{"_id":"39cd363d0acbc1d5c4b49d425e85432d","slug":"officers-involved-in-the-budget-to-arrange-for-millions-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"करोड़ों के बजट को ठिकाने लगाने में जुटे अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करोड़ों के बजट को ठिकाने लगाने में जुटे अफसर
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 15 Mar 2015 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वित्तीय वर्ष की समाप्ति में अब कुछ दिन ही शेष हैं। लिहाजा करोड़ों के अवशेष बजट को ठिकाने लगाने में विभागीय अफसर जुट गए हैं। साल भर बजट का टोटा रहा या फिर अन्य अड़ंगों से कार्य पूरे नहीं हो पाए। खासकर पीडब्ल्यूडी विभाग करोड़ों की रकम के वारे-न्यारे करने में जुट गया है। 31 मार्र्च से पहले 17 दिन में विभाग को 9.94 करोड़ रुपये खर्च करने हैं। लिहाजा इतने कम समय में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी जानकार संदेह जता रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी विभाग की तीन खंडों के 20 कार्य (सड़क निर्माण) अभी अधूरे हैं। प्रांतीय खंड के चार, निर्माण खंड एक और तीन के आठ-आठ कार्य अवशेष हैं, जिसमें 21.85 किमी लंबाई में सड़क निर्माण कराया जाना है। तीनों डिवीजनों को स्वीकृत लागत 16248.75 लाख के सापेक्ष 15593.84 लाख की धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसमें से 14599.66 लाख रुपये खर्च कर 226.50 किमी सड़क बनाई गई है। अब 21.85 किमी सड़क बनाने के लिए विभाग के पास करीब 17 दिन ही शेष हैं। 25 लाख से अधिक लागत वाले चार कार्य शेष हैं। निर्माण खंड एक में 25 लाख से अधिक लागत वाले आठ कार्य पूर्ण कराए जाने हैैं। इसी तरह निर्माण खंड तीन में एक करोड़ से अधिक लागत वाली एक सड़क निर्माण में 56 फीसदी कार्य होना हैै। इसी खंड में 25 लाख से अधिक लागत वाले सात कार्य पूरे कराए जाने हैं। फरवरी माह में करोड़ों का बजट जारी हुआ है, जबकि टेंडर प्रक्रिया पहले ही कराई जा चुकी थी। अब इतने कम दिनों में सारा बजट खर्च करने के फेर में कोई अफसर यह देखने की स्थिति में नहीं होगा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता कैसी है। इसका फायदा ठेकेदार भी उठाएंगे और विभाग के लोग भी।
अधिशाषी अभियंता, प्रांतीय खंड इं. जेपी तिवारी ने बताया कि स्वीकृत बजट के सापेक्ष धनराशि कई बार टुकड़ों में देर से मिली है। इसके चलते कुछ कार्य पूरे नहीं कराए जा सके, लेकिन निर्माण कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। मार्च का पहला सप्ताह होली अवकाश में निकल गया। अवशेष कार्य मार्च में पूरे करा लिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीडब्ल्यूडी विभाग की तीन खंडों के 20 कार्य (सड़क निर्माण) अभी अधूरे हैं। प्रांतीय खंड के चार, निर्माण खंड एक और तीन के आठ-आठ कार्य अवशेष हैं, जिसमें 21.85 किमी लंबाई में सड़क निर्माण कराया जाना है। तीनों डिवीजनों को स्वीकृत लागत 16248.75 लाख के सापेक्ष 15593.84 लाख की धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसमें से 14599.66 लाख रुपये खर्च कर 226.50 किमी सड़क बनाई गई है। अब 21.85 किमी सड़क बनाने के लिए विभाग के पास करीब 17 दिन ही शेष हैं। 25 लाख से अधिक लागत वाले चार कार्य शेष हैं। निर्माण खंड एक में 25 लाख से अधिक लागत वाले आठ कार्य पूर्ण कराए जाने हैैं। इसी तरह निर्माण खंड तीन में एक करोड़ से अधिक लागत वाली एक सड़क निर्माण में 56 फीसदी कार्य होना हैै। इसी खंड में 25 लाख से अधिक लागत वाले सात कार्य पूरे कराए जाने हैं। फरवरी माह में करोड़ों का बजट जारी हुआ है, जबकि टेंडर प्रक्रिया पहले ही कराई जा चुकी थी। अब इतने कम दिनों में सारा बजट खर्च करने के फेर में कोई अफसर यह देखने की स्थिति में नहीं होगा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता कैसी है। इसका फायदा ठेकेदार भी उठाएंगे और विभाग के लोग भी।
विज्ञापन
अधिशाषी अभियंता, प्रांतीय खंड इं. जेपी तिवारी ने बताया कि स्वीकृत बजट के सापेक्ष धनराशि कई बार टुकड़ों में देर से मिली है। इसके चलते कुछ कार्य पूरे नहीं कराए जा सके, लेकिन निर्माण कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। मार्च का पहला सप्ताह होली अवकाश में निकल गया। अवशेष कार्य मार्च में पूरे करा लिए जाएंगे।
विज्ञापन