{"_id":"6807dce3cea975e943095003","slug":"northeast-railways-loco-pilots-will-now-rest-in-ac-restroom-lakhimpur-news-c-120-sbly1019-144106-2025-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: पूर्वोत्तर रेलवे के लोको पायलट अब एसी विश्रामालय में करेंगे आराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: पूर्वोत्तर रेलवे के लोको पायलट अब एसी विश्रामालय में करेंगे आराम
विज्ञापन
मैलानी। पूर्वोत्तर रेलवे ने लोको पायलटों के कार्य, परिस्थितियों और सुविधाओं में सुधार के लिए मैलानी सहित मंडल के पांच रनिंग रूम (लोको पायलट विश्रामालय) को वातानुकूलित कर हाईटेक कर दिया है। इससे सुरक्षित यात्रा के साथ ही रेल संरक्षा और मजबूत होगी। 97 लोकोमोटिव (इंजन) के कैब में एसी और तीन में शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि मंडल में लोको पायलटों को पहले से बेहतर और पर्याप्त विश्राम के लिए मैलानी, सीतापुर, लखनऊ, गोंडा, गोरखपुर जंक्शन स्थित रनिंग रूम वातानुकूलित कर दिए गए हैं। यही नहीं लोको पायलटों की शारीरिक फिटनेस के लिए रनिंग रूम में फुट मसाजर, रनिंग मशीन, साइकिल, कैरम बोर्ड के इंतजाम भी किए गए हैं। संवाद
पहले कूलर, पंखों से चलता था काम
रनिंग रूम में पहले लोको पायलटों के लिए सिर्फ पंखों और कूलरों की व्यवस्था ही होती थी। ऐसे में भीषण गर्मी के दिनों में उन्हें पर्याप्त नींद और आराम नहीं मिल पाता था। इससे सुरक्षित और संरक्षित यात्रा में संशय की संभावना बनी रहता था।
विज्ञापन
महिला लोको पायलटों के लिए अलग अटैच टॉयलेट और ड्रेसिंग
सभी एकीकृत क्रू रनिंग रूम में महिला लोको पायलटों के लिए अलग अटैच टॉयलेट और ड्रेसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे महिला क्रू (चालक दल) को सुरक्षित और सुविधाजनक विश्राम मिलेगा। जिससे उनकी कार्यक्षमता और कल्याण में वृद्धि होगी। ये कदम लोको पायलटों के कार्यबल को सशक्त बनाने में सहायक साबित होंगें।
97 इंजनों कैब भी हुए वातानुकूलित
गोंडा और गोरखपुर विद्युत लोको शेड के 216 विद्युत लोकोमोटिव (विद्युत इंजन) में 97 के कैब भी वातानुकूलित हो गए हैंं। यही नहीं तीन विद्युत लोकोमोटिव में शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध उपलब्ध कराई गई है। लोकोमोटिव की आरामदायक सीटें, बड़े लुकआउट ग्लास संरक्षा को बढ़ाते हैं। आधे से अधिक इंजनों के केबिनों को एसी, आरामदायक सीटों और अन्य आधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया गया है। सभी नए लोकोमोटिव में एसी और शौचालय उपलब्ध हैं, जबकि पुराने लोकोमोटिव में शौचालय स्थापना के लिए नवीनीकरण और डिज़ाइन संशोधन का कार्य प्रगति पर है। ये प्रयास लोको पायलटों के कार्य वातावरण को और बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगें।
संरक्षा सुदृढ़ करने को अत्याधुनिक तकनीक लागू
रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए मंडल में अत्याधुनिक तकनीक कवच, पायलट अलर्ट सिस्टम और उन्नत ब्रेकिंग सिस्टम से संचालन की सुरक्षा और बढ़ी है। सभी रनिंग कर्मचारियों को नियमानुसार साप्ताहिक विश्राम और आवश्यक अवकाश प्रदान किया जा रहा है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
मंडल के पांच रनिंग रूम मैलानी, सीतापुर, लखनऊ, गोंडा, गोरखपुर जंक्शन को वातानुकूलित किया गया है। पर्याप्त आराम से लोको पायलट को ट्रेन लेकर जाने में कोई परेशानी नहीं होगी और पहले से अधिक सुरक्षित यात्रा के साथ ही रेलवे की संरक्षा और मजबूत होगी।
महेश गुप्ता, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ
विज्ञापन
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि मंडल में लोको पायलटों को पहले से बेहतर और पर्याप्त विश्राम के लिए मैलानी, सीतापुर, लखनऊ, गोंडा, गोरखपुर जंक्शन स्थित रनिंग रूम वातानुकूलित कर दिए गए हैं। यही नहीं लोको पायलटों की शारीरिक फिटनेस के लिए रनिंग रूम में फुट मसाजर, रनिंग मशीन, साइकिल, कैरम बोर्ड के इंतजाम भी किए गए हैं। संवाद
विज्ञापन
पहले कूलर, पंखों से चलता था काम
रनिंग रूम में पहले लोको पायलटों के लिए सिर्फ पंखों और कूलरों की व्यवस्था ही होती थी। ऐसे में भीषण गर्मी के दिनों में उन्हें पर्याप्त नींद और आराम नहीं मिल पाता था। इससे सुरक्षित और संरक्षित यात्रा में संशय की संभावना बनी रहता था।
विज्ञापन
महिला लोको पायलटों के लिए अलग अटैच टॉयलेट और ड्रेसिंग
सभी एकीकृत क्रू रनिंग रूम में महिला लोको पायलटों के लिए अलग अटैच टॉयलेट और ड्रेसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे महिला क्रू (चालक दल) को सुरक्षित और सुविधाजनक विश्राम मिलेगा। जिससे उनकी कार्यक्षमता और कल्याण में वृद्धि होगी। ये कदम लोको पायलटों के कार्यबल को सशक्त बनाने में सहायक साबित होंगें।
97 इंजनों कैब भी हुए वातानुकूलित
गोंडा और गोरखपुर विद्युत लोको शेड के 216 विद्युत लोकोमोटिव (विद्युत इंजन) में 97 के कैब भी वातानुकूलित हो गए हैंं। यही नहीं तीन विद्युत लोकोमोटिव में शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध उपलब्ध कराई गई है। लोकोमोटिव की आरामदायक सीटें, बड़े लुकआउट ग्लास संरक्षा को बढ़ाते हैं। आधे से अधिक इंजनों के केबिनों को एसी, आरामदायक सीटों और अन्य आधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया गया है। सभी नए लोकोमोटिव में एसी और शौचालय उपलब्ध हैं, जबकि पुराने लोकोमोटिव में शौचालय स्थापना के लिए नवीनीकरण और डिज़ाइन संशोधन का कार्य प्रगति पर है। ये प्रयास लोको पायलटों के कार्य वातावरण को और बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगें।
संरक्षा सुदृढ़ करने को अत्याधुनिक तकनीक लागू
रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए मंडल में अत्याधुनिक तकनीक कवच, पायलट अलर्ट सिस्टम और उन्नत ब्रेकिंग सिस्टम से संचालन की सुरक्षा और बढ़ी है। सभी रनिंग कर्मचारियों को नियमानुसार साप्ताहिक विश्राम और आवश्यक अवकाश प्रदान किया जा रहा है।
मंडल के पांच रनिंग रूम मैलानी, सीतापुर, लखनऊ, गोंडा, गोरखपुर जंक्शन को वातानुकूलित किया गया है। पर्याप्त आराम से लोको पायलट को ट्रेन लेकर जाने में कोई परेशानी नहीं होगी और पहले से अधिक सुरक्षित यात्रा के साथ ही रेलवे की संरक्षा और मजबूत होगी।
महेश गुप्ता, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ