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पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता बहाल
पलियाकलां
Updated Wed, 06 Jan 2016 07:37 PM IST
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पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता को चार्ज मिल गया है। उनके अधिकार 11 सितंबर वर्ष 2015 को सीज हो गए थे । हाईकोर्ट के एक आदेश के तहत उनकी बहाली हुई थी जिस पर प्रक्रिया चल रही थी और इसी के तहत एडीएम ने उनको उनके अधिकारों के प्रपत्र सौंप दिए। उन्होंने बुधवार को पदभार संभाल लिया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह सत्य की जीत है।
गौरतलब है कि 11 सितंबर वर्ष 2015 को एक शिकायत पर शासन ने उनको वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों से विरत कर दिया था। इसको लेकर वह हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ गए और उनके मामले को सुनवाई शुरू हुई। इस पर कोर्ट के आदेश के तहत उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया और उन्होंने चार्ज पाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। जिस पर एडीएम ने उन्हें चार्ज के प्रपत्र सौंप दिए। इसके बाद यहां आकर उन्होंने कार्य भार ग्रहण किया। उनके कार्यभार ग्रहण करने पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
इस दौरान पालिकाध्यक्ष ने कहा कि जनता ने उन्हें चुन कर भेजा था और उनके द्वारा नगर के विकास की पूरी कोशिश की जाती रही। कहा कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देख उनके राजनीतिक विरोधियों ने राज्यमंत्री स्वर्गीय चितरंजन स्वरूप के फर्जी लेटर पैड पर शिकायत कर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की गई। जिस पर उन्होंने साजिश रचने वालों पर मुकदमा भी दर्ज कराया। इसके बाद निवर्तमान अधिशाषी अधिकारी ने उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया। उनके ऊपर हत्या के गलत आरोप लगाए गए।
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कहा कि एसपी ने स्वयं इस प्रकरण को संज्ञान में लेकर मुकदमा खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने उनके अधिकार बहाल करने का फैसला किया जो उनकी ईमानदारी और सत्य निष्ठा को प्रकट करता है। उन्होंने कहा कि वह इस जीत को जनता को समर्पित करते हैं। वह नगर को आदर्श व सुविधाओं से परिपूर्ण नगर बनाने का प्रयास करेंगे।
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गौरतलब है कि 11 सितंबर वर्ष 2015 को एक शिकायत पर शासन ने उनको वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों से विरत कर दिया था। इसको लेकर वह हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ गए और उनके मामले को सुनवाई शुरू हुई। इस पर कोर्ट के आदेश के तहत उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया और उन्होंने चार्ज पाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। जिस पर एडीएम ने उन्हें चार्ज के प्रपत्र सौंप दिए। इसके बाद यहां आकर उन्होंने कार्य भार ग्रहण किया। उनके कार्यभार ग्रहण करने पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
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इस दौरान पालिकाध्यक्ष ने कहा कि जनता ने उन्हें चुन कर भेजा था और उनके द्वारा नगर के विकास की पूरी कोशिश की जाती रही। कहा कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देख उनके राजनीतिक विरोधियों ने राज्यमंत्री स्वर्गीय चितरंजन स्वरूप के फर्जी लेटर पैड पर शिकायत कर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की गई। जिस पर उन्होंने साजिश रचने वालों पर मुकदमा भी दर्ज कराया। इसके बाद निवर्तमान अधिशाषी अधिकारी ने उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया। उनके ऊपर हत्या के गलत आरोप लगाए गए।
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कहा कि एसपी ने स्वयं इस प्रकरण को संज्ञान में लेकर मुकदमा खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने उनके अधिकार बहाल करने का फैसला किया जो उनकी ईमानदारी और सत्य निष्ठा को प्रकट करता है। उन्होंने कहा कि वह इस जीत को जनता को समर्पित करते हैं। वह नगर को आदर्श व सुविधाओं से परिपूर्ण नगर बनाने का प्रयास करेंगे।