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एनएमसी बिल के विरोध में बंद रहे निजी अस्पताल, क्लीनिक
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लखीमुपर खीरी। नेशनल मेडिकल कमीशन विधेयक-2019 (एनएमसी बिल) के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर बुधवार को निजी अस्पताल, क्लीनिक आदि सब बंद रहे। इसके चलते न तो मरीजों को वहां पर दवा मिल सकी और न ही जांचे हो सकी। ऐसे में गंभीर स्थित के मरीजों को जिला और महिला अस्पताल का सहारा लेना पड़ा, जिससे दोनों जगहों पर मरीजों की काफी भीड़ रही।
आईएमके के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बुधवार की सुबह छह बजे से गुरुवार की सुबह छह बजे तक निजी अस्पताल और क्लीनिकों में ताले पड़ गए। जिससे दूर दूराज से दवा लेने आए मरीज और उनके तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जबकि गंभीर हालत में आए मरीजों को जिला और महिला अस्पताल में जाकर इलाज कराना पड़ा। इससे दोनों अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ रहीं। इससे मरीज पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेने तक घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हुए।
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आईएमके के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बुधवार की सुबह छह बजे से गुरुवार की सुबह छह बजे तक निजी अस्पताल और क्लीनिकों में ताले पड़ गए। जिससे दूर दूराज से दवा लेने आए मरीज और उनके तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जबकि गंभीर हालत में आए मरीजों को जिला और महिला अस्पताल में जाकर इलाज कराना पड़ा। इससे दोनों अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ रहीं। इससे मरीज पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेने तक घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हुए।
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