{"_id":"64da7b5a85019a8ccf0ca744","slug":"nighasan-scandal-life-imprisonment-to-two-for-murder-after-raping-two-sisters-two-sentenced-to-six-six-years-fine-also-lakhimpur-news-c-120-1-sbly1015-3833-2023-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: निघासन कांडः दो बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या में दो को उम्रकैद, दो को छह-छह साल की सजा, जुर्माना भी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: निघासन कांडः दो बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या में दो को उम्रकैद, दो को छह-छह साल की सजा, जुर्माना भी
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। अनुसूचित जाति की दो सगी नाबालिग बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में एडीजे राहुल सिंह की पॉक्सो अदालत ने सोमवार को छोटू उर्फ सुनील और जुनैद को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उन पर 46-46 हजार का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में सबूत मिटाने का दोषी करार देते हुए कोर्ट ने आरिफ और डीडी उर्फ करीमुददीन को छह-छह साल की सजा सुनाई है। इन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं फैसले पर असंतुष्टि जताते हुए पीड़िता के परिजनों ने हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है।
निघासन के एक गांव में 14 सितंबर 2022 को मां के सामने ही अनुसूचित जाति की दोनों बहनों को अगवा कर दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी। आत्महत्या दिखाने के लिए शवों को पेड़ से लटका दिया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या किए की पुष्टि हुई थी। इस मामले में पुलिस ने आरिफ, छोटू, करीमुद्दीन और जुनैद समेत छह आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। इनमें से दो नाबालिग हैं।
छोटू के अलावा अन्य सभी आरोपी मृतका के पड़ोस के गांव के ही थे। मामले में 15 सितंबर को मुकदमा दर्ज करने के 14 दिन के अंदर ही 28 सितंबर को पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। 10 महीने 27 दिन तक चली इस मामले की सुनवाई परिजन समेत 15 लोगों ने गवाही दी। 24 दस्तावेजी और 40 वस्तुजनित साक्ष्य पेश किए गए। 12 अगस्त 2023 को ही एडीजे राहुल सिंह की पॉक्सो अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया था। सोमवार को अदालत ने 133 पेज का अपना फैसला और सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
निघासन के एक गांव में 14 सितंबर 2022 को मां के सामने ही अनुसूचित जाति की दोनों बहनों को अगवा कर दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी। आत्महत्या दिखाने के लिए शवों को पेड़ से लटका दिया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या किए की पुष्टि हुई थी। इस मामले में पुलिस ने आरिफ, छोटू, करीमुद्दीन और जुनैद समेत छह आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। इनमें से दो नाबालिग हैं।
विज्ञापन
छोटू के अलावा अन्य सभी आरोपी मृतका के पड़ोस के गांव के ही थे। मामले में 15 सितंबर को मुकदमा दर्ज करने के 14 दिन के अंदर ही 28 सितंबर को पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। 10 महीने 27 दिन तक चली इस मामले की सुनवाई परिजन समेत 15 लोगों ने गवाही दी। 24 दस्तावेजी और 40 वस्तुजनित साक्ष्य पेश किए गए। 12 अगस्त 2023 को ही एडीजे राहुल सिंह की पॉक्सो अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया था। सोमवार को अदालत ने 133 पेज का अपना फैसला और सजा सुनाई।
विज्ञापन