{"_id":"61c76eb492f8ed20eb38c19f","slug":"now-farmers-will-be-able-to-sell-paddy-at-government-purchase-centers-open-in-mandis-lakhimpur-news-bly4704804133","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मंडियों में खुले सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेच सकेंगे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब मंडियों में खुले सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेच सकेंगे किसान
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद का समय 31 जनवरी 2022 तक है, लेकिन उससे एक माह पहले ही ग्रामीण क्षेत्रों में खुले 80 धान क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया है। इससे अब किसान अपनी नजदीकी मंडी समिति में संचालित क्रय केंद्रों पर धान बेच सकेंगे। राजापुर मंडी समिति समेत अन्य मंडियों में संचालित पीसीयू समेत कई एजेंसियों के क्रय केंद्रों की पॉपअप मशीन को लॉक कर दिया गया है। ताकि क्रय केंद्र प्रभारी फर्जी धान खरीद न कर सकें।
जनपद में एक अक्तूबर 2021 से सरकारी धान खरीद प्रारंभ हुई थी, जिसके लिए कुल 155 धान क्रय केंद्र खोले गए। इसमें से 80 क्रय केंद्र मंडियों से बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए थे, जबकि 75 क्रय केंद्र मंडी समिति राजापुर, गोला, मोहम्मदी, तिकुनिया, पलिया व मैगलगंज में संचालित हैं। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े से मंडियों में धान की आवक एकाएक काफी कम हो गई है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के क्रय केंद्रों पर भी आवक न के बराबर थी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के क्रय केंद्रों पर आवक न होने से 80 क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया है, जिससे अब जिन किसानों के पास धान बेचने के लिए शेष है, वह मंडी समिति में संचालित क्रय केंद्रों पर धान बेच सकते हैं। मंडियों में कुछ एजेंसियों के दो या इससे अधिक क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पर धान की आवक नहीं है या कम है, तो ऐसे स्थानों पर एक-एक क्रय केंद्रों की आईडी लॉक कर दी गई है। ताकि धान खरीद में गड़बड़ियों की संभावना न रहे, क्योंकि कुछ जगहों पर बिचौलियों के माध्यम से धान खरीद करके लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश किए जाने की सूचनाएं सूत्रों से मिल रहीं थीं। इसलिए धान खरीद में गड़बड़ियों को रोकने के लिए दो दिन पहले डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने मंडी समिति राजापुर के क्रय केंद्र प्रभारियों को जेल भेजने की चेतावनी दी थी।
धान खरीद की वीडियो क्लिप बनाकर भेजने के निर्देश
जिला खरीद अधिकारी/एडीएम संजय कुमार सिंह ने धान क्रय नीति से अलग प्रमुख सचिव के निर्देशों के क्रम में केंद्र प्रभारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। बटाईदार/अनुबंधित किसानों से हुई खरीद में आवश्यक प्रपत्र प्रमाणित रूप से क्रय केंद्रों पर रखने के निर्देश दिए हैं, जिसे निरीक्षण के समय उपलब्ध कराना होगा। केंद्रों पर किसानों से धान खरीदे जाने का शार्ट वीडियो क्लिप बनाकर प्रतिदिन भेजना होगा। वीडियो क्लिप में किसान के ब्योरे के साथ ही धान की मात्रा का उल्लेख किया जाएगा। जिला प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि क्रय धान का संबंधित मिलर को प्रेषण आनलाइन चालान के माध्यम से कराया जाएगा। यदि केंद्र प्रभारी द्वारा किसानों से धान क्रय करने में अनियमितता बरती जाती है, तो तत्काल नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों के 80 धान क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया है। अब सिर्फ मंडियों में खुले क्रय केंद्र संचालित हैं, जो 31 जनवरी 2022 तक किसानों का धान खरीदेंगे। इन केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों की शार्ट वीडियो क्लिप बनाकर केंद्र प्रभारियों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे केंद्र प्रभारी गड़बड़ी न कर सकें। जो केंद्र प्रभारी ऐसा नहीं करेगा, तो उसके द्वारा खरीदे गए धान व किसान की जांच कराई जाएगी।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
विज्ञापन
जनपद में एक अक्तूबर 2021 से सरकारी धान खरीद प्रारंभ हुई थी, जिसके लिए कुल 155 धान क्रय केंद्र खोले गए। इसमें से 80 क्रय केंद्र मंडियों से बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए थे, जबकि 75 क्रय केंद्र मंडी समिति राजापुर, गोला, मोहम्मदी, तिकुनिया, पलिया व मैगलगंज में संचालित हैं। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े से मंडियों में धान की आवक एकाएक काफी कम हो गई है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के क्रय केंद्रों पर भी आवक न के बराबर थी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के क्रय केंद्रों पर आवक न होने से 80 क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया है, जिससे अब जिन किसानों के पास धान बेचने के लिए शेष है, वह मंडी समिति में संचालित क्रय केंद्रों पर धान बेच सकते हैं। मंडियों में कुछ एजेंसियों के दो या इससे अधिक क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पर धान की आवक नहीं है या कम है, तो ऐसे स्थानों पर एक-एक क्रय केंद्रों की आईडी लॉक कर दी गई है। ताकि धान खरीद में गड़बड़ियों की संभावना न रहे, क्योंकि कुछ जगहों पर बिचौलियों के माध्यम से धान खरीद करके लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश किए जाने की सूचनाएं सूत्रों से मिल रहीं थीं। इसलिए धान खरीद में गड़बड़ियों को रोकने के लिए दो दिन पहले डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने मंडी समिति राजापुर के क्रय केंद्र प्रभारियों को जेल भेजने की चेतावनी दी थी।
विज्ञापन
धान खरीद की वीडियो क्लिप बनाकर भेजने के निर्देश
जिला खरीद अधिकारी/एडीएम संजय कुमार सिंह ने धान क्रय नीति से अलग प्रमुख सचिव के निर्देशों के क्रम में केंद्र प्रभारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। बटाईदार/अनुबंधित किसानों से हुई खरीद में आवश्यक प्रपत्र प्रमाणित रूप से क्रय केंद्रों पर रखने के निर्देश दिए हैं, जिसे निरीक्षण के समय उपलब्ध कराना होगा। केंद्रों पर किसानों से धान खरीदे जाने का शार्ट वीडियो क्लिप बनाकर प्रतिदिन भेजना होगा। वीडियो क्लिप में किसान के ब्योरे के साथ ही धान की मात्रा का उल्लेख किया जाएगा। जिला प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि क्रय धान का संबंधित मिलर को प्रेषण आनलाइन चालान के माध्यम से कराया जाएगा। यदि केंद्र प्रभारी द्वारा किसानों से धान क्रय करने में अनियमितता बरती जाती है, तो तत्काल नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों के 80 धान क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया है। अब सिर्फ मंडियों में खुले क्रय केंद्र संचालित हैं, जो 31 जनवरी 2022 तक किसानों का धान खरीदेंगे। इन केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों की शार्ट वीडियो क्लिप बनाकर केंद्र प्रभारियों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे केंद्र प्रभारी गड़बड़ी न कर सकें। जो केंद्र प्रभारी ऐसा नहीं करेगा, तो उसके द्वारा खरीदे गए धान व किसान की जांच कराई जाएगी।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी