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गांव की सरकार: झूठे वादे करने वालों को नहीं देंगे वोट
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ईसानगर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव चिह्न आवंटन के बाद गांवों में चुनावी मेला शुरू हो गया है। एक-एक ग्राम पंचायत में प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने और उनकी मान मनौव्वल में जुटे हैं। प्रत्याशियों को अपने चरणों में गिरा देख मतदाता भी पूरा गुणा भाग लगाने लगे हैं।
ईसानगर ब्लॉक की 81 ग्राम पंचायतों में चुनावी मेला चरम पर है। ऐसे में मतदाता भी इस बार जागरूक हैं। मतदाता प्रत्याशियों के लॉलीपॉप को नजरंदाज करते हुए नए चेहरे तलाश रहे है। प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए काका, दादा, चाचा, भइया जैसे हजारों रिश्ते जीवित कर चुके हैं। लेकिन, जनता ही जनार्दन है तो, वह ऐसे लोगों के इतिहास का काला पन्ना पढ़ाने से भी नहीं चूक रही।
शराब मुर्गा बांटो चाहे बांटो नोट, झूठे वादे वालों नही मिलेंगे वोट
जागरूक मतदाताओं का दावा है कि अबकी बार चुनाव में प्रलोभन देने वाले मतदाताओं को वोट नहीं किया जाएगा। क्योंकि लाखों रुपये खर्च कर चुनाव जीतने वाले जनता के विकास की जगह स्वयं का विकास करने में लग जाते हैं और जनता का शोषण करने से बाज नही आते। बसढ़िया, महरिया, पकरिया के ग्रामीणों का कहना है कि इस बार शराब मुर्गा और नोट बांटने वाले प्रत्याशियों से सतर्क रहना है, जिससे अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल हो सके।
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चुनाव के दौरान पानी की तरह पैसा बहाने वाले प्रत्याशी जीतने के बाद चुनाव पर खर्च की गई धनराशि ब्याज सहित वसूल करते हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों की जगह जीता प्रत्याशी भ्रष्टाचार करने लगता है।
-पंकज साहू, महरिया
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चुनाव शुरू होते ही प्रत्याशी शराब और चिकन की दावत शुरू कर देते हैं, जिससे उनका खर्च लाखों में पहुंच जाता है। यहीं से भ्रष्टाचार की शुरुआत होती है। इसलिए ऐसे लोगों वोट नहीं देंगे।
-अनिल कुमार, बसढ़िया
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जो प्रत्याशी शराब की सेवा करेगा वह जनता का हित क्या करेगा। यदि प्रत्याशी लाखों खर्च करेगा तो करोड़ों कमाने की इच्छा करेगा। इसलिए ऐसे व्यक्ति को वोट करना चाहिए जो न तो स्वयं गलत आचरण रखता हो और न ही गलत आचरण करने के लिए सहयोग करे।
-सुनील मिश्रा, पकरिया
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चुनाव का आगाज होते ही शासन की सतर्कता के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की खपत बढ़ जाती है। प्रत्याशी वोटर सेवा शुरू कर देते हैं। इस तरह के प्रलोभन देने वाला प्रत्याशी क्या विकास करेगा।
-कन्हैया लाल, बसढ़िया
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ईसानगर ब्लॉक की 81 ग्राम पंचायतों में चुनावी मेला चरम पर है। ऐसे में मतदाता भी इस बार जागरूक हैं। मतदाता प्रत्याशियों के लॉलीपॉप को नजरंदाज करते हुए नए चेहरे तलाश रहे है। प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए काका, दादा, चाचा, भइया जैसे हजारों रिश्ते जीवित कर चुके हैं। लेकिन, जनता ही जनार्दन है तो, वह ऐसे लोगों के इतिहास का काला पन्ना पढ़ाने से भी नहीं चूक रही।
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शराब मुर्गा बांटो चाहे बांटो नोट, झूठे वादे वालों नही मिलेंगे वोट
जागरूक मतदाताओं का दावा है कि अबकी बार चुनाव में प्रलोभन देने वाले मतदाताओं को वोट नहीं किया जाएगा। क्योंकि लाखों रुपये खर्च कर चुनाव जीतने वाले जनता के विकास की जगह स्वयं का विकास करने में लग जाते हैं और जनता का शोषण करने से बाज नही आते। बसढ़िया, महरिया, पकरिया के ग्रामीणों का कहना है कि इस बार शराब मुर्गा और नोट बांटने वाले प्रत्याशियों से सतर्क रहना है, जिससे अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल हो सके।
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चुनाव के दौरान पानी की तरह पैसा बहाने वाले प्रत्याशी जीतने के बाद चुनाव पर खर्च की गई धनराशि ब्याज सहित वसूल करते हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों की जगह जीता प्रत्याशी भ्रष्टाचार करने लगता है।
-पंकज साहू, महरिया
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चुनाव शुरू होते ही प्रत्याशी शराब और चिकन की दावत शुरू कर देते हैं, जिससे उनका खर्च लाखों में पहुंच जाता है। यहीं से भ्रष्टाचार की शुरुआत होती है। इसलिए ऐसे लोगों वोट नहीं देंगे।
-अनिल कुमार, बसढ़िया
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जो प्रत्याशी शराब की सेवा करेगा वह जनता का हित क्या करेगा। यदि प्रत्याशी लाखों खर्च करेगा तो करोड़ों कमाने की इच्छा करेगा। इसलिए ऐसे व्यक्ति को वोट करना चाहिए जो न तो स्वयं गलत आचरण रखता हो और न ही गलत आचरण करने के लिए सहयोग करे।
-सुनील मिश्रा, पकरिया
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चुनाव का आगाज होते ही शासन की सतर्कता के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की खपत बढ़ जाती है। प्रत्याशी वोटर सेवा शुरू कर देते हैं। इस तरह के प्रलोभन देने वाला प्रत्याशी क्या विकास करेगा।
-कन्हैया लाल, बसढ़िया