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पसगवां कांड में आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

Tue, 10 Aug 2021 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 10 Aug 2021 12:42 AM IST
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pasgawan kand
लखीमपुर खीरी। ब्लॉक प्रमुख पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने जा रहीं सपा उम्मीदवार से अभद्रता करने और पुलिस के सामने ही चुनावी पर्चा छीनकर फाड़ देने के तीन आरोपियों को जमानत नहीं मिल सकी। जिला जज मुकेश मिश्र ने तीन आरोपियों की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया आठ जुलाई को ब्लॉक प्रमुख पद के लिए अपना नामांकन कराने के लिए सपा उम्मीदवार के रूप में रीतू सिंह पसगवां ब्लॉक पहुंचीं थी, जहां बड़ी संख्या में एहतियातन पुलिस बल भी लगाया गया था। उनके समर्थन में लखीमपुर जिले से पहुंचे एमएलसी शशांक यादव सहित पार्टी के नेताओं को ब्लॉक कार्यालय पहुंचने से रोकने को भाजपा कार्यकर्ताओं ने काफी हंगामा किया था। बाद में बड़ी मुश्किल से जब ब्लॉक परिसर का गेट खुलवाकर सपा प्रत्याशी रीतू सिंह अंदर दाखिल हुईं और अपना नामांकन पत्र आरओ के समक्ष दाखिल करना चाहा तभी भाजपा कार्यकर्ता बृज सिंह, यश सिंह ने उनका पर्स छीना, जिसमें 7500 रुपये और सोने का लाकेट व सोने के झाले थे। साथ ही सुमित तिवारी वासू कटियार और छोटू पंडित ने उसकी साड़ी खींची और अभद्रता की। पुलिस बल के सामने ही हंगामा होता रहा।
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रीतू सिंह की ओर से पेश हुए व्यक्तिगत अधिवक्ता हरजीत सिंह, धीरेंद्र सिंह, सुरेंद्र कुमार और यदुवेंद्र वर्मा पम्मू ने इसे सत्तादल के इशारे पर हुई वारदात बताया। साथ ही इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए सांसद की भूमिका को भी रेखांकित किया। बचाव पक्ष ने झूठा फंसाए जाने की दलील देते हुए इसे साजिश करार दिया। न्यायाधीश मुकेश मिश्र ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया। देर शाम जमानत खारिज का आदेश देते हुए बृज कुमार सिंह, यश वर्मा और सुमित तिवारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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प्रियंका गांधी ने दिलाया था ढांढस
ब्लाक प्रमुख चुनाव में महिला प्रत्याशी के साथ हुई अभद्रता के बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के लखीमपुर दौरे पर उनसे मिलने आईं थीं। उनके आने के बाद यह प्रकरण सोशल मीडिया पर दुश्शासन कांड के रूप में भी काफी ट्रोल हुआ था। विपक्षीदलों की ओर से अदालती फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए इसे इंसाफ की जीत बताया है।
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