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Lakhimpur Kheri News: एक मरीज के साथ एक ही तीमारदार, बेड पर न बैठें
Thu, 17 Sep 2026 12:33 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 17 Sep 2026 12:33 AM IST
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जिला अस्पताल का निरीक्षण करतीं प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता। स्रोत : मेडिकल कॉलेज
लखीमपुर खीरी। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने मंगलवार रात मेडिकल कॉलेज अधीन जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों में मरीजों की व्यवस्थाएं देखीं और निर्देश दिए कि एक मरीज के साथ एक ही तीमारदार रहे। किसी भी तीमारदार को मरीज के बेड पर न बैठने दिया जाए।
प्राचार्य ने कहा कि वार्ड में अनावश्यक भीड़ से व्यवस्था प्रभावित होती है और दूसरे मरीजों को भी परेशानी होती है। स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी को निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए।
उन्होंने चिकित्सकों समेत समस्त स्टाफ को निर्धारित ड्रेस में ही अस्पताल आने के निर्देश दिए। कहा कि इससे मरीजों और तीमारदारों को डॉक्टर व स्टाफ की पहचान करने में आसानी होगी। इससे मरीजों में चिकित्सकों के प्रति विश्वास और सम्मान की भावना भी बढ़ेगी।
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प्राचार्य ने वार्डों के साथ मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता भी देखी। भोजन संतोषजनक मिलने पर उन्होंने व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, स्टाफ और मरीजों के बीच बेहतर व्यवहार व संवाद से अच्छा संबंध कायम होता है। इससे मरीज सहज होकर अपनी समस्या बता पाता है और चिकित्सक को उपचार में सुविधा होती है।
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प्राचार्य ने कहा कि वार्ड में अनावश्यक भीड़ से व्यवस्था प्रभावित होती है और दूसरे मरीजों को भी परेशानी होती है। स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी को निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए।
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उन्होंने चिकित्सकों समेत समस्त स्टाफ को निर्धारित ड्रेस में ही अस्पताल आने के निर्देश दिए। कहा कि इससे मरीजों और तीमारदारों को डॉक्टर व स्टाफ की पहचान करने में आसानी होगी। इससे मरीजों में चिकित्सकों के प्रति विश्वास और सम्मान की भावना भी बढ़ेगी।
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प्राचार्य ने वार्डों के साथ मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता भी देखी। भोजन संतोषजनक मिलने पर उन्होंने व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, स्टाफ और मरीजों के बीच बेहतर व्यवहार व संवाद से अच्छा संबंध कायम होता है। इससे मरीज सहज होकर अपनी समस्या बता पाता है और चिकित्सक को उपचार में सुविधा होती है।