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जिला अस्पताल की पैथालॉजी के लिए मुसीबत बना शासन के निर्देश, बढ़ेगी मरीजों की परेशानी
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लखीमपुर खीरी। प्रदेश सरकार ने पीओसीटी (प्वाइंट ऑफ केयर टेस्टिंग) के मैनपॉवर सप्लाई कांट्रैक्ट को रद्द कर दिया है, जिससे जिला अस्पताल की पैथालॉजी में कार्यरत पांच कर्मचारी बाहर हो जाएंगे। ऐसे में जांच के लिए आने वाले मरीजों की दिक्कत बढ़ेंगी।
मरीजों की अधिक से अधिक जांचें जिला अस्पताल में ही हों, इसके लिए शासन ने पीओसीटी कंपनी से मशीनें लगाने के साथ ही कर्मचारी देने का करार किया था, जिस पर कंपनी ने कई मशीनें लगाने के साथ ही उन्हें चलाने के लिए पांच कर्मचारी भी दिए थे। इसमें दो लैब टेक्नीशियन, दो कंप्यूटर ऑपरेटर और एक लैब असिस्टेंट तैैनात थे। बताते हैं कंपनी का कांट्रैक्ट 29 फरवरी को समाप्त हो गया। जबकि दो दिन पूर्व हुई वीडियो कांफ्रेंस में ही प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने इन कर्मचारियों को बाहर करने के निर्देश दिए। बताते हैं कि प्रमुख सचिव ने सीएमएस को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि करार खत्म होने के बाद इन कर्मचारियों से किसी भी हालत में काम न लिया जाए। ऐसे में अब पैथालॉजी में जांच प्रक्रिया लड़खड़ाएगी और मरीजों को परेशान होना पड़ेगा।
पीओसीटी से करार खत्म हो गया है इसलिए उनके कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इससे पैथालॉजी का कार्य प्रभावित होगा, जिसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। - डॉ. आरसी अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल
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मरीजों की अधिक से अधिक जांचें जिला अस्पताल में ही हों, इसके लिए शासन ने पीओसीटी कंपनी से मशीनें लगाने के साथ ही कर्मचारी देने का करार किया था, जिस पर कंपनी ने कई मशीनें लगाने के साथ ही उन्हें चलाने के लिए पांच कर्मचारी भी दिए थे। इसमें दो लैब टेक्नीशियन, दो कंप्यूटर ऑपरेटर और एक लैब असिस्टेंट तैैनात थे। बताते हैं कंपनी का कांट्रैक्ट 29 फरवरी को समाप्त हो गया। जबकि दो दिन पूर्व हुई वीडियो कांफ्रेंस में ही प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने इन कर्मचारियों को बाहर करने के निर्देश दिए। बताते हैं कि प्रमुख सचिव ने सीएमएस को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि करार खत्म होने के बाद इन कर्मचारियों से किसी भी हालत में काम न लिया जाए। ऐसे में अब पैथालॉजी में जांच प्रक्रिया लड़खड़ाएगी और मरीजों को परेशान होना पड़ेगा।
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पीओसीटी से करार खत्म हो गया है इसलिए उनके कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इससे पैथालॉजी का कार्य प्रभावित होगा, जिसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। - डॉ. आरसी अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल
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