{"_id":"6a5bc630a6e5203e9b0e1f6a","slug":"now-a-mobile-app-is-reminding-tb-patients-to-take-their-medicine-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1011-180188-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: अब मोबाइल एप दिला रहा टीबी मरीजों को दवा की याद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: अब मोबाइल एप दिला रहा टीबी मरीजों को दवा की याद
Sun, 19 Jul 2026 12:00 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 19 Jul 2026 12:00 AM IST
विज्ञापन
कुछ इस तरह खुलती है टीबी मुक्त भारत एप। संवाद
लखीमपुर खीरी। टीबी (क्षय रोग) के खात्मे और मरीजों की सहायता के लिए लॉन्च किए गए टीबी मुक्त भारत मोबाइल एप को जिले में अब तक 600 से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं। यह एप मरीजों को दैनिक रिमाइंडर भेजता है, जिससे वे समय पर दवा ले रहे हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रमोद रावत ने बताया कि एप की खास विशेषता एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित खुशी चैटबॉट है, जो टीबी से जुड़े मरीजों और आम जनता के सवालों का डिजिटल साथी की तरह तुरंत जवाब देता है। एप पर टीबी के निदान, इलाज, सावधानियों और पोषण संबंधी जानकारी भी उपलब्ध है, जिससे मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है।
-- -- -- -- -- -
एप के जरिये बन सकते हैं निक्षय मित्र
डॉ. रावत ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति किसी टीबी रोगी को गोद लेना या उसे पोषण पोटली देना चाहता है तो एप के जरिये खुद को निक्षय मित्र के रूप में पंजीकृत कर सकता है। विभागीय अफसरों के अप्रूवल के बाद वे सीधे इस मुहिम से जुड़ सकेंगे। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त उपलब्ध है। टीबी के खिलाफ अभियान में योगदान देने के लिए कोई भी नागरिक एप के माध्यम से वॉलंटियर के रूप में पंजीकरण करा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रमोद रावत ने बताया कि एप की खास विशेषता एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित खुशी चैटबॉट है, जो टीबी से जुड़े मरीजों और आम जनता के सवालों का डिजिटल साथी की तरह तुरंत जवाब देता है। एप पर टीबी के निदान, इलाज, सावधानियों और पोषण संबंधी जानकारी भी उपलब्ध है, जिससे मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है।
विज्ञापन
एप के जरिये बन सकते हैं निक्षय मित्र
डॉ. रावत ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति किसी टीबी रोगी को गोद लेना या उसे पोषण पोटली देना चाहता है तो एप के जरिये खुद को निक्षय मित्र के रूप में पंजीकृत कर सकता है। विभागीय अफसरों के अप्रूवल के बाद वे सीधे इस मुहिम से जुड़ सकेंगे। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त उपलब्ध है। टीबी के खिलाफ अभियान में योगदान देने के लिए कोई भी नागरिक एप के माध्यम से वॉलंटियर के रूप में पंजीकरण करा सकता है।
विज्ञापन