ने लगे हैं, देश को फिर बेचने का स्वप्न कुछ गढ़ने लगे हैं।
इसके पश्चात देश के नेताओं एवं व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी प्रहार किया। कहा-धू धू धक धक देश जल रहा, होली के अंगाराें में।
संचालक मुरलीधर त्रिपाठी अनजान ने चुनाव में नेताओं के आचरण पर कटाक्ष किया। अंत में विद्यालय प्रबंधक संतोष त्रिपाठी ने साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए कवि अमर फतेहपुरी को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय की प्रधानाचार्य विनीता त्रिपाठी, शिक्षिका किरन शर्मा, मानसी गुप्ता, कोमल गुप्ता, रुची कश्यप, दुर्गावती त्रिपाठी एवं शिवकुमार सोनी दुर्गेश सोनी जयप्रकाश त्रिवेदी आदि लोग उपस्थित रहे।