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एक्सपायर्ड दवा मामले में प्रथम दृष्टया दोषी मिले फार्मासिस्ट
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एक्सपायर्ड दवा मामले में प्रथम
दृष्टया दोषी मिले फार्मासिस्ट
- चार सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट सीएमओ ने शासन को भेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। शनिवार को शहर के बाहर एक खाली प्लॉट में भारी मात्रा में सरकारी एक्सपायर्ड दवाएं मिलने के मामले में जांच टीम ने जांच पूरी कर रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। सीएमओ के मुताबिक, मामले में प्रथम दृष्टया फार्मासिस्ट को दोषी पाया गया है। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
ग्राम पंचायत उदयपुर महेवा के श्मशान घाट के पास एक प्लॉट में दवाओं के तमाम गत्ते मिले थे, जिसमें भरी दवाएं एक्सपायर्ड हो चुकी थीं। दवाओं का ढेर देखकर जितने मुंह उतनी बातें होने लगी थीं। जिस व्यक्ति को ये दवाएं ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी, वह इन्हें जिला अस्पताल की बता रहा था। मगर, अस्पताल प्रशासन जांच में सबकुछ साफ होना बताकर अपनी दवाएं बताने से बच रहा था। आखिरकार जांच में दवाएं जिला अस्पताल की निकली और प्रथम दृष्टया फार्मासिस्ट दोषी मिले हैं। मंगलवार देर रात जांच पूरी होने के बाद इसे एडी हेल्थ से लेकर स्वास्थ्य महानिदेशक को भेज दिया गया है। मामले में अब विभागीय लोगों को शासन के रुख का इंतजार है।
प्लॉट में दवा मिलने के मामले की मंगलवार रात जांच पूरी हो गई। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। इस मामले पर निर्णय शासन को लेना है।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ
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दृष्टया दोषी मिले फार्मासिस्ट
- चार सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट सीएमओ ने शासन को भेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। शनिवार को शहर के बाहर एक खाली प्लॉट में भारी मात्रा में सरकारी एक्सपायर्ड दवाएं मिलने के मामले में जांच टीम ने जांच पूरी कर रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। सीएमओ के मुताबिक, मामले में प्रथम दृष्टया फार्मासिस्ट को दोषी पाया गया है। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
ग्राम पंचायत उदयपुर महेवा के श्मशान घाट के पास एक प्लॉट में दवाओं के तमाम गत्ते मिले थे, जिसमें भरी दवाएं एक्सपायर्ड हो चुकी थीं। दवाओं का ढेर देखकर जितने मुंह उतनी बातें होने लगी थीं। जिस व्यक्ति को ये दवाएं ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी, वह इन्हें जिला अस्पताल की बता रहा था। मगर, अस्पताल प्रशासन जांच में सबकुछ साफ होना बताकर अपनी दवाएं बताने से बच रहा था। आखिरकार जांच में दवाएं जिला अस्पताल की निकली और प्रथम दृष्टया फार्मासिस्ट दोषी मिले हैं। मंगलवार देर रात जांच पूरी होने के बाद इसे एडी हेल्थ से लेकर स्वास्थ्य महानिदेशक को भेज दिया गया है। मामले में अब विभागीय लोगों को शासन के रुख का इंतजार है।
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प्लॉट में दवा मिलने के मामले की मंगलवार रात जांच पूरी हो गई। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। इस मामले पर निर्णय शासन को लेना है।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ