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पचपेंड़ी घाट पुल के निर्माण का रास्ता साफ
निघासन
Updated Fri, 06 Feb 2015 06:18 PM IST
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पचपेंड़ी घाट के पुल निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। 10 फरवरी को लोक निर्माण और सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव इस पुल का शिलान्यास करेंगे। इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य राजीव गुप्ता का प्रयास रंग लाया है।
बता दें कि निघासन से जिला मुख्यालय पहुंचने के तीन रास्ते है। पहला रास्ता ढखेरवा वाया लखीमपुर से करीब 60 किलोमीटर, दूसरा अदलाबाद-टहारा मार्ग है। इस मार्ग से जिला मुख्यालय की दूरी करीब 50 किलोमीटर है। यह मार्ग जर्जर होने के कारण करीब एक साल से बंद है। तीसरा मार्ग पचपेंड़ी घाट होकर है। इस मार्ग से जिला मुख्यालय की दूरी मात्र 36 किलोमीटर है, जिसके चलते ग्रामीण पुल बनाने की मांग वर्षों से करते चले आ रहे हैं।
पुल बनने से क्या होगा फायदा
पचपेंड़ी घाट का पुल बनने से शारदा नदी में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ और कटान से तबाह हो रही करोड़ों की वन संपदा बच जाएगी। इसके अलावा तिकुनियां, बेलरायां, सिंगाही, निघासन के अलावा दुधवा नेशनल पार्क और पलिया की दूरी कम होने के साथ ही पड़ोसी मुल्क नेपाल से सीधे जिला मुख्यालय जुड़ जाएगा।
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कब हुए प्रयास
पचपेंड़ी घाट पुल के निर्माण को लेकर प्रत्येक सरकार में दावे किए गए, लेकिन उसको मूर्त रूप देने का प्रयास जिला पंचायत सदस्य राजीव गुप्ता ने किया। उनकी मांग पर ही लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने इस संबंध में विचार किया। शिवपाल सिंह यादव ने 9 सितंबर 2013 को एक आदेश जारी करते हुए एक टीम का गठन कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा। 25 नवंबर को यहा आई एक टीम ने सर्वे किया। टीम ने सर्वे के बाद सौंपी गई रिपोर्ट में मॉडल स्टडी कराने के बाद ही पुल बनाने की बात कही। उसके बाद प्रमुख सचिव रजनीश दुबे के आदेश पर 17 जनवरी 2014 को सेतु निगम के वीके श्रीवास्तव समेत कई अधिकारियों ने यहां निरीक्षण करने के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपी। रिपोर्ट तीन बिंदुओं पर आधारित थी। इस रिपोर्ट पर विचार करने के बाद लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने सीधा पुल बनाने की मंजूरी दी। 27 मई 2014 को विश्व बैंक से करीब चार अरब रुपये की मंजूरी दिलाने के बाद उस पर डिजाइन का काम शुरू हुआ, जो अंतिम रूप ले चुका है।
पलिया और धौरहरा के लिए भी होगा मुफीद
इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य राजीव गुप्ता ने काफी मेहनत की। उन्होंने बताया कि पुल बनने से विधानसभा निघासन के साथ ही पलिया और धौरहरा के लोगों को भी लाभ मिलेगा। 10 फरवरी को तिकुनियां में शिवपाल सिंह यादव पुल का शिलान्यास करेंगे।
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बता दें कि निघासन से जिला मुख्यालय पहुंचने के तीन रास्ते है। पहला रास्ता ढखेरवा वाया लखीमपुर से करीब 60 किलोमीटर, दूसरा अदलाबाद-टहारा मार्ग है। इस मार्ग से जिला मुख्यालय की दूरी करीब 50 किलोमीटर है। यह मार्ग जर्जर होने के कारण करीब एक साल से बंद है। तीसरा मार्ग पचपेंड़ी घाट होकर है। इस मार्ग से जिला मुख्यालय की दूरी मात्र 36 किलोमीटर है, जिसके चलते ग्रामीण पुल बनाने की मांग वर्षों से करते चले आ रहे हैं।
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पुल बनने से क्या होगा फायदा
पचपेंड़ी घाट का पुल बनने से शारदा नदी में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ और कटान से तबाह हो रही करोड़ों की वन संपदा बच जाएगी। इसके अलावा तिकुनियां, बेलरायां, सिंगाही, निघासन के अलावा दुधवा नेशनल पार्क और पलिया की दूरी कम होने के साथ ही पड़ोसी मुल्क नेपाल से सीधे जिला मुख्यालय जुड़ जाएगा।
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कब हुए प्रयास
पचपेंड़ी घाट पुल के निर्माण को लेकर प्रत्येक सरकार में दावे किए गए, लेकिन उसको मूर्त रूप देने का प्रयास जिला पंचायत सदस्य राजीव गुप्ता ने किया। उनकी मांग पर ही लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने इस संबंध में विचार किया। शिवपाल सिंह यादव ने 9 सितंबर 2013 को एक आदेश जारी करते हुए एक टीम का गठन कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा। 25 नवंबर को यहा आई एक टीम ने सर्वे किया। टीम ने सर्वे के बाद सौंपी गई रिपोर्ट में मॉडल स्टडी कराने के बाद ही पुल बनाने की बात कही। उसके बाद प्रमुख सचिव रजनीश दुबे के आदेश पर 17 जनवरी 2014 को सेतु निगम के वीके श्रीवास्तव समेत कई अधिकारियों ने यहां निरीक्षण करने के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपी। रिपोर्ट तीन बिंदुओं पर आधारित थी। इस रिपोर्ट पर विचार करने के बाद लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने सीधा पुल बनाने की मंजूरी दी। 27 मई 2014 को विश्व बैंक से करीब चार अरब रुपये की मंजूरी दिलाने के बाद उस पर डिजाइन का काम शुरू हुआ, जो अंतिम रूप ले चुका है।
पलिया और धौरहरा के लिए भी होगा मुफीद
इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य राजीव गुप्ता ने काफी मेहनत की। उन्होंने बताया कि पुल बनने से विधानसभा निघासन के साथ ही पलिया और धौरहरा के लोगों को भी लाभ मिलेगा। 10 फरवरी को तिकुनियां में शिवपाल सिंह यादव पुल का शिलान्यास करेंगे।