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Lakhimpur Kheri News: दिवाली से पहले मिला भुगतान... किसानों के चेहरे पर लौटीं खुशियां
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लखीमपुर खीरी। दिवाली से पखवाड़ा भर पहले बजाज ग्रुप की तीन चीनी मिलों ने 424 करोड़ रुपये का बकाया गन्ना भुगतान किसानों के खाते में भेज दिया है। लंबे समय से बकाया भुगतान न मिलने से परेशान गोला, पलिया और खंभारखेड़ा के मिल से संबंधित किसानों के चहरों पर अब खुशी लौट आई है।
बजाज ग्रुप की तीनों चीनी मिलों पर करोड़ा का बकाया होने के चलते किसान आंदोलनरत थे। जिला प्रशासन से किसान नेता कई दौर की वार्ता कर चुके थे। आखिरकार किसानों की बात मानते हुए बजाज की तीनों चीनी मिल ने कुल 424 करोड़ का भुगतान किया है। इसमें गोला चीनी मिल ने 185 करोड़ रुपये, पलिया चीनी मिल ने 157 करोड़ रुपये और खंभारखेड़ा चीनी मिल ने 82 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में भेजा है।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों के हित काे प्राथमिकता देते हुए बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए सरकार से प्राप्त निर्देशों के क्रम में कड़े कदम उठाए गए हैं। बताया कि जिला प्रशासन की ओर से चीनी मिलों द्वारा किसानों को किए जा रहे भुगतान की लगातार समीक्षा की जा रही है। बजाज ग्रुप के पीआरओ सतीश श्रीवास्तव ने बताया कि खंभारखेड़ा चीनी मिल महेवागंज ने 27 जनवरी 2023 तक का भुगतान किसानों के खातों में भेजा है। पलिया मिल ने चार फरवरी तक का भुगतान किया है।
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गोला में अब बची 102 करोड़ की बकायेदारी
गोला गोकर्णनाथ। पिछला पेराई सत्र 10 नवंबर 2022 को शुरू हुआ था और चीनी मिल 31 मार्च 2023 को बंद हुई थी। 537 करोड़ की कुल बकायेदारी में बजाज चीनी मिल गोला पर 287 करोड़ रुपये बकाया थे। 185 करोड़ का भुगतान मिलने के बाद अब 102 करोड़ रुपये की बकायेदारी बची है। चीनी मिल के यूनिट हेड जितेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि 9 फरवरी 2023 तक का 185 करोड़ का भुगतान किया गया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर शक्ति संगठन के अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने शेष 102 करोड़ रुपये भी एथेनॉल बेचकर दीपावली से पूर्व कराने की मांग की। राकिमसं जिलाध्यक्ष अंजनी सिंह ने भी मिल चालू होने से पहले हो संपूर्ण भुगतान की मांग की।
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बजाज ग्रुप की तीनों चीनी मिलों पर करोड़ा का बकाया होने के चलते किसान आंदोलनरत थे। जिला प्रशासन से किसान नेता कई दौर की वार्ता कर चुके थे। आखिरकार किसानों की बात मानते हुए बजाज की तीनों चीनी मिल ने कुल 424 करोड़ का भुगतान किया है। इसमें गोला चीनी मिल ने 185 करोड़ रुपये, पलिया चीनी मिल ने 157 करोड़ रुपये और खंभारखेड़ा चीनी मिल ने 82 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में भेजा है।
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डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों के हित काे प्राथमिकता देते हुए बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए सरकार से प्राप्त निर्देशों के क्रम में कड़े कदम उठाए गए हैं। बताया कि जिला प्रशासन की ओर से चीनी मिलों द्वारा किसानों को किए जा रहे भुगतान की लगातार समीक्षा की जा रही है। बजाज ग्रुप के पीआरओ सतीश श्रीवास्तव ने बताया कि खंभारखेड़ा चीनी मिल महेवागंज ने 27 जनवरी 2023 तक का भुगतान किसानों के खातों में भेजा है। पलिया मिल ने चार फरवरी तक का भुगतान किया है।
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गोला में अब बची 102 करोड़ की बकायेदारी
गोला गोकर्णनाथ। पिछला पेराई सत्र 10 नवंबर 2022 को शुरू हुआ था और चीनी मिल 31 मार्च 2023 को बंद हुई थी। 537 करोड़ की कुल बकायेदारी में बजाज चीनी मिल गोला पर 287 करोड़ रुपये बकाया थे। 185 करोड़ का भुगतान मिलने के बाद अब 102 करोड़ रुपये की बकायेदारी बची है। चीनी मिल के यूनिट हेड जितेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि 9 फरवरी 2023 तक का 185 करोड़ का भुगतान किया गया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर शक्ति संगठन के अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने शेष 102 करोड़ रुपये भी एथेनॉल बेचकर दीपावली से पूर्व कराने की मांग की। राकिमसं जिलाध्यक्ष अंजनी सिंह ने भी मिल चालू होने से पहले हो संपूर्ण भुगतान की मांग की।