NIA Raid: लखीमपुर के तिकुनिया में एनआईए छापे के बाद चर्चा... आखिर क्या किया गुरनाम ने
सूत्र बताते हैं कि गुरनाम सिंह के खाते में जनवरी में भेजे गए पचास हजार रुपयों का सोर्स संदिग्ध है। एनआईए उसी की जांच कर रही है।
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लखीमपुर खीरी के तिकुनिया क्षेत्र के जसनगर निवासी बुजुर्ग गुरनाम सिंह के घर एनआईए के छापे के बाद तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग आपस में चर्चा कर रहे हैं कि गुरनाम ने आखिर ऐसा क्या कर दिया, जो एनआईए ने छापा मारा। सूत्र बताते हैं कि गुरनाम के खाते में जनवरी में आए पचास हजार रुपयों का सोर्स संदिग्ध है। एनआईए उसी की जांच कर रही है।
बुधवार को एनआईए की टीम और स्थानीय पुलिस गुरनाम सिंह के घर छापेमारी करने पहुंची थी। सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक छह घंटे तक की पूछताछ में गुरनाम सिंह ने एनआईए व चंडीगढ़ की पुलिस के सवालों का सामना किया।
सूत्रों के अनुसार, गुरनाम सिंह ने जनवरी महीने में बेटों से प्राप्त 50 हजार रुपयों की जो जानकारी जांच टीम को दी है, उस रकम का सोर्स संदिग्ध है। यह रकम धोखाधड़ी की हो सकती है। इस संबंध में एक मुकदमा चंडीगढ़ में पंजीकृत है। उसी से जुड़े जांच अधिकारी एनआईए की टीम के साथ आए थे।
हालांकि यह रकम फिलीपींस से आई थी। गुरनाम सिंह के मुताबिक उनके दो बेटे अमनदीप व निर्वर सिंह फिलीपींस में काम करने गए हैं। वहीं से पैसे भेजे थे। अमनदीप सिंह ने उनके खाते में पैसे भेजे थे।
गुरनाम सिंह के घर सन्नाटा
एनआईए के छापे के बाद गुरनाम सिंह के घर पर सन्नाटा पसरा है। जसनगर के ग्रामीणों का कहना है वर्षों से गांव में रहकर खेती-बाड़ी करने वाले साधारण किसान के रूप में गुरनाम सिंह की पहचान है। गुरनाम सिंह ने बताया आज तक किसी राजनीति में नहीं रहे न ही किसी प्रकार का विवाद किसी से किया। मुहाना नदी में कई सालों से आ रही भयंकर बाढ़ में 12 एकड़ जमीन कट गई। अब दो-तीन एकड़ में गुजारा हो रहा है।
आज तक ग्राम पंचायत, विधानसभा, लोकसभा के चुनाव में कभी पाबंद नहीं हुए। उन्होंने कहा कि जांच टीम के आने पर उन्हें किसी प्रकार का भय नहीं है। टीम ने जो मांगा, पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल सब कुछ दे दिया। लेकिन वह तरह-तरह की चर्चाओं से आहत हैं। उधर, उनके घर पहुंचे ग्राम पंचायत खैरेटिया के प्रधान भगत सिंह, फौजी गुरविंदर सिंह तथा अन्य ग्रामीणों ने हाल चाल लिया।