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42 गांवों को दिसंबर में नहीं मिल पाया मिट्टी का तेल
लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 03 Jan 2015 06:42 PM IST
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दिसंबर माह में एचपीसीएल के अमौसी डिपो के ड्राई रहने से ईसानगर और धौरहरा ब्लाकों के 42 गांवों में मिट्टी के तेल का वितरण नहीं हो सका। इसके चलते इन गांवों मिट्टी के तेल के लिए किल्लत बनी रही।
जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि 84 किलोलीटर मिट्टी का तेल कम मिलने से यह स्थिति पैदा हुई है। इसमें ब्लाक ईसानगर के वितरक मोबीन अहमद को 60 किलोलीटर और धौरहरा के निगम ऑयल ट्रेडर्स को 24 किलोलीटर मिट्टी का तेल नहीं मिल पाया है। इससे 42 गांवों के केरोसिन का कोटा लैप्स हो गया।
डीएसओ ने यह भी बताया कि मिट्टी के तेल के थोक विक्रेता और मिट्टी के तेल के ब्लाक वितरकों के कमीशन में बढ़ोतरी किए जाने से विभिन्न स्थानों पर मिट्टी के तेल की दरों में संशोधन कर दिया गया है।
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यह दरें डिपो से दूरी के आधार पर तय की गई हैं। इसके अनुसार लखीमपुर, बिजुआ और निघासन मेें 16.45 रुपया प्रति लीटर, गोला, बांकेगंज और मितौली में 16.20 रुपया प्रति लीटर की दर निर्धारित की गई है। इसी तरह मोहम्मदी और मैगलगंज के लिए 16.5 रुपया प्रति लीटर की दर निर्धारित की गई है।
इसी तरह बेलरायां में 16.75 रुपया, पलिया में 16.45, पलिया में 16.45 और 17.25 रुपया प्रतिलीटर की दर तय की गई है। यह दरें ग्रामीण क्षेत्र की हैं जबकि शहरी क्षेत्र की दरें ग्रामीण क्षेत्र की अपेक्षा 05 पैसा प्रति लीटर कम है। जिला पूर्ति अधिकारी ने कोटेदारों से कहा है कि वे निर्धारित दर पर ही मिट्टी के तेल का वितरण करें। अधिक मूल्य लेने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी।
केरोसिन की कालाबाजारी में कोटेदार के खिलाफ रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी। मिट्टी के तेल की कालाबाजारी के आरोप में कुंभी ब्लाक के बस्तौली गांव के कोटेदार देवकुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। बस्तौली के कोटेदार देवकुमार ने वितरक के यहां से उठान करने के बाद 1170 लीटर मिट्टी का तेल कालाबाजार में बेच दिया। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद पूर्ति निरीक्षक ने मोहम्मदी कोतवाली में कोटेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि 84 किलोलीटर मिट्टी का तेल कम मिलने से यह स्थिति पैदा हुई है। इसमें ब्लाक ईसानगर के वितरक मोबीन अहमद को 60 किलोलीटर और धौरहरा के निगम ऑयल ट्रेडर्स को 24 किलोलीटर मिट्टी का तेल नहीं मिल पाया है। इससे 42 गांवों के केरोसिन का कोटा लैप्स हो गया।
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डीएसओ ने यह भी बताया कि मिट्टी के तेल के थोक विक्रेता और मिट्टी के तेल के ब्लाक वितरकों के कमीशन में बढ़ोतरी किए जाने से विभिन्न स्थानों पर मिट्टी के तेल की दरों में संशोधन कर दिया गया है।
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यह दरें डिपो से दूरी के आधार पर तय की गई हैं। इसके अनुसार लखीमपुर, बिजुआ और निघासन मेें 16.45 रुपया प्रति लीटर, गोला, बांकेगंज और मितौली में 16.20 रुपया प्रति लीटर की दर निर्धारित की गई है। इसी तरह मोहम्मदी और मैगलगंज के लिए 16.5 रुपया प्रति लीटर की दर निर्धारित की गई है।
इसी तरह बेलरायां में 16.75 रुपया, पलिया में 16.45, पलिया में 16.45 और 17.25 रुपया प्रतिलीटर की दर तय की गई है। यह दरें ग्रामीण क्षेत्र की हैं जबकि शहरी क्षेत्र की दरें ग्रामीण क्षेत्र की अपेक्षा 05 पैसा प्रति लीटर कम है। जिला पूर्ति अधिकारी ने कोटेदारों से कहा है कि वे निर्धारित दर पर ही मिट्टी के तेल का वितरण करें। अधिक मूल्य लेने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी।
केरोसिन की कालाबाजारी में कोटेदार के खिलाफ रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी। मिट्टी के तेल की कालाबाजारी के आरोप में कुंभी ब्लाक के बस्तौली गांव के कोटेदार देवकुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। बस्तौली के कोटेदार देवकुमार ने वितरक के यहां से उठान करने के बाद 1170 लीटर मिट्टी का तेल कालाबाजार में बेच दिया। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद पूर्ति निरीक्षक ने मोहम्मदी कोतवाली में कोटेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।