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नर्सों की हड़ताल से बेहाल रहे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:29 PM IST
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health
- फोटो : amar ujala
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पीड़ित नर्स के पक्ष में आए अस्पताल कर्मचारी संगठन
स्टाफ नर्स की पिटाई से नाराज नर्सें मंगलवार को राजकीय नर्सेज संघ के बैनर तले धरने पर बैठ गईं। वहीं इनके समर्थन में उतरे अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी काम बंद कर दिया। इससे न तो पर्चा काउंटर ही खुला और न ही दवा वितरण काउंटर। वहीं डॉक्टर भी अपने कक्ष में नही बैठे। इससे इलाज के लिए आए मरीज अस्पताल में भटकते रहे।
राजकीय नर्सेज संघ के समर्थन में आए अन्य संगठनों ने भी काम बंद कर दिया। जिससे न तो पर्चा काउंटर पर पर्चे बने और न ही दवा वितरण कक्ष से दवाएं ही बांटी गईं। दोनों जगहों पर ताला लटकता रहा। दवा लेने के लिए जिला अस्पताल आए फूलबेहड़ ब्लाक के गांव अग्र बुजुर्ग निवासी मोहम्मद हसीब ने बताया कि वह रात में छज्जे से गिर गया था, जिससे पैर में फ्रैक्चर हो गया । दवा लेने के लिए जिला अस्पताल आया था, लेकिन यहां पर हड़ताल के चलते पर्चा नही बन सका, जिससे डॉक्टरों को नही दिखा पाए। वहीं बाजूडीह निवासी राजू सिंह ने बताया कि 60 वर्षीय बाबा विक्रम सिंह की सोमवार को तबीयत खराब हो गई थी, जिस पर इन्हें मेडिकल वार्ड में भर्ती करवाया। हालत ज्यादा खराब होने पर इन्हें ग्लूकोज बोतल और आक्सीजन लगाई गई थी। लेकिन मंगलवार को हड़ताल के कारण न तो यहां पर स्टाफ नर्स हैं और न ही कोई वार्ड ब्वाय। बोतल खत्म होने वाली है, इसे कोई बदलने वाला नही है।
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सभी संगठनों ने की निंदा
लखीमपुर खीरी। स्टाफ नर्स की पिटाई से जिला अस्पताल के डॉक्टरों सहित अन्य सभी् कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। डॉक्टरों सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने पुलिस के बर्ताव की निंदा की और पुलिस के आला अधिकारियों से दोषी सिपाहियों के खिलाफ कारवाई किए जाने की मांग की। प्रांतीय चिकित्सक सेवा समिति के उपाध्यक्ष डॉ.अमित सिंह का कहना है कि ऑन ड्यूटी संविदा स्टाफ नर्स के साथ जो सिपाहियों ने बर्ताव किया है, वह अमानवीय है। इससे पुलिस की छवि धूमिल होती है। हम पीड़ित के साथ में है और दोषी सिपाहियों के खिलाफ कारवाई होनी चाहिए। वहीं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला संयोजक महंत सिंह का कहना है कि पुलिस का यह रवैया बर्दाश्त नही किया जाएगा। वहीं नर्सेज संघ के जिलाध्यक्ष रमाकांत पांडे का कहना है कि मेड़िकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत कारवाई न होने तक हम हड़ताल जारी रखेंगे।
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एडीएम और एएसपी से बात हो गई है। दोषी पुलिस वालों के खिलाफ मेड़िकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत कारवाई किए जाने का आश्वासन मिला है। इस पर नर्सेज संगठन ने भी 24 घंटे तक इस एक्ट के तहत कारवाई न किए जाने पर फिर से आंदोलन शुरू करने की बात कही है।
-डॉ.मनोज कुमार,सीएमएस जिला अस्पताल
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स्टाफ नर्स की पिटाई से नाराज नर्सें मंगलवार को राजकीय नर्सेज संघ के बैनर तले धरने पर बैठ गईं। वहीं इनके समर्थन में उतरे अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी काम बंद कर दिया। इससे न तो पर्चा काउंटर ही खुला और न ही दवा वितरण काउंटर। वहीं डॉक्टर भी अपने कक्ष में नही बैठे। इससे इलाज के लिए आए मरीज अस्पताल में भटकते रहे।
राजकीय नर्सेज संघ के समर्थन में आए अन्य संगठनों ने भी काम बंद कर दिया। जिससे न तो पर्चा काउंटर पर पर्चे बने और न ही दवा वितरण कक्ष से दवाएं ही बांटी गईं। दोनों जगहों पर ताला लटकता रहा। दवा लेने के लिए जिला अस्पताल आए फूलबेहड़ ब्लाक के गांव अग्र बुजुर्ग निवासी मोहम्मद हसीब ने बताया कि वह रात में छज्जे से गिर गया था, जिससे पैर में फ्रैक्चर हो गया । दवा लेने के लिए जिला अस्पताल आया था, लेकिन यहां पर हड़ताल के चलते पर्चा नही बन सका, जिससे डॉक्टरों को नही दिखा पाए। वहीं बाजूडीह निवासी राजू सिंह ने बताया कि 60 वर्षीय बाबा विक्रम सिंह की सोमवार को तबीयत खराब हो गई थी, जिस पर इन्हें मेडिकल वार्ड में भर्ती करवाया। हालत ज्यादा खराब होने पर इन्हें ग्लूकोज बोतल और आक्सीजन लगाई गई थी। लेकिन मंगलवार को हड़ताल के कारण न तो यहां पर स्टाफ नर्स हैं और न ही कोई वार्ड ब्वाय। बोतल खत्म होने वाली है, इसे कोई बदलने वाला नही है।
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सभी संगठनों ने की निंदा
लखीमपुर खीरी। स्टाफ नर्स की पिटाई से जिला अस्पताल के डॉक्टरों सहित अन्य सभी् कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। डॉक्टरों सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने पुलिस के बर्ताव की निंदा की और पुलिस के आला अधिकारियों से दोषी सिपाहियों के खिलाफ कारवाई किए जाने की मांग की। प्रांतीय चिकित्सक सेवा समिति के उपाध्यक्ष डॉ.अमित सिंह का कहना है कि ऑन ड्यूटी संविदा स्टाफ नर्स के साथ जो सिपाहियों ने बर्ताव किया है, वह अमानवीय है। इससे पुलिस की छवि धूमिल होती है। हम पीड़ित के साथ में है और दोषी सिपाहियों के खिलाफ कारवाई होनी चाहिए। वहीं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला संयोजक महंत सिंह का कहना है कि पुलिस का यह रवैया बर्दाश्त नही किया जाएगा। वहीं नर्सेज संघ के जिलाध्यक्ष रमाकांत पांडे का कहना है कि मेड़िकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत कारवाई न होने तक हम हड़ताल जारी रखेंगे।
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एडीएम और एएसपी से बात हो गई है। दोषी पुलिस वालों के खिलाफ मेड़िकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत कारवाई किए जाने का आश्वासन मिला है। इस पर नर्सेज संगठन ने भी 24 घंटे तक इस एक्ट के तहत कारवाई न किए जाने पर फिर से आंदोलन शुरू करने की बात कही है।
-डॉ.मनोज कुमार,सीएमएस जिला अस्पताल