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शिकारियों ने लगाई बिजली की बाड़, बाघ की मौत
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करंट से मरा बाघ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
50 मीटर दूर जंगली सुअर का भी शव मिला, मुख्य वन संरक्षक ने बताई शिकारियों की करतूत, दो लोगों की हुई पहचान
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लखीमपुर खीरी/भीखमपुर। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मोहम्मदी रेंज की आंवला बीट से सटे डोहकरपुर गांव के पास शिकारियों की बिजली तार की बाड़ की चपेट में आए बाघ और सुअर की करंट लगने से मौत हो गई। अन्य वनाधिकारियों समेत मौके पर पहुंचे मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह ने घटना की वजह शिकारी बताए हैं। मौके से बिजली का तार भी बरामद हुआ है। अधिकारियों ने दो लोगों की पहचान का दावा किया है। उधर, दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
आंवला जंगल क्षेत्र के ग्राम डोकरपुर के पश्चिम में विनोद वर्मा के खेत में बाघ का और 50 मीटर की दूरी पर रितेश कुमार के खेत में जंगली सुअर का सोमवार की सुबह शव पड़ा मिला। दोनों के शव तार से उलझे हुए थे। सुबह खेत की ओर गए ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद वनाधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में वनाधिकारी मौके पर पहुंचने लगे। इस दौरान वहां पर ग्रामीणों की काफी भीड़ जुट गई और ग्रामीण अपने-अपने हिसाब से बाघ के शव को हिला-डुलाकर देखने और उसके साथ तस्वीरें लेने लगे।
मुख्य वन संरक्षक (लखनऊ मंडल) आरके सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एपीसीसीएफ (प्रोजेक्ट टाइगर) कमलेश कुमार गुप्ता, मुख्य वन संरक्षक व एफडी (दुधवा टाइ गर रिजर्व) संजय पाठक, डीएफओ साउथ समीर वर्मा, डीएफओ नॉर्थ अनिल पटेल, मोहम्मदी रेंजर मोबीन आरिफ आदि वनाधिकारियों का काफिला मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का मुआयना किया।
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मुख्य वन संरक्षक और लखनऊ चिड़ियाघर के निदेशक आरके सिंह ने बताया कि बिजली का तार बिछाकर अवैध शिकार किया गया है। 300 मीटर लंबा तार मौके से मिला है, जिसमें 350 मीटर की दूरी पर स्थित पास के गांव में गई बिजली की लाइन में कटिया डालकर बिजली सप्लाई ली गई थी। कई कटिया वहां देखी गई हैं। उन्होंने बताया कि शिकारियों ने जंगली सुअर के शिकार की कोशिश की थी। अगर बाघ के शिकार की मंशा होती तो शिकारी बाघ को उठा ले जाते।
आंवला जंगल क्षेत्र के ग्राम डोकरपुर के पश्चिम में विनोद वर्मा के खेत में बाघ का और 50 मीटर की दूरी पर रितेश कुमार के खेत में जंगली सुअर का सोमवार की सुबह शव पड़ा मिला। दोनों के शव तार से उलझे हुए थे। सुबह खेत की ओर गए ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद वनाधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में वनाधिकारी मौके पर पहुंचने लगे। इस दौरान वहां पर ग्रामीणों की काफी भीड़ जुट गई और ग्रामीण अपने-अपने हिसाब से बाघ के शव को हिला-डुलाकर देखने और उसके साथ तस्वीरें लेने लगे।
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मुख्य वन संरक्षक (लखनऊ मंडल) आरके सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एपीसीसीएफ (प्रोजेक्ट टाइगर) कमलेश कुमार गुप्ता, मुख्य वन संरक्षक व एफडी (दुधवा टाइ गर रिजर्व) संजय पाठक, डीएफओ साउथ समीर वर्मा, डीएफओ नॉर्थ अनिल पटेल, मोहम्मदी रेंजर मोबीन आरिफ आदि वनाधिकारियों का काफिला मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का मुआयना किया।
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मुख्य वन संरक्षक और लखनऊ चिड़ियाघर के निदेशक आरके सिंह ने बताया कि बिजली का तार बिछाकर अवैध शिकार किया गया है। 300 मीटर लंबा तार मौके से मिला है, जिसमें 350 मीटर की दूरी पर स्थित पास के गांव में गई बिजली की लाइन में कटिया डालकर बिजली सप्लाई ली गई थी। कई कटिया वहां देखी गई हैं। उन्होंने बताया कि शिकारियों ने जंगली सुअर के शिकार की कोशिश की थी। अगर बाघ के शिकार की मंशा होती तो शिकारी बाघ को उठा ले जाते।
तार के आसपास गांव के लोगों ने कुछ लोगों को देखा था। दो लोगों की पहचान हो चुकी है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अगले एक- दो दिन में सब सामने आ जाएगा। आज पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ जाएगी, जिससे पता चल जाएगा कि बाघ की मौत कैसे हुई। - आरके सिंह, मुख्य वन संरक्षक/ निदेशक लखनऊ चिड़ियाघर