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बिजली की आवाजाही से लोग परेशान, बढ़ रहा गुस्सा

Wed, 08 Jun 2022 12:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2022 12:09 AM IST
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People upset due to the movement of electricity, increasing anger
गर्मी के कारण दोपहर में सूना पड़ा खीरी का मुख्य मार्ग।
पिछले महीने की अपेक्षा इस माह चार लाख यूनिट से ज्यादा मिल रही बिजली
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लोड बढ़ने से फुंक रहे ट्रांसफार्मर, दगा दे रहे बिजली के बरसों पुराने उपकरण
लखीमपुर खीरी। मौसम के चढ़ते पारे के बीच अंधाधुंध बिजली कटौती से आम जनजीवन को अस्तव्यस्त करके रख दिया है। लोगों को न दिन में चैन है और न रात में। बढ़ते लोड के कारण एक-एक दिन में 20-25 ट्रांसफार्मरों का फुंक जाना आम बात हो गई है। इस दौरान लोगों को भीषण गर्मी में घंटों बिजली के बिना रहना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में स्थिति और भी खराब है।
मौसम का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार हो गया, जबकि न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह न्यूनतम तापमान अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है। इससे सुबह शाम और रात भी काफी गर्म हो रही है। लोगों को काम करने तक में दिक्कतें आ रही हैं। न काम हो पा रहा न आराम। ऐसे में लोगों की सेहत भी बिगड़ रही है। लोग बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं।
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पिछले महीने की अपेक्षा चार लाख यूनिट खपत बढ़ी
भीषण गर्मी के कारण बिजली की खपत एकाएक बढ़ गई है। एसडीओ सिटी अनुराग शर्मा का कहना है कि शहर को इस समय 24 एमयू बिजली मिल रही है, जो पिछले माह से चार एमयू यानी चार लाख यूनिट ज्यादा है। बावजूद इसके बिजली लोड डेढ़ गुना बढ़ा है। पिछले महीने में लोड 30 फीसदी बढ़ा था। जून में यह लोड 20 फीसदी और बढ़ा है। लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं या खराब हो रहे हैं।
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पूरे दिन नहीं मिल पा रही सुचारू रूप से बिजली सप्लाई
इन दिनों ऐसा कोई दिन नहीं होता जब लोगों को पूरे दिन सुचारु रूप से बिजली मिल पा रही हो। चार दिन पहले मेला मैदान में लगे दो ट्रांसफार्मर एक साथ जल जाने से कई मोहल्लों में रात भर ब्लैक आउट रहा। अगले ही दिन बरखेरवा मोहल्ले में दोपहर से लेकर आधी रात के बाद तक बिजली गुल रही। इसके बाद थरवरन गंज, फिर नौरंगाबाद और सिकटिहा कॉलोनी, काशीनगर मोहल्लों की बिजली गुल रही। सोमवार को विकास भवन समेत कई मोहल्लों में लो वोल्टेज के कारण बिजली उपकरण बेकार हो गए। कंप्यूटर तक नहीं चल पाए।
बिजली किल्लत से ठप पड़े हैं छोटे उद्योग धंधे
मोहम्मदी। क्षेत्र में रात और दिन में बिजली गुल होने की समस्या बनी हुई है। लोग जागकर रातें काट रहे हैं। बिजली न मिलने से गुस्साए लोगों ने संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक सुधार नहीं हुआ। नगर में कई दिनों से रात और दिन में बिजली गायब रह रही है। लोगों में सबसे अधिक आक्रोश बिजली अधिकारियों से है जो फोन तक नहीं उठाते हैं। नगर के आटा चक्की के संचालकों का कहना है कि बिजली की समस्या से कारोबार पर फर्क पड़ रहा है। वहीं भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं महामारी की आशंका हो रही है।
शो पीस बनकर रह गए बिजली उपकरण
संसारपुर। क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी है। इससे इस भीषण गर्मी में लोगों को रात-रात भर जागकर परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। संसारपुर फीडर की विद्युत आपूर्ति बांकेगंज स्थित विद्युत उपकेंद्र से की जाती है। इस फीडर से संसारपुर, बोझिया, पकरिया, सिसनौर, नौवाखेड़ा, झिझारपुर, कुकुहापुर, नगरिया, महुरेना, असौवा, अंगदपुर, पसियापुर आदि दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति की जाती है। पिछले एक सप्ताह से सरकारी दावों के विपरीत ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति के सापेक्ष बमुश्किल चार या पांच घंटे की विद्युत सप्लाई मिल पा रही है, दिन में तो घंटा डेढ़ घंटा की बिजली आती है उसमें भी दसियों बार रोस्टिंग की जा रही है। वोल्टेज भी बहुत कम आ रहा है।
अंधाधुंध बिजली कटौती से सैकड़ों गांवों में त्राहि त्राहि
बिजुआ। बिजुआ क्षेत्र के एक सौ बीस गांवों में बिजली की अंधाधुंध कटौती से त्राहि-त्राहि मची हुई है भीषण गर्मी में बच्चे वृद्ध महिलाएं सभी परेशान हैं। 24 घंटे में मुश्किल से चार-पांच घंटे बिजली मिल रही है, उसमें भी बड़ी समस्या लो वोल्टेज की है। अगर बिजली आ भी जाती है तो पंखे नहीं घूमते। बल्ब बिल्कुल चिनगारी की तरह जलते दिखाई देते हैं। आजकल फसलों में भी पानी लगाने का समय है। बिजली न आने से फसलें बर्बाद हो रही हैं, जबकि बिजली का बिल उतना ही आ रहा है, जितना पहले आता था।
मैलानी में सात घंटे तक हो रही बिजली कटौती
मैलानी। पिछले एक हफ्ते पर नजर डालें तो एक जून को साढ़े चार, दो को साढ़े छह, तीन को साढ़े सात, चार को तीन, पांच को साढ़े पांच और छह जून को साढ़े छह घंटे बिजली की कटौती हुई। दिन ही नहीं रात को भी रोजाना एकाध घंटा बिजली की कटौती नियमित हो रही है। इसके अलावा लो वोल्टेज के चलते भी पंखे, कूलर आदि जवाब देने लगे हैं। भयंकर गर्मी के मौसम बिजली कटौती से आम जनमानस बेहाल है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में निर्धारित अवधि तक बिजली आपूर्ति की जा रही है, लेकिन भीषण गर्मी के कारण लोड में काफी बढ़ोतरी हुई है। इससे ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरण खराब हो रहे हैं। हालात पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्दी ही समस्याओं का समाधान होगा।
- राम शबद, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल लखीमपुर खीरी
गोला क्षेत्र में भी नहीं मिल रही एक घंटा निर्बाध बिजली सप्लाई
गोला गोकर्णनाथ। भीषण गर्मी में नगर और क्षेत्र में बार-बार अघोषित कटौती के चलते उपभोक्ताओं को निर्बाध एक घंटे भी लाइट नहीं मिल पा रही है। एसडीओ विनीत कुमार वर्मा ने बताया कि ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग के कारण दिक्कत आ रही है। नगर में खासकर तीन और पांच नंबर फीडर पर सबसे अधिक ओवरलोड है। लोड शिफ्ट कराया जा रहा है। बिजली घर के ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के लिए प्रस्ताव दिया जा चुका है। शीघ्र ही ओवरलोडिंग की समस्या से निजात मिल सकती है।
अमीरनगर/बांकेगंज। अघोषित बिजली कटौती से जहां उमस भरी गर्मी में उपभोक्ताओं को दिक्कतें हो रही हैं। वहीं बिजली कटौती के चलते किसानों की फसलों की सिंचाई न हो पाने से फसलें मुरझाने लगी हैं। क्षेत्र के किसान अल्टरनेटर चलाकर फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। इसके अलावा उमस भरी गर्मी के बढ़ने से बिजली कटौती के साथ लो वोल्टेज समस्या से भी लोगों को परेशान कर रही हैै।
बिजली जाते ही चला जाता है बीएसएनएल का नेटवर्क
लखीमपुर खीरी। बिजली गुल होते ही शहर क्षेत्र में बीएसएनएल का मोबाइल नेटवर्क भी गायब हो जाता है। इससे बीएसएनएल के उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को भी सुबह से ही बीएसएनएल का नेटवर्क गायब हो गया। गोला, पलिया समेत पूरे जिले में ब्रॉडबैंड नेटवर्क भी नहीं चला, जिससे कई दफ्तरों में कामकाज प्रभावित रहा। संवाद

सुखबसा सहित एक दर्जन गांव तीन दिन से अंधेरे में 
पसगवां। बिजली अधिकारियों की उदासीनता से सुखबसा, पांडेयवारी, जमिरहा, बसंतापुर, भूड़ा, वीरमपुर, मड़वा सहित करीब एक दर्जन गांवों में तीन दिनों से विद्युत आपूर्ति ठप है। भीषण गर्मी में विद्युत चालित उपकरण शोपीस बने हुए हैं। इससे पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। सुखबसा के प्रधान नित्यानंद वर्मा ने विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करवाने की मांग की है। उधर, जेई अजय कुमार दीक्षित की कहना है कि अधिक लोड के कारण लाइन के तार टूटते हैं। उनका कहना है कि सुखबसा में विद्युत उपकेंद्र चालू होने पर ही समस्या का समाधान होगा। संवाद
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