{"_id":"6860367a9d27af3f64001493","slug":"parents-backed-down-from-the-allegations-of-illegal-collection-from-girl-students-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-149226-2025-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: छात्राओं से अवैध वसूली के आरोप से पीछे हटे अभिभावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: छात्राओं से अवैध वसूली के आरोप से पीछे हटे अभिभावक
Sun, 29 Jun 2025 12:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 29 Jun 2025 12:07 AM IST
विज्ञापन
सिंगाही। नौरंगाबाद स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में शिक्षकों पर प्रैक्टिकल में पास कराने के नाम पर रुपये लेने का आरोप लगाने वाले अभिभावक अब पीछे हटने लगे हैं। हालांकि, एसडीएम राजीव निगम ने कहा कि जांच किसी भी सूरत में रोकी नहीं जाएगी।
ग्राम पंचायत मांझा के पूर्व प्रधान संतोष भार्गव की भतीजी संजना राज, सरोजनी और आकांक्षा मौर्य फैशन डिजाइनर ट्रेड की छात्राएं हैं। 23 जून को तीनों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर बताया था कि संस्थान के शिक्षक हरिकिशन सिंह और अंशिका ने प्रैक्टिकल में पास कराने के लिए ढाई हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि उनसे बंद लिफाफे में पैसे भी ले लिए गए।
शिकायत मिलने के बाद एसडीएम ने आईटीआई पहुंचकर छात्रों और स्टाफ से पूछताछ की। फीस रजिस्टर जब्त कर मौके पर जांच शुरू की। मामले में तब नया मोड़ आ गया, जब पांच दिन बाद छात्राओं के परिजन एसडीएम कार्यालय पहुंचे और शपथपत्र के माध्यम से कार्रवाई समाप्त करने की मांग की।
विज्ञापन
एसडीएम राजीव निगम ने कहा कि चाहे शिकायतकर्ता पीछे हटे हों, लेकिन यह मामला संस्थागत भ्रष्टाचार से जुड़ा है। छात्राओं की सुरक्षा और संस्थान की मर्यादा सर्वोपरि है। जांच हर हाल में जारी रहेगी।
आरोपित शिक्षकों से बात की गई तो उन्होंने इसे महज गलतफहमी बताया, लेकिन रुपये लेने के सवाल पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।कॉलेज के प्रधानाचार्य शोभित गंगवार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत मांझा के पूर्व प्रधान संतोष भार्गव की भतीजी संजना राज, सरोजनी और आकांक्षा मौर्य फैशन डिजाइनर ट्रेड की छात्राएं हैं। 23 जून को तीनों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर बताया था कि संस्थान के शिक्षक हरिकिशन सिंह और अंशिका ने प्रैक्टिकल में पास कराने के लिए ढाई हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि उनसे बंद लिफाफे में पैसे भी ले लिए गए।
विज्ञापन
शिकायत मिलने के बाद एसडीएम ने आईटीआई पहुंचकर छात्रों और स्टाफ से पूछताछ की। फीस रजिस्टर जब्त कर मौके पर जांच शुरू की। मामले में तब नया मोड़ आ गया, जब पांच दिन बाद छात्राओं के परिजन एसडीएम कार्यालय पहुंचे और शपथपत्र के माध्यम से कार्रवाई समाप्त करने की मांग की।
विज्ञापन
एसडीएम राजीव निगम ने कहा कि चाहे शिकायतकर्ता पीछे हटे हों, लेकिन यह मामला संस्थागत भ्रष्टाचार से जुड़ा है। छात्राओं की सुरक्षा और संस्थान की मर्यादा सर्वोपरि है। जांच हर हाल में जारी रहेगी।
आरोपित शिक्षकों से बात की गई तो उन्होंने इसे महज गलतफहमी बताया, लेकिन रुपये लेने के सवाल पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।कॉलेज के प्रधानाचार्य शोभित गंगवार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है।