{"_id":"5e3b10c18ebc3ee61d7f9fd5","slug":"pm-awas-yojana-lakhimpur-news-bly394744853","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपात्रों को बांट दिए आवास, पात्रों को टरका रहे जनाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपात्रों को बांट दिए आवास, पात्रों को टरका रहे जनाब
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जनपद को संतृृप्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन अब भी हजारों परिवारों के पास पक्की छत नहीं है। नकहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बड़ागांव के दर्जनों ग्रामीण बुधवार को विकास भवन पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रधान पर अपात्रों को आवास और शौचालय देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पात्रों को आवास और शौचालय नहीं दिए जा रहे हैं। प्रधान के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए ज्ञापन सीडीओ दफ्तर में सौंपा हैै।
वर्ष 2011 की आर्थिक सामाजिक गणना (सेक सूची) के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ दिया गया। लिहाजा इस वर्ष सभी ब्लॉकों के बीडीओ ने अपने-अपने क्षेत्रों में सेक सूची के सभी पात्र परिवारों को लाभान्वित कर दिए जाने की रिपोर्ट पीडी को भेज दी थी। साथ ही कई ब्लॉकों के बीडीओ अपने क्षेत्रों में पात्र लाभार्थी न होने का प्रमाण पत्र जारी करते हुए लक्ष्य सरेंडर कर चुके हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत बड़ागांव के 49 ग्रामीणों ने बुधवार को विकास भवन पहुंचकर बीडीओ के दावों की कलई खोलकर रख दी है। बड़ागांव में करीब नौ मजरे हैं, जिनमें 49 परिवार झोपड़-पट्टी में गुजर बसर करने को मजबूर हैं। जितेंद्र कुमार, आशाराम, मनोहर, परसुराम आदि ने कहा है कि प्रधान और लेखपाल से मिलकर कई बार आवास और शौचालय देने की गुहार लगाई, लेकिन मात्र आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। जबकि अपात्रों को आवास और शौचालय का लाभ दिया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में मंगरे, शिवकुमार, कपिल, ओमप्रकाश आदि ग्रामीण शामिल रहे।
विज्ञापन
वर्ष 2011 की आर्थिक सामाजिक गणना (सेक सूची) के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ दिया गया। लिहाजा इस वर्ष सभी ब्लॉकों के बीडीओ ने अपने-अपने क्षेत्रों में सेक सूची के सभी पात्र परिवारों को लाभान्वित कर दिए जाने की रिपोर्ट पीडी को भेज दी थी। साथ ही कई ब्लॉकों के बीडीओ अपने क्षेत्रों में पात्र लाभार्थी न होने का प्रमाण पत्र जारी करते हुए लक्ष्य सरेंडर कर चुके हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत बड़ागांव के 49 ग्रामीणों ने बुधवार को विकास भवन पहुंचकर बीडीओ के दावों की कलई खोलकर रख दी है। बड़ागांव में करीब नौ मजरे हैं, जिनमें 49 परिवार झोपड़-पट्टी में गुजर बसर करने को मजबूर हैं। जितेंद्र कुमार, आशाराम, मनोहर, परसुराम आदि ने कहा है कि प्रधान और लेखपाल से मिलकर कई बार आवास और शौचालय देने की गुहार लगाई, लेकिन मात्र आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। जबकि अपात्रों को आवास और शौचालय का लाभ दिया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में मंगरे, शिवकुमार, कपिल, ओमप्रकाश आदि ग्रामीण शामिल रहे।
विज्ञापन