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कड़ी धूप और उमस भरी गर्मी से लोग हुए बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 04 Aug 2016 10:09 PM IST
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heat
- फोटो : amar ujala
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मौसम के कड़े तेवर से बढ़ी बीमारियां, चढ़ना शुरू हुआ पारा
पिछले दो दिनों से मौसम साफ रहने और वर्षा न होने से एक बार फिर उमस भरी गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। गुरुवार को आसमान साफ रहा, इससे तेज और चमकदार धूप निकली। कड़ी धूप और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे। मौसम के कड़े तेवर के चलते लोगों को परेशानियां उठानी पड़ीं। बढ़ी हुई गर्मी से लोगों की कार्यक्षमता भी प्रभावित हुई।
गुरुवार को अधिकतम तापमान 35.00 और न्यूनतम तापमान 28.00 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पिछले एक सप्ताह से लगातार वर्षा होने से मौसम में तरावट रही। तापमान में अच्छी गिरावट दर्ज की गई थी। सोमवार सुबह वर्षा होने के बाद से मौसम साफ हो गया। इसी के साथ मौसम ने अपने तेवर कड़े कर दिए। कड़ी धूप के साथ उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हो उठे। परेशान हाल लोग घरों में दुबके रहे। बिजली न रहने पर घरों में बैठे लोगों को भी उमस भरी गर्मी से परेशानी उठानी पड़ी।
कड़ी धूप से बचाव के लिए लोगों को छाता, चश्मा और सिर ढकने के लिए गमछे का सहारा लेना पड़ा। दोपहर के समय सड़कों पर भीड़ भाड़ कम रही लेकिन शाम को बाजार में रौनक लौट आई। वर्षा के बाद कड़ी धूप होने से खुले आसमान के नीचे खानाबदोशों की तरह पड़े बाढ़ और कटान पीड़ितों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियों की बाढ़ सी आ गई है। सामान्य इलाकों में भी बीमारियां बढ़ रही हैं। तमाम लोग डायरिया, वायरल से जूझ रहे हैं। अस्पतालों और निजी चिकित्सकों के यहां भीड़ बढ़ना शुरू हो गई है।
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पिछले दो दिनों से मौसम साफ रहने और वर्षा न होने से एक बार फिर उमस भरी गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। गुरुवार को आसमान साफ रहा, इससे तेज और चमकदार धूप निकली। कड़ी धूप और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे। मौसम के कड़े तेवर के चलते लोगों को परेशानियां उठानी पड़ीं। बढ़ी हुई गर्मी से लोगों की कार्यक्षमता भी प्रभावित हुई।
गुरुवार को अधिकतम तापमान 35.00 और न्यूनतम तापमान 28.00 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पिछले एक सप्ताह से लगातार वर्षा होने से मौसम में तरावट रही। तापमान में अच्छी गिरावट दर्ज की गई थी। सोमवार सुबह वर्षा होने के बाद से मौसम साफ हो गया। इसी के साथ मौसम ने अपने तेवर कड़े कर दिए। कड़ी धूप के साथ उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हो उठे। परेशान हाल लोग घरों में दुबके रहे। बिजली न रहने पर घरों में बैठे लोगों को भी उमस भरी गर्मी से परेशानी उठानी पड़ी।
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कड़ी धूप से बचाव के लिए लोगों को छाता, चश्मा और सिर ढकने के लिए गमछे का सहारा लेना पड़ा। दोपहर के समय सड़कों पर भीड़ भाड़ कम रही लेकिन शाम को बाजार में रौनक लौट आई। वर्षा के बाद कड़ी धूप होने से खुले आसमान के नीचे खानाबदोशों की तरह पड़े बाढ़ और कटान पीड़ितों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियों की बाढ़ सी आ गई है। सामान्य इलाकों में भी बीमारियां बढ़ रही हैं। तमाम लोग डायरिया, वायरल से जूझ रहे हैं। अस्पतालों और निजी चिकित्सकों के यहां भीड़ बढ़ना शुरू हो गई है।
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