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दुधवा पार्क में पालतू हाथी मिथुन की बीमारी से मौत
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हाथी मिथुन पर बैठक दुधवा की गश्त करता वन कर्मी। (फाइल फोटो)
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पार्क के सलूकापुर बेस कैंप में रात करीब 12 बजे ली अंतिम सांस
तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम, रिपोर्ट का अभी खुलासा नहीं
कोर्ट के आदेश पर चंदौली से 14 जून 2021 को लाया गया था दुधवा पार्क
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क के सलूकापुर बेस कैंप में पालतू हाथी मिथुन की बीमारी के कारण मौत हो गई। मिथुन नाम के नर हाथी की उम्र करीब 50 साल बताई गई है। तीन पशु चिकित्सकों के पैनल से हाथी के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। यहां बता दें कि मिथुन को चंदौली (वाराणसी) से 14 जून 2021 को दुधवा लाया गया था।
दुधवा टाइगर रिजर्व के सलूकापुर बेस कैंप में 14 पालतू हाथी हैं। कुछ हाथी सैलानियों को घुमाने का काम करते हैं तो कुछ को जंगल की गश्त के लिए लगाया जाता है। इसी में करीब 50 वर्षीय नर हाथी मिथुन की बुधवार रात करीब 12 बजे मौत हो गई है। पार्क अधिकारियों के मुताबिक, मिथुन बुधवार की दोपहर बीमार हुआ था। उसके इलाज के लिए पलिया से डिप्टी सीएमओ डॉ. जेबी सिंह को बुलाया गया था। उन्होंने परीक्षण कर उसे दवाएं दीं। रात में फिर उसकी तबीयत बिगड़ गई। रात करीब 12 बजे मिथुन ने अंतिम सांस ली। तीन डॉक्टरों का पैनल बनाकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पैनल में डॉ. वीपी सिंह, डॉ. दया और डॉ. अरविंद कुमार शामिल रहे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अभी खुलासा नहीं किया गया है।
एफडी संजय पाठक ने बताया कि बुधवार की शाम मिथुन अचानक ही कांपने लगा था। चिकित्सकों ने उसकी सेहत की जांच कर दवा भी दी थी। बुधवार की रात वह जमीन पर बैठ गया था। उसे उठाने का प्रयास किया गया, लेकिन रात में ही उसकी मौत हो गई। 50 वर्ष की उम्र हाथियों में सामान्य मानी जाती है। डीडी कैलाश प्रकाश ने बताया कि हाथी के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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साधु के स्वामित्व में मिथुन ने एक ग्रामीण को पटककर मार डाला था
मिथुन को चंदौली से 14 जून 2021 को दुधवा लाया गया था। पहले वह एक साधु के स्वामित्व में था। अक्तूबर 2019 में महावत इस हाथी को लेकर मेला जा रहा था। रास्ते में मिथुन ने एक ग्रामीण को पटक कर मार डाला था। ग्रामीण के परिवार वालों की शिकायत पर पुलिस ने महावत को गिरफ्तार करके हाथी को पकड़ लिया था। बाद में सीजेएम कोर्ट ने मिथुुन को संरक्षण के लिए दुधवा नेशनल पार्क भेजने का आदेश जारी किया था। इस पर मिथुन को मथुरा स्थित एलीफैंट केयर सेंटर के विशेष ट्रक से 14 जून 2021 को दुधवा लाया गया था।
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तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम, रिपोर्ट का अभी खुलासा नहीं
कोर्ट के आदेश पर चंदौली से 14 जून 2021 को लाया गया था दुधवा पार्क
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क के सलूकापुर बेस कैंप में पालतू हाथी मिथुन की बीमारी के कारण मौत हो गई। मिथुन नाम के नर हाथी की उम्र करीब 50 साल बताई गई है। तीन पशु चिकित्सकों के पैनल से हाथी के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। यहां बता दें कि मिथुन को चंदौली (वाराणसी) से 14 जून 2021 को दुधवा लाया गया था।
दुधवा टाइगर रिजर्व के सलूकापुर बेस कैंप में 14 पालतू हाथी हैं। कुछ हाथी सैलानियों को घुमाने का काम करते हैं तो कुछ को जंगल की गश्त के लिए लगाया जाता है। इसी में करीब 50 वर्षीय नर हाथी मिथुन की बुधवार रात करीब 12 बजे मौत हो गई है। पार्क अधिकारियों के मुताबिक, मिथुन बुधवार की दोपहर बीमार हुआ था। उसके इलाज के लिए पलिया से डिप्टी सीएमओ डॉ. जेबी सिंह को बुलाया गया था। उन्होंने परीक्षण कर उसे दवाएं दीं। रात में फिर उसकी तबीयत बिगड़ गई। रात करीब 12 बजे मिथुन ने अंतिम सांस ली। तीन डॉक्टरों का पैनल बनाकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पैनल में डॉ. वीपी सिंह, डॉ. दया और डॉ. अरविंद कुमार शामिल रहे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अभी खुलासा नहीं किया गया है।
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एफडी संजय पाठक ने बताया कि बुधवार की शाम मिथुन अचानक ही कांपने लगा था। चिकित्सकों ने उसकी सेहत की जांच कर दवा भी दी थी। बुधवार की रात वह जमीन पर बैठ गया था। उसे उठाने का प्रयास किया गया, लेकिन रात में ही उसकी मौत हो गई। 50 वर्ष की उम्र हाथियों में सामान्य मानी जाती है। डीडी कैलाश प्रकाश ने बताया कि हाथी के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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साधु के स्वामित्व में मिथुन ने एक ग्रामीण को पटककर मार डाला था
मिथुन को चंदौली से 14 जून 2021 को दुधवा लाया गया था। पहले वह एक साधु के स्वामित्व में था। अक्तूबर 2019 में महावत इस हाथी को लेकर मेला जा रहा था। रास्ते में मिथुन ने एक ग्रामीण को पटक कर मार डाला था। ग्रामीण के परिवार वालों की शिकायत पर पुलिस ने महावत को गिरफ्तार करके हाथी को पकड़ लिया था। बाद में सीजेएम कोर्ट ने मिथुुन को संरक्षण के लिए दुधवा नेशनल पार्क भेजने का आदेश जारी किया था। इस पर मिथुन को मथुरा स्थित एलीफैंट केयर सेंटर के विशेष ट्रक से 14 जून 2021 को दुधवा लाया गया था।