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दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे ग्रामीण डाक सेवक
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 11 Mar 2015 07:16 PM IST
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ऑल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। बेमियादी हड़ताल के तहत वे जिला मुख्यालय पर प्रधान डाकघर के सामने धरने पर बैठे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण डाक सेवकों ने कार्य बहिष्कार कर डाकघरों के सामने धरना दिया।
ग्रामीण डाक सेवक संघ के मंडलीय सचिव चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि उनकी मांग है कि ग्रामीण डाक सेवकों का विभागीकरण किया जाए और उन्हें सभी विभागीय सुविधाएं दी जाएं। ग्रामीण डाक सेवकों की सेवा शर्तों की सरंचना के संबंध में न्यायाधीश समिति का गठन किया जाए। डाक विभाग के कारपोरेशन प्रस्ताव टास्क फोर्स को रोका जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की वादा खिलाफी के कारण ग्रामीण डाक सेवक आंदोलित हैं।
उन्होंने कहा है कि ग्रामीण डाक सेवकों को विभागीय कर्मचारी की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। 21 फरवरी 2014 को डाक विभाग ने एक लिखित समझौता किया था कि यदि ग्रामीण डाक सेवकों के विषय सातवें वेतन आयोग के सुपुर्द नहीं किए तो विभाग उनके लिए उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय के जज की अध्यक्षता में वेतन समिति गठित करेगा। अब विभाग अपने वादे से मुकर कर एक विभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित करने पर तुला है। इसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है।
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प्रदर्शन में अध्यक्ष तुलसी राम मिश्रा, मंत्री चंद्रकांत मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष एमएस खान, कोषाध्यक्ष केएल शर्मा, सहायक मंत्री जितेंद्र तिवारी, खलीक अहमद, वसीम अहमद, राजेंद्र कुमार, रतन लाल, बालक राम वर्मा, उमेश चंद्र त्रिवेदी, जय प्रकाश मिश्र और संजीव कुमार, उपदेश शुक्ला, कढ़िलेराम, अनुराग गुप्ता आदि शामिल रहे।
मितौली। ग्रामीण डाक सेवक अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल से डाक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। प्रदर्शन के दौरान चुन्नीलाल, बिंद्रा प्रसाद, इंद्र कुमार, रामदयाल, सुरेमनपाल सिंह, यज्ञदत्त, रामफल मिश्रा, उमा शंकर, प्रमोद कुमार सिंह, भागीरथ, पुष्पेंद्र कुमार, सरोजनी देवी, राधेश्याम वर्मा आदि ग्रामीण डाक सेवक मौजूद रहे।
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ग्रामीण डाक सेवक संघ के मंडलीय सचिव चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि उनकी मांग है कि ग्रामीण डाक सेवकों का विभागीकरण किया जाए और उन्हें सभी विभागीय सुविधाएं दी जाएं। ग्रामीण डाक सेवकों की सेवा शर्तों की सरंचना के संबंध में न्यायाधीश समिति का गठन किया जाए। डाक विभाग के कारपोरेशन प्रस्ताव टास्क फोर्स को रोका जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की वादा खिलाफी के कारण ग्रामीण डाक सेवक आंदोलित हैं।
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उन्होंने कहा है कि ग्रामीण डाक सेवकों को विभागीय कर्मचारी की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। 21 फरवरी 2014 को डाक विभाग ने एक लिखित समझौता किया था कि यदि ग्रामीण डाक सेवकों के विषय सातवें वेतन आयोग के सुपुर्द नहीं किए तो विभाग उनके लिए उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय के जज की अध्यक्षता में वेतन समिति गठित करेगा। अब विभाग अपने वादे से मुकर कर एक विभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित करने पर तुला है। इसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है।
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प्रदर्शन में अध्यक्ष तुलसी राम मिश्रा, मंत्री चंद्रकांत मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष एमएस खान, कोषाध्यक्ष केएल शर्मा, सहायक मंत्री जितेंद्र तिवारी, खलीक अहमद, वसीम अहमद, राजेंद्र कुमार, रतन लाल, बालक राम वर्मा, उमेश चंद्र त्रिवेदी, जय प्रकाश मिश्र और संजीव कुमार, उपदेश शुक्ला, कढ़िलेराम, अनुराग गुप्ता आदि शामिल रहे।
मितौली। ग्रामीण डाक सेवक अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल से डाक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। प्रदर्शन के दौरान चुन्नीलाल, बिंद्रा प्रसाद, इंद्र कुमार, रामदयाल, सुरेमनपाल सिंह, यज्ञदत्त, रामफल मिश्रा, उमा शंकर, प्रमोद कुमार सिंह, भागीरथ, पुष्पेंद्र कुमार, सरोजनी देवी, राधेश्याम वर्मा आदि ग्रामीण डाक सेवक मौजूद रहे।