{"_id":"5f8897728ebc3e9bed14b366","slug":"paddy-purchase-lakhimpur-news-bly4235167179","type":"story","status":"publish","title_hn":"एफसीआई और मंडी परिषद का क्रय केंद्र बंद मिलने पर निदेशक नाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एफसीआई और मंडी परिषद का क्रय केंद्र बंद मिलने पर निदेशक नाराज
विज्ञापन
नाली में घास देख भड़के निदेशक
- फोटो : LAKHIMPUR
गोला गोकर्णनाथ। गुरुवार को कृषि उत्पादन मंडी परिषद निदेशक जेपी सिंह ने मंडी समिति का निरीक्षण कर धान क्रय केंद्रों पर खरीद का जायजा लिया। उन्होंने मंडी समिति में एफसीआई और मंडी परिषद का सेंटर बंद होने पर नाराजगी जताई। मंडी सचिव के एफसीआई केंद्र प्रभारी फईम उल्ला खां के कोरोना संक्रमित की जानकारी देने पर निदेशक ने कहा कि उनके स्थान पर अस्थायी रूप से किसी अन्य को तैनात करें। वहीं मंडी परिषद केंद्र पर प्रभारी न होने पर उन्होंने तत्काल हरदोई से केंद्र प्रभारी रामलखन को चार्ज दिलाने के निर्देश दिए।
निदेशक ने धान खरीद में तेजी लाने के सख्त निर्देश मंडी सचिव बृजभान सिंह और केंद्र प्रभारियों को दिए। किसानों की रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं को तत्काल दूर करने के लिए एसडीएम अखिलेश यादव को निर्देशित किया। इस मौके पर मंडी सहायक सौरभ कुमार, अमर सिंह चौधरी, केंद्र प्रभारी बृजेश सिंह, धर्मराज, रामलखन, नीलेश, कुलवंत सिंह चीमा, इरफान गाजी, संदीप अवस्थी, लाल बिहारी वर्मा, राजेश गिरि आदि मौजूद रहे।
निदेशक ने ये दिए दिशा निर्देश
- जरूरी सुविधाएं और बेहतर की जाएं।
- धान खरीद में तेजी लायी जाए।
- मंडी समिति परिसर में धान क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए।
- एसडीएम को निर्देशित किया कि क्षेत्र के जिन केंद्रों पर आवक कम हैं, उन्हें मंडी समिति परिसर में स्थानांतरित किया जाए।
-रजिस्ट्रेशन, टोकन आदि में आने वाली किसानों की समस्या को तत्काल दूर किया जाए।
- गोला देहात ग्राम पंचायत द्वारा पानी निकासी के लिए मंडी समिति परिसर में खोदे गए नाले को पाटने के लिए कहा।
खरीद की स्थिति
-मंडी समिति के धान केंद्रों पर 14 अक्तूबर तक आरएफसी प्रथम पर 2053, द्वितीय पर 1870, सीएमएस पर 740, एफसीआई 1039, यूपी कोऑपरेटिव पर 1165 क्विंटल खरीद हुई। वहीं मंडी परिषद पर खरीद शून्य है।
विज्ञापन
इस वर्ष आधी से भी कम खरीद
विपणन वर्ष 2020-21 में किसान कहीं भी अपनी उपज बेचने के लिए स्वतंत्र है। नए अध्यादेश में राइस मिलर्स, व्यापारियों से मंडी समिति का नियंत्रण समाप्त हो गया है। गत वर्ष 14 अक्तूबर तक क्रमिक खरीद 27839 और दैनिक खरीद 4490 क्विंटल थी, जो वर्तमान में क्रमिक खरीद 8025.20 और दैनिक धान खरीद 1540 क्विंटल है। इस तरह विपणन वर्ष 2020-21 में धान खरीद गत वर्ष की अपेक्षा आधी से भी कम रह गई है। संवाद
विज्ञापन
निदेशक ने धान खरीद में तेजी लाने के सख्त निर्देश मंडी सचिव बृजभान सिंह और केंद्र प्रभारियों को दिए। किसानों की रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं को तत्काल दूर करने के लिए एसडीएम अखिलेश यादव को निर्देशित किया। इस मौके पर मंडी सहायक सौरभ कुमार, अमर सिंह चौधरी, केंद्र प्रभारी बृजेश सिंह, धर्मराज, रामलखन, नीलेश, कुलवंत सिंह चीमा, इरफान गाजी, संदीप अवस्थी, लाल बिहारी वर्मा, राजेश गिरि आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
निदेशक ने ये दिए दिशा निर्देश
- जरूरी सुविधाएं और बेहतर की जाएं।
- धान खरीद में तेजी लायी जाए।
- मंडी समिति परिसर में धान क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए।
- एसडीएम को निर्देशित किया कि क्षेत्र के जिन केंद्रों पर आवक कम हैं, उन्हें मंडी समिति परिसर में स्थानांतरित किया जाए।
-रजिस्ट्रेशन, टोकन आदि में आने वाली किसानों की समस्या को तत्काल दूर किया जाए।
- गोला देहात ग्राम पंचायत द्वारा पानी निकासी के लिए मंडी समिति परिसर में खोदे गए नाले को पाटने के लिए कहा।
खरीद की स्थिति
-मंडी समिति के धान केंद्रों पर 14 अक्तूबर तक आरएफसी प्रथम पर 2053, द्वितीय पर 1870, सीएमएस पर 740, एफसीआई 1039, यूपी कोऑपरेटिव पर 1165 क्विंटल खरीद हुई। वहीं मंडी परिषद पर खरीद शून्य है।
विज्ञापन
इस वर्ष आधी से भी कम खरीद
विपणन वर्ष 2020-21 में किसान कहीं भी अपनी उपज बेचने के लिए स्वतंत्र है। नए अध्यादेश में राइस मिलर्स, व्यापारियों से मंडी समिति का नियंत्रण समाप्त हो गया है। गत वर्ष 14 अक्तूबर तक क्रमिक खरीद 27839 और दैनिक खरीद 4490 क्विंटल थी, जो वर्तमान में क्रमिक खरीद 8025.20 और दैनिक धान खरीद 1540 क्विंटल है। इस तरह विपणन वर्ष 2020-21 में धान खरीद गत वर्ष की अपेक्षा आधी से भी कम रह गई है। संवाद