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आपसी संघर्ष में चार साल के अंदर मारे जा चुके हैं नौ तेंदुए
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Nine leopards have been killed within four years in mutual conflict
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की संपूर्णानगर रेंज में मिले तेंदुए के शव के पोस्टमार्टम में उसकी मौत आपसी संघर्ष में होने की पुष्टि हुई है। अभी यह नहीं पता चल सका है कि इस तेंदुए की मौत किसी तेंदुए से ही संघर्ष में हुई है या बाघ ने हमला कर उसे मौत के घाट उतारा है।
वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार साल के अंदर नौ तेंदुए और दो बाघ-बाघिन आपसी संघर्ष में अपनी जान गवां चुके हैं। तेंदुओं की संघर्ष में मौत का कारण बाघों का कुनबा बढ़ने के चलते तेंदुओं के प्राकृतवास पर बढ़ रहा कब्जा बताया जा रहा है।
बाघ संरक्षण के प्रयासों के चलते दुधवा टाइगर रिजर्व समेत समूचे उप्र में बाघ और तेंदुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जंगल सीमित होने के कारण बाघ और तेंदुओं की आबादी के लिहाज से जंगल का दायरा कम पड़ने लगा है। इसके चलते सीमा क्षेत्र और वजूद के लिए बाघ और तेंदुओं के बीच आपसी संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। यह संघर्ष न केवल बाघों के बीच हो रहा है, बल्कि दूसरे हिंसक जानवरों के बीच भी हो रहा है।
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20 फरवरी 2019 को दुधवा रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर एक बाघ का शव बरामद हुआ था, जिसके पोस्टमार्टम में यह बात साबित हुई थी कि बाघ की मौत किसी दूसरे जानवर के साथ संघर्ष में हुई थी। बाद में एक घायल अवस्था में भालू भी दिखा था, जिससे यह अनुमान लगाया गया कि बाघ की जान इसी भालू के साथ संघर्ष के दौरान गई थी। सितंबर 2018 में दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की संपूर्णानगर रेंज में भारत-नेपाल सीमा से सटे सुतिया नाले में एक तेंदुए का शव मिला था। उसके पेट में सींग घुसने जैसा गहरा घाव था। वनाधिकारियों के मुताबिक, उस तेंदुए की मौत गैंडे के साथ संघर्ष में हुई थी।
तेंदुओं की मौत का आंकड़ा
01 अगस्त 2018- संपूर्णानगर रेंज में भारत-नेपाल सीमा से सटे सुतिया नाले में नर तेंदुए का शव मिला।
30 नवंबर 2018- दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्निया घाट वन्यजीव विहार क्षेत्र में तेंदुए का शव मिला।
07 अप्रैल 2019 दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की पलिया रेंज में आपसी संघर्ष में तेंदुए की मौत।
28 जुलाई 2019- शारदा बैराज के गेट में फंसा मिला वयस्क तेंदुए का शव।
24 मई 2020- दुधवा नेशनल पार्क की सठियाना रेंज में आपसी संघर्ष में नर तेंदुए की मौत।
- 23 अप्रैल 2020- दुधवा के कतर्निया घाट में मानव से संघर्ष में एक ही दिन में दो तेंदुओं की मौत।
- 09 मार्च 2021- दुधवा बफरजोन की धौरहरा रेंज की मटेरा बीट में एक मादा तेंदुए का शव मिला।
- 24 मार्च 2022- दुधवा बफरजोन की संपूर्णानगर रेंज में एक नर तेंदुए की आपसी संघर्ष में मौत।
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वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार साल के अंदर नौ तेंदुए और दो बाघ-बाघिन आपसी संघर्ष में अपनी जान गवां चुके हैं। तेंदुओं की संघर्ष में मौत का कारण बाघों का कुनबा बढ़ने के चलते तेंदुओं के प्राकृतवास पर बढ़ रहा कब्जा बताया जा रहा है।
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बाघ संरक्षण के प्रयासों के चलते दुधवा टाइगर रिजर्व समेत समूचे उप्र में बाघ और तेंदुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जंगल सीमित होने के कारण बाघ और तेंदुओं की आबादी के लिहाज से जंगल का दायरा कम पड़ने लगा है। इसके चलते सीमा क्षेत्र और वजूद के लिए बाघ और तेंदुओं के बीच आपसी संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। यह संघर्ष न केवल बाघों के बीच हो रहा है, बल्कि दूसरे हिंसक जानवरों के बीच भी हो रहा है।
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20 फरवरी 2019 को दुधवा रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर एक बाघ का शव बरामद हुआ था, जिसके पोस्टमार्टम में यह बात साबित हुई थी कि बाघ की मौत किसी दूसरे जानवर के साथ संघर्ष में हुई थी। बाद में एक घायल अवस्था में भालू भी दिखा था, जिससे यह अनुमान लगाया गया कि बाघ की जान इसी भालू के साथ संघर्ष के दौरान गई थी। सितंबर 2018 में दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की संपूर्णानगर रेंज में भारत-नेपाल सीमा से सटे सुतिया नाले में एक तेंदुए का शव मिला था। उसके पेट में सींग घुसने जैसा गहरा घाव था। वनाधिकारियों के मुताबिक, उस तेंदुए की मौत गैंडे के साथ संघर्ष में हुई थी।
तेंदुओं की मौत का आंकड़ा
01 अगस्त 2018- संपूर्णानगर रेंज में भारत-नेपाल सीमा से सटे सुतिया नाले में नर तेंदुए का शव मिला।
30 नवंबर 2018- दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्निया घाट वन्यजीव विहार क्षेत्र में तेंदुए का शव मिला।
07 अप्रैल 2019 दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की पलिया रेंज में आपसी संघर्ष में तेंदुए की मौत।
28 जुलाई 2019- शारदा बैराज के गेट में फंसा मिला वयस्क तेंदुए का शव।
24 मई 2020- दुधवा नेशनल पार्क की सठियाना रेंज में आपसी संघर्ष में नर तेंदुए की मौत।
- 23 अप्रैल 2020- दुधवा के कतर्निया घाट में मानव से संघर्ष में एक ही दिन में दो तेंदुओं की मौत।
- 09 मार्च 2021- दुधवा बफरजोन की धौरहरा रेंज की मटेरा बीट में एक मादा तेंदुए का शव मिला।
- 24 मार्च 2022- दुधवा बफरजोन की संपूर्णानगर रेंज में एक नर तेंदुए की आपसी संघर्ष में मौत।