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ओमिक्रॉन: तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां तेज
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लखीमपुर खीरी। कोरोना की तीसरी लहर के दस्तक देते ही स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। दूसरी लहर में हुई दिक्क्तों का फिर से सामना न करना पड़े। इसको लेकर स्वास्थ्य अधिकारी बेहद अलर्ट हैं। जिले में 10 ऑक्सीजन प्लांट लगने के साथ जगसड़ को फिर से एल- टू अस्पताल बनाकर बेड, ऑक्सीजन सिलिंडर आदि की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है।
जिले में भले ही अभी तक ओमिक्रॉन का कोई केस न मिला हो, लेकिन कोरोना संक्रमित तेजी से मिल रहे हैं। फिलहाल जिले में अभी स्थिति पूरी तरह से नियंत्रित है। इसके बावजूद जिला प्रशासन स्थितियों को लेकर बेहद सतर्क है। दूसरी लहर के दौरान संक्रमितों को इलाज मिलने में जो दिक्कतें आई थीं, उनकी इस बार पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए हर स्तर की तैयारी कर ली गई है। इसी का परिणाम है कि जिला एवं महिला अस्पताल सहित सात सीएचसी व मोतीपुर के 200 बेड के अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। एसीएमओ डॉ. कुलदीप आदिम बताते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल पूरी तरह से तैयार है। इसको लेकर पिछले दिनों मॉकड्रिल भी हो चुका है। हर स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा तंत्र पूरी तरह तैयार है। दवाओं से लेकर ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता है।
एल- टू कोविड अस्पताल जगसड़
कुल बेड-110
आईसीयू (बच्चों के लिए)-20
आईसीयू (बड़ों के लिए) -15
ऑक्सीजन सर्पोटेड - 45
आईसोलेशन वार्ड- 30
ऑक्सीजन सिलिंडर
बड़ा- 21
मध्यम -77
छोटा -91
निगरानी समितियां -1362
......
जिला अस्पताल का आईसीयू वार्ड- 10 बेड
सीएचसी में बच्चों के लिए रिजर्व हुए बेड
विभागीय लोगों का कहना है कि बच्चों के लिए तीसरी लहर खतरनाक होने की आशंका के चलते गोला, मोहम्मदी, निघासन और पलिया सीएचसी पर बच्चों के लिए 10-10 बेड का रिजर्व है। दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है।
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बेवजह घर से बाहर न निकलें। आवश्यकता होने पर मास्क लगाकर ही निकलें। जो लोग संक्रमित हो रहे हैं वह ईमानदारी पूर्वक होम क्वारंटीन के नियमों का पालन करें। विभाग कोरोना से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। चार सीएचसी से लेकर एल- टू अस्पताल पर हर सुविधाएं मौजूद हैं। कुछ दिन में मोतीपुर का अस्पताल भी हैंडओवर हो जाएगा, इससे स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत हो जाएंगी।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ
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जिले में भले ही अभी तक ओमिक्रॉन का कोई केस न मिला हो, लेकिन कोरोना संक्रमित तेजी से मिल रहे हैं। फिलहाल जिले में अभी स्थिति पूरी तरह से नियंत्रित है। इसके बावजूद जिला प्रशासन स्थितियों को लेकर बेहद सतर्क है। दूसरी लहर के दौरान संक्रमितों को इलाज मिलने में जो दिक्कतें आई थीं, उनकी इस बार पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए हर स्तर की तैयारी कर ली गई है। इसी का परिणाम है कि जिला एवं महिला अस्पताल सहित सात सीएचसी व मोतीपुर के 200 बेड के अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। एसीएमओ डॉ. कुलदीप आदिम बताते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल पूरी तरह से तैयार है। इसको लेकर पिछले दिनों मॉकड्रिल भी हो चुका है। हर स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा तंत्र पूरी तरह तैयार है। दवाओं से लेकर ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता है।
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एल- टू कोविड अस्पताल जगसड़
कुल बेड-110
आईसीयू (बच्चों के लिए)-20
आईसीयू (बड़ों के लिए) -15
ऑक्सीजन सर्पोटेड - 45
आईसोलेशन वार्ड- 30
ऑक्सीजन सिलिंडर
बड़ा- 21
मध्यम -77
छोटा -91
निगरानी समितियां -1362
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जिला अस्पताल का आईसीयू वार्ड- 10 बेड
सीएचसी में बच्चों के लिए रिजर्व हुए बेड
विभागीय लोगों का कहना है कि बच्चों के लिए तीसरी लहर खतरनाक होने की आशंका के चलते गोला, मोहम्मदी, निघासन और पलिया सीएचसी पर बच्चों के लिए 10-10 बेड का रिजर्व है। दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है।
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बेवजह घर से बाहर न निकलें। आवश्यकता होने पर मास्क लगाकर ही निकलें। जो लोग संक्रमित हो रहे हैं वह ईमानदारी पूर्वक होम क्वारंटीन के नियमों का पालन करें। विभाग कोरोना से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। चार सीएचसी से लेकर एल- टू अस्पताल पर हर सुविधाएं मौजूद हैं। कुछ दिन में मोतीपुर का अस्पताल भी हैंडओवर हो जाएगा, इससे स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत हो जाएंगी।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ