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Lakhimpur Kheri News: सात स्कूल, 971 बच्चे और शिक्षक आठ... पढ़ाई है या मजाक

Sat, 04 Mar 2023 03:14 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 04 Mar 2023 03:14 PM IST
सार

सात विद्यालयों में अध्ययनरत 971 बच्चों का भविष्य महज तीन अध्यापकों और पांच शिक्षामित्रों के कंधों पर टिका है, जबकि 40 बच्चों पर एक शिक्षक का मानक है।

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Only eight teachers in seven government schools in Lakhimpur Kheri
लोने सिंह संविलियन स्कूल में बच्चों को पढ़ाता चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई मजाक बनकर रह गई है। सात स्कूलों में 971 बच्चों को पढ़ाने वालों शिक्षकों की संख्या महज आठ है। अधिकतर जगहों पर शिक्षकों की बजाय अनुचरों को पढ़ाई का जिम्मा दिया गया है। अनुचरों के भरोसे अधिकारी सिर्फ इतनी कवायद कर लेना चाहते हैं कि किसी तरह विद्यालय खुल जाए। नगर क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा दयनीय है, जबकि ब्लॉक क्षेत्र का भी हाल जुदा नहीं है। कस्तूरबा गांधी विद्यालय तो बिना शिक्षक-शिक्षामित्र के ही चल रहे हैं।

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नगर क्षेत्र में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सात प्राथमिक विद्यालयों का आलम यह है कि इन विद्यालयों में अध्ययनरत 971 बच्चों का भविष्य महज तीन अध्यापकों और पांच शिक्षामित्रों के कंधों पर टिका है, जबकि 40 बच्चों पर एक शिक्षक का मानक है। इस लिहाज से 971 बच्चों पर 24 शिक्षकों की व्यवस्था होनी चाहिए। विभागीय कवायद की बात करें तो क्षेत्र के कुछ स्थानों से चतुर्थ श्रेणी अनुचर पांच विद्यालयों में इस आशय से अटैच किए गए हैं कि बस स्कूल समयानुसार खुलता रहे।
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शुक्रवार को नगर के परिषदीय विद्यालयों में अनुचर कक्षाओं में पढ़ाते मिले। तीन अध्यापकों से सात विद्यालय संभाले नहीं जा रहे। ऊपर से इन अध्यापकों पर कभी पुस्तक वितरण, तभी डीबीटी योजना, तभी जिला मुख्यालय पर उच्च अधिकारियों की बैठकें अतिरिक्त दबाव दे रही हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए बेसिक शिक्षा विभाग कितना गंभीर है।

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अनुचर और प्रशिक्षित संभाल रहे कक्षाएं

अध्यापक न होने की वजह से जवाहर प्राथमिक, लोने सिंह संविलियन, कस्तूरा प्राथमिक विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाते मिले। साथ ही स्कूलों में एक माह के लिए आए प्रशिक्षु भी बच्चों को पढ़ाते दिखे।

कस्तूरबा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक न शिक्षामित्र

206 बच्चों वाले पंजाबी कॉलोनी स्थित कस्तूरबा प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक राहत फातमा का 26 फरवरी को निधन हो गया था। वर्तमान में न यहां कोई शिक्षक है और न शिक्षामित्र। शुक्रवार को इस विद्यालय में अनुचर प्रीति वर्मा बच्चों को पढ़ाती मिली। इन्हें छितौनिया से इस विद्यालय में अटैच किया गया है।

नगरीय विद्यालयों की दशा

  • रामविलास प्राथमिक विद्यालय। छात्र संख्या 79। शिक्षामित्र शैलू सक्सेना।
  • जवाहर प्राथमिक विद्यालय। छात्र संख्या 42। शिक्षामित्र शशि निभा। अनुचर विमल कुमार।
  • लोने सिंह संविलियन। छात्र संख्या 153। शिक्षामित्र प्राची बाजपेई। अनुचर अतुल कुमार।
  • प्राथमिक विद्यालय गोला। छात्र संख्या 88। इंचार्ज प्रधानाध्यापक सीमा सक्सेना। शिक्षामित्र रुचि राठौर।
  • आदर्श प्राथमिक विद्यालय। छात्र संख्या 124। शिक्षामित्र रविशंकर। अनुचर अशोक कुमार।
  • कस्तूरबा प्राथमिक विद्यालय। छात्र संख्या 206। अनुचर प्रीति वर्मा।
  • यूपीएस त्रिलोक गिरी। छात्र संख्या 279। इंचार्ज प्रधानाध्यापक सरोज बाला। सहायक अध्यापक रामकमार। शिक्षामित्र रजनी मिश्रा।

बीएसए लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि गोला क्षेत्र में शिक्षकों की कमी है। 40 बच्चों पर एक शिक्षक का मानक है। नगर क्षेत्र के विद्यालयों के लिए शिक्षकों की सीधी भर्ती नहीं होती है। वरिष्ठता के आधार पर ग्रामीण क्षेत्र से शिक्षकों का नगर क्षेत्र में तबादला किया जाता है, जो कि अभी पेंडिंग है। अन्य जगहों पर शिक्षकों की नियुक्ति के प्रयास किए जा रहे हैं।

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